Candle Making Business: अगर आप घर से कम लागत में अपना छोटा कारोबार शुरू करने की सोच रहे हैं तो हैंडमेड कैंडल यानी हाथ से बनी मोमबत्ती का काम एक अच्छा विकल्प हो सकता है. आज कैंडल का इस्तेमाल सिर्फ रोशनी के लिए नहीं होता. सेंटेड, डिजाइनर और कस्टमाइज्ड कैंडल घर की सजावट से लेकर गिफ्टिंग, पार्टी और शादी जैसे खास मौकों पर भी इस्तेमाल की जाती हैं. यही वजह है कि अच्छी डिजाइन और आकर्षक पैकिंग वाली कैंडल की मांग बाजार में बनी रहती है.
इस काम की खास बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए बहुत बड़े सेटअप की जरूरत नहीं होती. घर के एक छोटे से हिस्से से भी कैंडल बनाकर काम शुरू किया जा सकता है. धीरे-धीरे डिजाइन बढ़ाकर, सोशल मीडिया और स्थानीय दुकानों के जरिए बिक्री बढ़ाई जा सकती है. बागेश्वर के आरसेटी फैकल्टी चंद्र भानु सिंह भाकुनी और आर्टिस्ट रिचा जोशी ने कैंडल बनाने और इस कारोबार को शुरू करने से जुड़ी जानकारी साझा की है.
कैंडल बिजनेस शुरू करने के लिए क्या चाहिए
आरसेटी फैकल्टी चंद्र भानु सिंह भाकुनी बताते हैं कि कैंडल बनाने के लिए शुरुआत में बहुत बड़े सेटअप की जरूरत नहीं होती. इसके लिए सोया वैक्स या पैराफिन वैक्स, कैंडल विक यानी बत्ती, फ्रेगरेंस ऑयल, कैंडल कलर, कांच के जार और अलग-अलग डिजाइन के सिलिकॉन मोल्ड की जरूरत होती है. इसके अलावा वैक्स पिघलाने के लिए डबल बॉयलर, तापमान देखने के लिए थर्मामीटर और कैंडल की पैकिंग के लिए बॉक्स, लेबल व सजावटी सामान रखा जा सकता है.
ऐसे तैयार होती है हैंडमेड कैंडल
आर्टिस्ट रिचा जोशी बताती हैं कि कैंडल बनाने की प्रक्रिया काफी आसान है. सबसे पहले वैक्स को उचित तापमान पर पिघलाया जाता है. इसके बाद जरूरत के हिसाब से इसमें रंग और फ्रेगरेंस ऑयल मिलाया जाता है. जार या मोल्ड के बीच में विक को सही जगह पर सेट करने के बाद पिघला हुआ वैक्स उसमें डाला जाता है. वैक्स को पूरी तरह ठंडा होने और सेट होने दिया जाता है. इसके बाद मोल्ड वाली कैंडल को बाहर निकाला जाता है, जबकि जार कैंडल को उसी जार में तैयार किया जाता है. आखिर में कैंडल की फिनिशिंग, पैकिंग और लेबलिंग की जाती है.
15 से 50 रुपये तक में तैयार कैंडल
छोटे स्तर पर काम शुरू करने के लिए जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में कच्चा माल खरीदा जा सकता है. शुरुआती लागत इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने मोल्ड, वैक्स, पैकेजिंग और दूसरे सामान खरीदे जा रहे हैं. सामान्य आकार की एक कैंडल तैयार करने में करीब 15 से 50 रुपये तक की लागत आ सकती है. वहीं उसकी बिक्री कीमत खुशबू, आकार, डिजाइन, पैकिंग और इस्तेमाल किए गए वैक्स के हिसाब से 100 से 300 रुपये या उससे अधिक रखी जा सकती है.
इन जगहों पर करें कैंडल की बिक्री
हैंडमेड कैंडल को गिफ्ट शॉप, बुटीक, होम डेकोरेशन स्टोर, कैफे, होटल और रिसॉर्ट में बेचा जा सकता है. इसके अलावा ऑनलाइन बाजार भी आप इन्हें बेच सकते हैं. क्योंकि दिवाली, जन्मदिन, वैलेंटाइन डे, शादी, सालगिरह, क्रिसमस और दूसरे खास मौकों पर कैंडल की मांग बढ़ जाती है. इसके अलावा शादी और कार्यक्रमों में रिटर्न गिफ्ट के लिए नाम या तारीख वाली कस्टमाइज्ड कैंडल भी तैयार की जा सकती हैं. जिससे आपको ज़्यादा मुनाफ़ा होगा.
सोशल मीडिया से बढ़ा सकते हैं बिक्री
शुरुआत में कैंडल को स्थानीय बाजार, परिचितों और आसपास की दुकानों के जरिए बेचा जा सकता है. इसके साथ ही कैंडल की अच्छी फोटो और वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर प्रचार किया जा सकता है. कारोबार बढ़ने पर अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विकल्पों के अनुसार उत्पाद लिस्ट किए जा सकते हैं. स्थानीय होटल, होमस्टे, गिफ्ट शॉप और इवेंट प्लानर से संपर्क करके थोक ऑर्डर भी लिए जा सकते हैं.
20 कैंडल रोज बेचने पर 600 कैंडल महीने में
मान लीजिए एक कैंडल तैयार करने में औसतन 30 रुपये का खर्च आता है और वह 100 रुपये में बिकती है. इसमें पैकिंग, डिलीवरी, प्लेटफॉर्म शुल्क और दूसरे खर्च भी हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक मुनाफा इन्हें निकालने के बाद ही तय होगा. अगर रोजाना 20 कैंडल की बिक्री होती है तो महीने में करीब 600 कैंडल बेची जा सकती हैं. कैंडल की डिजाइन, बिक्री कीमत और लागत के हिसाब से इससे अतिरिक्त आय बनाई जा सकती है. हालांकि कमाई निश्चित नहीं होती और यह बिक्री, ग्राहक, गुणवत्ता, मार्केटिंग और दूसरे खर्चों पर निर्भर करती है.
कस्टमाइज्ड कैंडल से बना सकते हैं अलग पहचान
इस कारोबार में सामान्य कैंडल के साथ नाम, तारीख, संदेश, लोगो और खास डिजाइन वाली कैंडल भी तैयार की जा सकती हैं. शादी के रिटर्न गिफ्ट, गिफ्ट हैम्पर और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग के लिए अलग पैक तैयार किए जा सकते हैं. इस तरह घर से छोटे स्तर पर शुरू किया गया कैंडल बिजनेस धीरे-धीरे स्थानीय दुकानों, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक बढ़ाया जा सकता है.