ACP विवेक भगत पर यू-टर्न या फिर…अब सरकार दोबारा जारी करेगी प्रमोशन लिस्‍ट – Delhi Police ACP Vivek Bhagat Promotion to Additional DCP stalled

ACP विवेक भगत पर यू-टर्न या फिर…अब सरकार दोबारा जारी करेगी प्रमोशन लिस्‍ट – Delhi Police ACP Vivek Bhagat Promotion to Additional DCP stalled


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ACP विवेक भगत पर यू-टर्न या फिर…अब सरकार दोबारा जारी करेगी प्रमोशन लिस्‍ट

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ACP Vivek Bhagat News: दिल्‍ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित तौर पर दुर्व्‍यवहार करने का आरोप लगा है. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है. इसी बीच, दिल्‍ली पुलिस के 12 अधिकारियों के प्रमोशन की लिस्‍ट जारी कर दी गई. इसमें एसीपी विवेक भगत का नाम भी शामिल था.

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दिल्‍ली पुलिस के ACP विवेक भगत के प्रमोशन को रोक दिया गया है. (फाइल फोटो)

ACP Vivek Bhagat News: दिल्‍ली पुलिस के ACP विवेक भगत को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. अब उन्‍हें एडिशनल डीसीपी का चार्ज नहीं दिया जाएगा. दिल्‍ली सरकार ने सोमवार को जारी अपने आदेश को संशोधित करने की बात कही है. विवेक भगत पर कुछ महिला पत्रकारों ने कथित तौर पर उत्‍पीड़न करने का आरोप लगाया है. ऐसे में भगत को प्रमोट कर एडीसीपी का कार्यभार सौंपने का आदेश सामने आने के बाद सवाल उठने लगे थे. इसे बाद अब इस मामले में स्‍पष्‍टीकरण सामने आया है. अब दिल्‍ली पुलिस के ACP विवेक भगत को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) का वर्तमान कार्यभार सौंपने संबंधी आदेश में संशोधन करने का फैसला किया गया है. बताया जाता है कि भगत ने स्वयं अनुरोध किया है कि मामले की पूरी जांच होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक पहुंचने तक वह यह अतिरिक्त जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करेंगे.

दिल्ली सरकार ने सोमवार देर रात अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर जारी स्पष्टीकरण में कहा कि 5 अक्टूबर को दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के 12 अधिकारियों को ADCP के पद का कार्यभार सौंपने का आदेश जारी किया गया था. अब इस आदेश में विवेक भगत के संबंध में संशोधन किया जा रहा है. सरकार ने स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार देने का प्रस्ताव 25 अगस्त को ही शुरू किया गया था और यह हालिया घटनाक्रम से काफी पहले की प्रक्रिया थी. आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद 5 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया. सरकार के मुताबिक, इसलिए मूल आदेश को हालिया विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

अब सरकार ने क्‍या कहा

स्पष्टीकरण में कहा गया कि ADCP का वर्तमान कार्यभार एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है. इससे संबंधित अधिकारियों को कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता और वे नियमित रूप से नियुक्त ADCP के वैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों का इस्तेमाल नहीं कर सकते. हालांकि, बताया जाता है कि महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न से जुड़े मामले में अपना नाम सामने आने के बाद विवेक भगत ने स्वेच्छा से अतिरिक्त कार्यभार नहीं लेने का अनुरोध किया. सरकार ने कहा कि उनकी इस मांग को देखते हुए 5 अक्टूबर के आदेश में संशोधन किया जा रहा है. अब ADCP का वर्तमान कार्यभार देने संबंधी आदेश शेष 11 अधिकारियों के लिए दोबारा जारी किया जाएगा.

क्राइम ब्रांच कर रही आरोपों की जांच

यह घटनाक्रम शनिवार को जंतर-मंतर पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की ओर से दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद सामने आया है. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसे इस संबंध में शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई थी. इसी दौरान महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए. आरोपों के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया.

आदेश में किनका था नाम

मूल आदेश में विवेक भगत के अलावा डॉ. विकास श्योकंद, ए वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेनू लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीणभाई, गरिमा तिवारी, आशीष कुमार, मनीष लाडला और रोहित गुप्ता को ADCP का वर्तमान कार्यभार सौंपा गया था. अब संशोधित आदेश में भगत को हटाकर बाकी 11 अधिकारियों के संबंध में व्यवस्था जारी की जाएगी. जांच की प्रगति और उसके बाद की प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में फिलहाल कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई है.



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