लाहौल-स्पीति जिला परिषद पर भाजपा का कब्जा, ठिनले देचेन बनीं अध्यक्ष, सुरेश कुमार उपाध्यक्ष निर्वाचित, सत्तारुढ़ कांग्रेस को तगड़ा झटका

लाहौल-स्पीति जिला परिषद पर भाजपा का कब्जा, ठिनले देचेन बनीं अध्यक्ष, सुरेश कुमार उपाध्यक्ष निर्वाचित, सत्तारुढ़ कांग्रेस को तगड़ा झटका


केलांग. हिमाचल प्रदेश में आखिरकार लाहौल-स्पीति जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चल रही सियासी जद्दोजहद खत्म हो गई. सोमवार को हुए चुनाव में काजा वार्ड से भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्य ठिनले देचेन अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं, जबकि सुरेश कुमार ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. अध्यक्ष पद पर ठिनले देचेन को पांच और उनकी प्रतिद्वंद्वी शशि किरण को चार वोट मिले. वहीं उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार को छह, जबकि रंजीत को तीन वोट प्राप्त हुए.

दरअसल, लाहौल-स्पीति जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव लंबे इंतजार के बाद संपन्न हुआ. इससे पहले 21 सितंबर को कोरम पूरा नहीं होने के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा था और पांच अक्टूबर को नई तिथि निर्धारित की गई थी.

अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित काजा वार्ड की जिला परिषद सदस्य ठिनले देचेन ने पांच वोट हासिल कर जीत दर्ज की. वहीं कांग्रेस समर्थित शशि किरण को चार वोट मिले. इस तरह ठिनले देचेन ने एक वोट के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया. इसके बाद हुए उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बरपा वार्ड से जिला परिषद सदस्य सुरेश कुमार को छह वोट मिले, जबकि विकास मंच समर्थित रंजीत को तीन वोट प्राप्त हुए. इस तरह सुरेश कुमार तीन वोट के अंतर से उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए.

चुनाव के दौरान जिला परिषद के कुल नौ निर्वाचित सदस्य मौजूद रहे. जिला परिषद की अध्यक्ष पद की कमान अब भाजपा समर्थित सदस्य के हाथ में है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर सुरेश कुमार निर्वाचित हुए हैं.

भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने ठिनले देचेन की जीत पर उन्हें और सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि जिला परिषद में भाजपा की जीत जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है. रवि ठाकुर ने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा भाजपा प्रत्याशियों को दिए गए समर्थन का उल्लेख करते हुए इसे उत्साहजनक बताया. उन्होंने प्रशासन का भी निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए आभार जताया. रवि ठाकुर ने कहा कि लाहौल-स्पीति जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है. उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष ठिनले देचेन के सफल कार्यकाल और जिला परिषद के सुचारू संचालन की कामना की.

पूर्व मंत्री राम लाल मारकंडा ने उठाए सवाल

वहीं दूसरी ओर, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं लाहौल-स्पीति विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. रामलाल मारकंडा ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए. डॉ. मारकंडा ने आरोप लगाया कि लाहौल-स्पीति में जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच एक अनौपचारिक समझौता हुआ था, जिसके तहत अध्यक्ष पद भाजपा और उपाध्यक्ष पद लाहौल-स्पीति विकास मंच के खाते में जाने की बात थी. उनका आरोप है कि विकास मंच ने अध्यक्ष पद के लिए भाजपा का समर्थन किया, लेकिन उपाध्यक्ष पद के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी की बजाय सुरेश कुमार के निर्वाचित होने से यह समीकरण बदल गया. हालांकि, मारकंडा के इन आरोपों को उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में ही देखा जा रहा है.

गौर रहे कि अब जिला परिषद के सामने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन और ग्रामीण विकास जैसे स्थानीय मुद्दों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी. नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सामने जिला परिषद के कामकाज को गति देने की जिम्मेदारी रहेगी.



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