क्‍या हरीश रावत के ‘पुष्पा’ बनने की वजह विधायक उमेश कुमार हैं? समझें असल कहानी, क्‍यों वो कांग्रेस आलाकमान के आगे झुकने को तैयार नहीं

क्‍या हरीश रावत के ‘पुष्पा’ बनने की वजह विधायक उमेश कुमार हैं? समझें असल कहानी, क्‍यों वो कांग्रेस आलाकमान के आगे झुकने को तैयार नहीं


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Uttarakhand Harish Rawat News : उमेश कुमार ने भी हरीश रावत के नाम आज खुली चिट्ठी लिखी है. जिसमें उन्होंने कहा है कि वो जन निर्माण पार्टी की स्थापना कर चुके हैं और उसके बैनर तले चुनाव लड़ेंगे. उमेश लिखते हैं- “हरदा, आपकी कांग्रेस आपको मुबारक. मेरे नाम पर अपनी सियार वाली सियासत का रंग मत दिखाओ”. आइये जानते हैं विस्‍तार से…

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खानपुर विधायक उमेश कुमार ने हरीश रावत के नाम खुली चिट्ठी लिखी है.

देहरादून : पिछले दो दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में खूब शोर मचा हुआ है और वजह है कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान. अक्सर सुर्खियां बटोरने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत अपनी धन्यवाद यात्रा की वजह से चर्चा में हैं. आलाकमान ने यात्रा को लेकर चेतावनी दी है, पर लगता नहीं कि रावत झुकने को तैयार हैं. केंद्रीय नेताओं को अपना पक्ष शेयर करने के लिए हरीश रावत आज दिल्ली जा रहे हैं. शाम को उत्तराखंड प्रभारी शैलजा से मिलेंगे और गुरुवार को पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल के साथ बातचीत करेंगे. रावत और शैलजा की मुलाकात दिल्ली में तय है, जबकि शैलजा आज उत्तराखंड में है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला कितने आगे बढ गया है.

अखिर क्यों हरीश रावत “पुष्पा” बनने की राह पर हैं
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तेवर अचानक इतने तल्ख क्यों हो गए हैं. ये समझने के लिए कांग्रेस के अंदरूनी समीकरण समझने होंगे. रावत की यात्रा हरिद्वार से लेकर नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में निकली है. नैनीताल जिले के रामनगर विधानसभा में हुए स्वागत से गदगद रावत ने सोशल मीडिया ताज़ी पोस्ट में लिखा है – “रामनगर के अपार स्नेह, सम्मान और विश्वास ने मुझे और मजबूती से जनता के बीच खड़े होकर उत्तराखंड के हक, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते रहने का संकल्प दिया है.”

बात हरिद्वार की करें तो ये जिला कांग्रेस के लिए मुफीद रहा है. यहां की 11 सीटों में से 5 कांग्रेस के पास है, जिसमें हरिद्वार ग्रामीण भी शामिल है, जहां से हरीश रावत की पुत्री अनुपमा विधायक हैं. इसी जिले की खानपुर सीट पर रावत की नजर है. वजह है इंडिपेंडेंट विधायक उमेश कुमार, जिन्होंने 2016 में बतौर सीएम हरीश रावत का अंडरकवर ऑपरेशन किया था, जिसके चलते रावत की सरकार दिक्कतों में आ गई. सूत्रों की मानें तो उमेश की पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के साथ नजदीकियां बढ़ी हैं, जिनको लेकर हरीश रावत ने विरोध किया है. कांग्रेस का एक धड़ा, जिसमें AICC से लेकर PCC तक नेता शामिल हैं, उमेश को एंट्री दिलाना चाहते हैं.

इस सबके बीच रावत ऐलान कर चुके हैं कि वो हरिद्वार जिले से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और बाकायदा उमेश की विधानसभा खानपुर की ओर कूच कर चुके है. रावत समर्थकों का कहना है कि खानपुर में हवा कांग्रेस के पक्ष में है. रावत इतने भर से माने नहीं. अपने समर्थकों को गोलबंद करने के लिए वो यात्रा में जुटे तो कांग्रेस के कई नेताओं को आपत्ति हुई. उन्होंने रावत के मूव को पार्टी के लिए घातक माना है.

सोशल मीडिया में छिड़ी जंग
इस बीच सोशल मीडिया में उमेश कुमार का शैलजा को एक गुलदस्ता देते हुए फोटो खासा वायरल हुआ है. अब एक नया पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस प्रभारी शैलजा को हटाने के मांग की गई है. लेकिन पोस्टर जारी किसने किया है, इसकी मालूमात नहीं है.

रावत अपनी लड़ाई के मायने साफ तौर पर जाहिर कर चुके हैं. मंगलवार को उन्होंने पोस्ट में बिना नाम लिए कहा कि 2016 में कांग्रेस सरकार गिराने में जो व्यक्ति “इंस्ट्रूमेंट” बना, आज उसी व्यक्ति को हुड़दंगिये कांग्रेसी “महामंडित” करने में लगे है. रावत ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है कि जिस व्यक्ति के कारण उत्तराखंड से 10 साल के लिए कांग्रेस की विदाई हुई, वो आज कुछ नेताओं के लिए “हीरो” बना हुआ है.



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