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Indore News: बाबा रामदेव और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है. पतंजलि फूड्स ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर 50 करोड़ रुपये की मानहानि याचिका वापस ले ली है. दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद हाईकोर्ट ने मामले का निराकरण कर दिया.
बाबा रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के बीच विवाद खत्म.
रिपोर्ट: मिथिलेश गुप्ता
योग गुरु बाबा रामदेव और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद अब पूरी तरह समाप्त हो गया है. पतंजलि फूड्स ने इंदौर हाईकोर्ट से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर 50 करोड़ रुपये की मानहानि याचिका वापस ले ली है.
हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर शाखा में जस्टिस संदीप एन. भट्ट की बेंच में मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान पतंजलि फूड्स ने कोर्ट से अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी. कंपनी की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है. दोनों पक्षों में समझौते की जानकारी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी. इसके साथ ही कोर्ट ने इस मानहानि याचिका का निपटारा कर दिया.
2022 में शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला साल 2022 में शुरू हुआ था. उस समय पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बयान दिया था. पूर्व सांसद ने पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर टिप्पणी की थी. पतंजलि का आरोप था कि बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान से कंपनी की ब्रांड छवि और कारोबार प्रभावित हुआ था. इसके बाद कंपनी की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि की याचिका कोर्ट में लगाई गई थी.
पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच विवाद पिछले माह दिल्ली में खत्म हुआ था. संतों के बीच दोनों ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मुलाकात की. आपसी गिले-शिकवे दूर किए थे. (ANI)
पूर्व सांसद ने क्या कहा था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था, ”गाय-भैंस पालोगे, तभी शुद्ध घी मिलेगा, नहीं तो रामदेव का नकली घी खाना पड़ेगा”. इस बयान के चलते ही कंपनी ने केस दायर किया था. बृजभूषण के बयान के बाद पतंजलि के उत्पादों की खरीद पर असर पड़ने की बात भी कंपनी ने कही थी.
विजय नगर में पतंजलि का कार्यालय
पतंजलि फूड्स का कार्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित है. दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौते के बाद अब यह 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला कोर्ट से पूरी तरह खत्म हो गया है.