प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्नी अमृता राय ने पूछा ऐसा सवाल, हंसकर बोले दिग्विजय सिंह-घर में रोज यही होता है

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्नी अमृता राय ने पूछा ऐसा सवाल, हंसकर बोले दिग्विजय सिंह-घर में रोज यही होता है


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Digvijaya Singh Wife Amrita Rai: दिग्विजय सिंह दशहरे से महाकाल की नगरी उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करेंगे. इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी पत्नी अमृता राय के साथ हंसी मजाक के पल दिखे, जहां उन्होंने बाद में बीजेपी और RSS पर हमला बोला है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय कर लिया है कि कोई और उनके अलावा पीएम नहीं बनेगा.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह और अमृता राय के बीच हुआ हंसी मजाक

Digvijaya Singh: दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करेंगे. यह यात्रा वह उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे और पूरी यात्रा पैदल होगी. इससे पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां उनके और उनकी पत्नी अमृता राय के बीच हंसी मजाक देखने को मिला है. इस दौरान दिग्विजय सिंह ने उनसे कहा कि वह मीडिया के सवालों के जवाब दे दें.

इस पर अमृता राय ने हंसी में कहा कि मुझे आपके साथ नहीं, सामने बैठना है. दरअसल उनका इशारा पत्रकारों की ओर था कि वह पत्रकारों के साथ बैठना चाहती हैं. क्योंकि अमृता खुद एक पत्रकार रह चुकी हैं. जब उन्होंने सामने बैठने का इरादा जाहिर किया, तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि घर पर रोज यही होता है. मुझे डर लग रहा था. तुम ऐसा ना बोल दो. यात्रा को लेकर अमृता ने कहा कि दिग्विजय सिंह सतपुड़ा के समान अडिग और निर्मल हैं. यह यात्रा सफल रहेगी.

दिग्विजय सिंह ने PM मोदी पर बोला हमला
दिग्विजय सिंह ने कहा कि 12 साल में देश के क्या हालात हैं सभी ने देखा. अटल जी भी प्रधानमंत्री रहे, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर अतिक्रमण नहीं किया. मोदी ने तो कैसे ठाना है कि देश में कोई और पीएम कोई और सरकार नहीं बन सकती. वो सम्बोधन केवल इसलिए नहीं बदल सके, क्योंकि दो तिहाई बहुमत नहीं है. मैं आरएसएस का विरोधी रहा हूं, क्योंकि विचारधारा मेल नहीं खाती. मेरी विचारधारा गांधीवादी विचारधारा है. गांधी से बड़ा कोई और हिन्दू हो सकता है क्या? गोडसे को गांधी जी की हत्या की प्रेरणा सावरकर से मिली. संघ से मिली.

दिग्विजय ने RSS को निशाने पर लिया
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस तो अपंजीकृत संस्था है. जब कोई एक्ट्रेमिस्ट सामने आता है, तो कह देते हैं हमारे सदस्य नहीं हैं. हम कैसे मान लें संस्था अपंजीकृत है. फंड कहां से आ रहा पता नहीं है. ऐसी संस्था का नाम प्रधानमंत्री लाल किले से लेते हैं. विश्व का सबसे बड़ा NGO बताते हैं, लेकिन अपंजीकृत NGO है. अपंजीकृत NGO का दिल्ली के झंडेवाला में सबसे बड़ा और सुंदर ऑफिस है. स्टैंडिंग कमिटी में रहते हुए देखा है कि कैसे RSS ने पूरे सिस्टम पर कब्जा कर रखा है. विश्वविद्यालयों की नियुक्ति में हर जगह संघ का कब्जा है.

उन्होंने कहा कि जहां जाओ वहां संघ के लोग हैं. इलेक्शन कमीशन, विश्वविद्यालय, यूजीसी तक में संघ के लोगों का कब्जा है. एनटीए के चेयरमैन प्रदीप जोशी की संघ ने शिवराज जी ने शिफारिश की गई, तो उन्हें MPPSC का चेयरमैन बना दिया. यहां शिकायतें हुई तो CGPSC का चेयरमैन बना दिया.

950 किलोमीटर की है पूरी यात्रा
उन्होंने कहा कि वहां शिकायतें आई तो UPSC और NTA ने बनाया. यानी जब-जब अनियमितता सामने आई, तो प्रमोशन हुआ. ये लोग उज्जैन से लेकर ओरछा और अयोध्या तक भ्रष्टाचार कर रहे हैं. 950 किलोमीटर की ये हमारी तीसरी यात्रा है.



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