सीधी-सतना समेत 7 जिलों में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, मध्य प्रदेश के मौसम की ताजा रिपोर्ट

सीधी-सतना समेत 7 जिलों में आज आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, मध्य प्रदेश के मौसम की ताजा रिपोर्ट


जबलपुर. मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद दिन में गर्मी हो रही है, तो रात में ठंड महसूस होने लगी है. पिछले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और इंदौर में 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. राजधानी भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी पारा गिरा है. दिन में तेज धूप के चलते गर्मी और उमस का असर बरकरार है लेकिन शाम होते ही राहत महसूस हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड बना रहेगा. 6, 7 और 8 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट बताया गया है. आज यानी 6 अक्टूबर को 7 जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश की संभावना बन रही है. इन जनपदों में येलो अलर्ट रहेगा.

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, रीवा, सतना और पन्ना में आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. IMD ने लोगों से प्रभावित जिले वासियों से सतर्क रहने की अपील की है. आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों पर न रहें. इस दौरान टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास भी न खड़े हों.

भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में आज मौसम साफ रहेगा. दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी और उमस महसूस होगी, तो वहीं शाम होते ही तापमान में गिरावट होने पर थोड़ी राहत मिलेगी. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा. आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और फर्क देखने को मिलेगा, जो सर्दी के मौसम की दस्तक देगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.2 इंदौर में रिकॉर्ड हुआ.

इस साल 30 जिलों में कम हुई बारिश
बताते चलें कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है. मानसून ने इस साल प्रदेश में 24 जून को एंट्री ली थी और तीन अक्टूबर को विदाई ली. राज्य में मानसून 100 दिन सक्रिय रहा. इस सीजन में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम है. पूर्वी राज्य में चार फीसदी ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं पश्चिमी एमपी में 12 फीसदी कम बारिश हुई. भोपाल, ग्वालियर, राजगढ़, कटनी समेत प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ. वहीं इस साल 30 जिलों में कम बारिश हुई है, जिनमें उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, रीवा और सागर भी शामिल हैं.



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