रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों के लिए Jio IPO बड़ा मौका बन सकता है. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि Jio की अलग लिस्टिंग होने से रिलायंस के शेयर में असली वैल्यू सामने आ सकती है. इसका सीधा फायदा RIL के शेयर को मिल सकता है और शेयर की दोबारा अच्छी रेटिंग हो सकती है. मोतीलाल ओसवाल ने Jio Platforms की वैल्यू करीब 11.2 लाख करोड़ रुपये आंकी है. बाजार में संभावित IPO वैल्यू भी करीब 11 लाख करोड़ रुपये मानी जा रही है. यानी दोनों आंकड़े लगभग बराबर हैं. इस वैल्यू पर Jio का कारोबार FY28 के अनुमानित EBITDA के करीब 12 गुना पर आंका जाएगा.
Jio Platforms में रिलायंस इंडस्ट्रीज की करीब 66.48 फीसदी हिस्सेदारी है. 11.2 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू पर इस हिस्सेदारी की कीमत करीब 7.45 लाख करोड़ रुपये बैठती है. मोतीलाल ओसवाल के हिसाब से यह वैल्यू RIL के एक शेयर के हिसाब से करीब 550 रुपये होती है. लेकिन बाजार में होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट लगाया जाता है. यानी जिस कंपनी के पास दूसरी कंपनी के शेयर हैं, उसकी पूरी कीमत अक्सर शेयर बाजार में नहीं मिलती. 25 फीसदी डिस्काउंट लगाने के बाद Jio की रिलायंस को मिलने वाली वैल्यू करीब 413 रुपये प्रति RIL शेयर मानी गई है.
अभी रिलायंस के शेयर में कितनी छूट?
मोतीलाल ओसवाल के हिसाब से RIL के मौजूदा शेयर भाव में Jio की हिस्सेदारी पर करीब 18 से 36 फीसदी तक होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट दिख रहा है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि बाजार रिलायंस रिटेल को कितनी वैल्यू देता है.
अगर रिलायंस रिटेल को सितंबर 2028 के अनुमानित EV/EBITDA के 20 गुना पर वैल्यू किया जाए तो Jio हिस्सेदारी पर करीब 36 फीसदी डिस्काउंट दिखता है. वहीं 15 गुना वैल्यूएशन लेने पर यह डिस्काउंट करीब 18 फीसदी रह जाता है.
IPO आया तो क्या बदलेगा?
अभी Jio की कीमत रिलायंस के अंदर छिपी हुई है. लेकिन अगर Jio Platforms अलग से शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो निवेशक सीधे Jio में पैसा लगा सकेंगे. इससे Jio की बाजार कीमत रोजाना सामने आएगी और रिलायंस के पास मौजूद Jio की हिस्सेदारी की कीमत भी ज्यादा साफ दिखाई देगी. यही वजह है कि ब्रोकरेज को लगता है कि IPO RIL के लिए वैल्यू अनलॉक करने का काम कर सकता है. आसान भाषा में कहें तो रिलायंस के अंदर रखा Jio का बड़ा कारोबार अलग से कीमत पाने लगेगा.
Jio IPO के साथ महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज
मोतीलाल ओसवाल ने एक और अहम बात कही है. उसके मुताबिक Jio का IPO और वोडाफोन आइडिया की प्रस्तावित फंड जुटाने की योजना टेलीकॉम कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाने का रास्ता मजबूत कर सकती है. ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 में स्मार्टफोन टैरिफ में करीब 15 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है. अगर ऐसा होता है तो Jio और भारती एयरटेल की कमाई को फायदा मिल सकता है. ब्रोकरेज को FY26 से FY29 के बीच EBITDA में करीब 15 फीसदी सालाना बढ़ोतरी की उम्मीद है.
Jio की कमाई कितनी पहुंच सकती है?
मोतीलाल ओसवाल के अनुमान के मुताबिक FY28 में Jio का रेवेन्यू करीब 1.69 लाख करोड़ रुपये और EBITDA करीब 95,700 करोड़ रुपये हो सकता है. इस दौरान EBITDA मार्जिन बढ़कर करीब 56.6 फीसदी पहुंचने का अनुमान है. यानी कहानी सिर्फ IPO की नहीं है. Jio की अलग लिस्टिंग के साथ अगर मोबाइल टैरिफ बढ़ते हैं और कमाई तेज होती है तो कंपनी की वैल्यूएशन को भी सहारा मिल सकता है.
रिलायंस के लिए सिर्फ Jio ही कहानी नहीं
मोतीलाल ओसवाल ने RIL पर अपना Buy रेटिंग बरकरार रखा है और 1,530 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक रिलायंस की कहानी सिर्फ Jio तक सीमित नहीं है. RIL के पास रिलायंस रिटेल, ऑयल-टू-केमिकल्स, एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन, न्यू एनर्जी, FMCG, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जियो स्टार जैसे कारोबार हैं. ब्रोकरेज को रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में मजबूती और रिटेल कारोबार की बिक्री व मुनाफे में सुधार से भी शेयर को फायदा मिलने की उम्मीद है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)