बेजुबानों की मदद के लिए अनंत अंबानी का बड़ा कदम, देशभर की 50+ संस्थाओं को जोड़ा – Anant Ambani launches national initiative for community animal

बेजुबानों की मदद के लिए अनंत अंबानी का बड़ा कदम, देशभर की 50+ संस्थाओं को जोड़ा – Anant Ambani launches national initiative for community animal


Vantara News: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले फिलांथ्रोपिस्ट अनंत एम. अंबानी ने विश्व पशु दिवस (वर्ल्‍ड एनिमल डे) के अवसर पर ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ पहल की शुरुआत की है. वनतारा की इस पहल का उद्देश्य देश में सामुदायिक पशु कल्याण को मजबूत करना और पशुओं की देखभाल करने वाले संगठनों को व्यावहारिक एवं टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराना है.

इस राष्ट्रीय पहल के तहत देशभर के 50 से अधिक पशु कल्याण संगठनों को एक मंच पर लाया गया है. ये संगठन कुत्तों, बिल्लियों और बड़े पशुओं की देखभाल के साथ-साथ पशु चिकित्सा अस्पताल, मोबाइल रेस्क्यू और वेटरनरी सेवाएं तथा लंबे समय तक पशुओं की देखभाल जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं. पहल के जरिए हर साल देशभर में करीब 20 लाख पशुओं तक पहुंचने और उन्हें पशु चिकित्सा, बचाव, आश्रय, भोजन तथा दीर्घकालिक देखभाल उपलब्ध कराने का अनुमान है.

‘चैंपियंस ऑफ केयर’ के तहत सड़कों पर रहने वाले कुत्तों और बिल्लियों के अलावा छोड़े गए या काम में इस्तेमाल होने वाले मवेशी, गधे और घोड़े भी शामिल हैं. घायल, उपेक्षित या छोड़ दिए गए पशुओं की देखभाल पर भी जोर दिया जाएगा. कुत्तों और बिल्लियों के लिए जिम्मेदार आबादी प्रबंधन तथा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों को भी महत्वपूर्ण माना गया है.

अनंत अंबानी ने इस मौके पर कहा कि देश में ऐसे असंख्य लोग हैं जो सीमित संसाधनों के बावजूद पशुओं की मदद करते हैं और उनके काम को अक्सर पहचान नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि ‘चैंपियंस ऑफ केयर’ के माध्यम से ऐसे लोगों और संगठनों के साथ खड़े होकर सामुदायिक पशुओं के लिए उपलब्ध देखभाल को मजबूत करने और अधिक संवेदनशील भारत के निर्माण में योगदान देने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि उनके लिए ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ का यही वास्तविक अर्थ है.

इस अवसर पर भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) के आठ सदस्यों ने भी हिस्सा लिया. बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा सदस्य एसपी. गुप्ता ने अनंत अंबानी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संगठनों की जमीनी चुनौतियों को समझने और उनके लिए व्यावहारिक तथा टिकाऊ समाधान तलाशने का प्रयास किया है.

दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पहले दिन प्रतिभागियों ने वनतारा की सुविधाओं का दौरा किया. उन्होंने हाथियों और शेर, बाघ तथा तेंदुए जैसे बड़े मांसाहारी पशुओं के लिए बनाए गए केंद्रों के साथ-साथ बाइसन, जेब्रा और विभिन्न प्रजातियों के हिरण जैसे शाकाहारी पशुओं के लिए प्राकृतिक वातावरण वाली सुविधाओं को देखा. दूसरे दिन संगठनों ने अपने अनुभव और चुनौतियां साझा कीं तथा ज्ञान, विशेषज्ञता, संसाधनों और क्षमताओं को साझा करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की.

कार्यक्रम का प्रमुख पड़ाव वनतारा और सभी भागीदार पशु कल्याण संगठनों के बीच ‘लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ पर हस्ताक्षर रहा. इसके जरिए सहयोग, ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण और जमीनी जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक सहायता का ढांचा तैयार किया गया.

पहल के तहत संगठनों को पशु आवास, एंबुलेंस और मोबाइल सेवाओं, बचाव उपकरण, जांच एवं उपचार संबंधी उपकरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण तथा आजीवन देखभाल केंद्रों के लिए सहायता दी जाएगी. सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और बेहतर जल निकासी जैसी टिकाऊ बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर होगा. कुछ संगठनों ने बच्चों और युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम तथा संक्रामक रोगों से निपटने के लिए क्वारंटीन और बीमारी प्रबंधन ढांचे की जरूरत भी बताई.

‘चैंपियंस ऑफ केयर’ को आगे बढ़ाने और इसमें और पशु कल्याण संगठनों को जोड़ने की योजना है. वनतारा के मुताबिक, यह पहल ‘एवरी लाइफ मैटर्स’ की प्रतिबद्धता का विस्तार है, ताकि देशभर में सामुदायिक पशुओं की देखभाल करने वाले संगठनों को मजबूत कर अधिक पशुओं को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर देखभाल मिल सके.



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