मर्चेंट शिप्स पर ड्रोन स्ट्राइक से गुस्से में भारत, जंग रोकने के लिए प्रस्ताव
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ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि मर्चेंट जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए. इन हमलों में कई भारतीय नाविक फंसे और घायल हुए हैं. भारत ने दोनों देशों से बातचीत की अपील करते हुए जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और अनाज-ऊर्जा सप्लाई बहाल करने पर जोर दिया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल.
नई दिल्ली: ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इन हमलों के बीच भारतीय नाविकों की जान पर संकट खड़ा हो गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति पर सख्त ऐतराज जताते हुए हमलों की तीखी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि सिविल जहाजों और बेकसूर नाविकों को निशाना बनाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में माल ढुलाई और व्यापार पूरी तरह ठप होने का खतरा पैदा हो गया है. हालिया घटनाओं में कई मर्चेंट जहाजों को निशाना बनाया गया. इनमें भारतीय नाविक भी सवार थे. कुछ नाविक घायल हुए हैं और कई को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित निकाला गया है. भारत ने सभी पक्षों को चेतावनी देते हुए कहा है कि समुद्री रास्तों पर जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही तुरंत बहाल होनी चाहिए.
ब्लैक सी में किन चार जहाजों पर हुआ हमला?
ब्लैक सी के इलाके में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं. एमवी रॉयड मम्मदोव जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक मौजूद थे. इस अटैक में एक भारतीय नागरिक घायल हो गया था. उसका समय पर इलाज कराया गया है. रोमानिया में मौजूद भारतीय दूतावास तीनों नागरिकों के लगातार संपर्क में बना हुआ है.
इसके अलावा अल्फा वतन जहाज पर भी घातक हमला हुआ है. इस जहाज के क्रू मेंबर्स की मौजूदा स्थिति का अभी पूरी तरह पता नहीं चल सका है. वहीं एमवी एबल पर ड्रोन अटैक की खबर आई थी. इस हमले के तुरंत बाद राहत बचाव कार्य शुरू किया गया. इस रेस्क्यू में सभी 18 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया. बचाए गए लोगों में 7 भारतीय नागरिक शामिल हैं. इनमें से एक घायल भारतीय का अस्पताल में इलाज चल रहा है. एक अन्य बड़ी घटना तेल टैंकर एफ्रामैक्स रियो के साथ हुई. इस टैंकर पर हमले के बाद हड़कंप मच गया था. राहत की बात यह रही कि जहाज पर तैनात सभी 23 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
अबू धाबी में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर क्या है ताजा अपडेट?
विदेश मंत्रालय ने कैप्टन स्मित मच्छर के स्वास्थ्य को लेकर भी अहम जानकारी साझा की है. कैप्टन स्मित मच्छर इस समय अबू धाबी में उपचाराधीन हैं. भारतीय दूतावास की टीम लगातार अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर से फीडबैक ले रही है. इसके साथ ही दूतावास के अधिकारी कैप्टन के परिवार से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार उनकी मेडिकल कंडीशन में लगातार सुधार हो रहा है. स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ ही उनके परिजनों को हर जरूरी सहायता दी जा रही है. समुद्री क्षेत्र में तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अलर्ट पर है.
जहाजों और अनाज सप्लाई को बचाने के लिए भारत ने क्या प्लान बनाया है?
यूक्रेन संघर्ष के बीच ब्लैक सी में बढ़ते तनाव को थामने के लिए भारत ने कूटनीतिक पहल शुरू की है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में इस पूरे मामले पर देश के प्रस्ताव को विस्तार से सामने रखा है. उन्होंने साफ किया कि भारत इस संकट को टालने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
हमारी पहली प्राथमिकता ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही खाद्यान्न और एनर्जी के सुरक्षित एक्सपोर्ट को लेकर रूस और यूक्रेन दोनों की चिंताओं को दूर करना जरूरी है. भारत व्यापारिक जहाजों पर किसी भी तरह के हमलों को रोकने के लिए दोनों देशों से लगातार बातचीत कर रहा है. समुद्री रास्तों पर सुरक्षित आवागमन बनाए रखने के लिए हर स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं.
पुतिन से मुलाकात के बाद जंग रोकने के लिए भारत ने क्यों तेज की बातचीत?
यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख शुरू से बिल्कुल साफ और अडिग रहा है. भारत का मानना है कि इस विवाद का हल सिर्फ बातचीत और कूटनीति से ही निकाला जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंचों पर स्पष्ट कहा है कि यह दौर युद्ध का नहीं है. जंग के मैदान में कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता. बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बड़ा संदेश दिया था. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अब समय आ गया है कि कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा’.
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