RBI MPC Meet Today : रेपो रेट घटेगा या बढ़ेगा, आज चलेगा पता? किस टाइम होगा ऐलान, जानिए

RBI MPC Meet Today : रेपो रेट घटेगा या बढ़ेगा, आज चलेगा पता? किस टाइम होगा ऐलान, जानिए


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RBI MPC Meeting Announcement : आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी आज गवर्नर संजय मल्‍होत्रा देंगे. तगड़ी संभावना यही है कि इस बार केंद्रीय बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा. अगर ब्‍याज दर बढ़ती है तो आपके कार और होम लोन की ईएमआई बढ़ सकती है. FD कराने वालों को रेपो रेट बढ़ने से फायदा हो सकता है.

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अगस्त 2026 में हुई बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा था. (Photo : Reuters)

RBI MPC Meet October 2026: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक आज, बुधवार 7 अक्‍टूबर का खत्‍म हो जाएगी. इस बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे. सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्‍या केंद्रीय बैंक इस बार ब्‍याज दर में कोई बदलाव करता है या नहीं. महंगाई, कच्चे तेल की ऊंची कीमत और रुपये में कमजोरी की वजह से इस बार ज्‍यादातर विश्‍लेषकों का मानना है कि आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा.

आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा आज सुबह 10 बजे नई मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे. इसके बाद दोपहर में वे प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. आरबीआई के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आप संजय मल्‍होत्रा के संबोधन को देख सकते हैं. पिछले 4 बैठकों से रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है.

रेपो रेट में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इकरा (ICRA) और ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सॉक्‍स का अनुमान है कि इस बार रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट का इजाफा किया जा सकता है. Reuters के सर्वे में करीब 60% अर्थशास्त्रियों ने 0.25% की बढ़ोतरी का अनुमान जताया है. बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी की अध्यक्ष सीए किंजल शाह ने भी रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्‍मीद जताई है् उनका कहना है कि यह देखना दिलचस्‍प होगा कि महंगाई को नियंत्रित रखने, घरेलू आर्थिक वृद्धि और बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए आरबीआई क्‍या रुख अपनाता है.

रेपो रेट में बदलाव से क्या होगा?

रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर कर्ज पर पड़ता है. RBI से बैंकों के लिए पैसा महंगा होने पर बैंक इसका बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं. इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें और EMI बढ़ सकती हैं. वहीं, FD पर भी असर पड़ सकता है. जमा बढ़ाने के लिए बैंक FD की ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं, जिससे निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिल सकता है.



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