हैदराबाद में आधुनिक तकनीक से तैयार हो रहे आर्टिफिशियल अंग, जाने कैसे
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Absolute Prosthetics and Orthotics Center: हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित एब्सोल्यूट प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स सेंटर में आधुनिक तकनीक से हाथ, पैर, उंगलियां, कान और नाक के कृत्रिम अंग तैयार किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि यहां किफायती कीमत के साथ होम-विजिट की सुविधा भी मिलती है, जिससे दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है.
हैदराबाद. किसी दुर्घटना, बीमारी या जन्मजात कारणों से शरीर का कोई अंग खो देना किसी भी व्यक्ति के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद पीड़ादायक होता है. हाथ, पैर या उंगलियों के बिना रोजमर्रा की सामान्य दिनचर्या भी एक बड़ी चुनौती बन जाती है. ऐसे लोगों के जीवन में आत्मनिर्भरता और मुस्कान वापस लाने के लिए आधुनिक मेडिकल तकनीक और प्रोस्थेटिक्स यानी आर्टिफिशल अंग वरदान साबित हो रहे हैं. हैदराबाद के सिकंदराबाद क्षेत्र में स्थित एब्सोल्यूट प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स केंद्र दिव्यांगजनों को नई जिंदगी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इस केंद्र पर आधुनिक और उन्नत बायो-मैकेनिकल तकनीक का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले आर्टिफिशल हाथ, पैर, उंगलियां, कान और नाक तैयार किए जा रहे हैं.
ये अंग न केवल देखने में प्राकृतिक अंगों जैसे लगते हैं बल्कि व्यक्ति की शारीरिक गतिशीलता को भी काफी हद तक सामान्य बना देते हैं. इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास लौटता है और वह दूसरों पर निर्भर रहे बिना अपने जरूरी काम आसानी से कर पाता है. अक्सर गंभीर रूप से दिव्यांग या बुजुर्ग मरीजों के लिए अस्पताल या क्लीनिक तक बार-बार आना-जाना काफी मुश्किल भरा होता है. मरीजों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए केंद्र द्वारा होम-विजिट की सुविधा दी जा रही है. विशेषज्ञ टीम खुद मरीज के घर जाकर स्थिति की जांच करती है और आर्टिफिशल अंग के लिए सटीक नाप लेती है.
इससे मरीज को बिना किसी भागदौड़ के पूरी सहायता मिल जाती है. आमतौर पर उन्नत तकनीक वाले कृत्रिम अंग बाजार में बहुत महंगे होते हैं, जिस वजह से आम और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इन्हें अपनाना काफी कठिन हो जाता है. इसी समस्या को देखते हुए यह संस्थान बाजार दरों की तुलना में बेहद किफायती और वाजिब लागत पर आधुनिक आर्टिफिशल अंग और ऑर्थोटिक सपोर्ट उपलब्ध करा रहा है. नाप लेने से लेकर अंग लगाने और उसके बाद के अभ्यास तक पूरी तकनीकी सहायता दी जाती है. सिकंदराबाद के वेस्ट मार्रेडपल्ली स्थित सरस्वती कॉलोनी में संचालित इस केंद्र के माध्यम से कई जरूरतमंद लोग अपनी शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़कर एक बार फिर सामान्य और सम्मानजनक जीवन जीने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.