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Tarang Shakti Exercise: जोधपुर एयरबेस पर ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास जारी है. भारत सहित फ्रांस, अमेरिका और यूएई की वायुसेनाएं इसमें हिस्सा ले रही हैं. भारत के सुखोई, राफेल और तेजस के साथ अमेरिका के एफ-35A फाइटर जेट आसमान में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. ‘पावर इन पार्टनरशिप’ थीम वाले इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना और संयुक्त मिशन प्लानिंग को मजबूत करना है. 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस के मौके पर जोधपुर में सूर्यकिरण एयरोबेटिक्स टीम विशेष एयर डिस्प्ले भी करेगी.
जोधपुर एयरबेस पर ‘तरंग शक्ति-2026’ का आगाज, आसमान में गरजे भारत और मित्र देशों के फाइटर जेट
Jodhpur: राजस्थान के जोधपुर एयरबेस से लेकर पश्चिमी सीमा तक इन दिनों आसमान में लड़ाकू विमानों की भीषण गर्जना गूंज रही है. भारतीय वायुसेना की मेजबानी में मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति-2026’ के दूसरे संस्करण का शानदार आगाज हो चुका है. इस युद्धाभ्यास में भारत समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों की वायु सेनाएं पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रही हैं. ‘पावर इन पार्टनरशिप’ की थीम पर आधारित इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास के जरिए मित्र देशों की वायु सेनाएं अपनी सामरिक क्षमताओं, शक्ति और आपसी तालमेल का कड़ा परीक्षण कर रही हैं. जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से लेकर पश्चिमी क्षेत्र के निर्धारित विशाल एयरस्पेस में अलग-अलग लड़ाकू विमानों के जरिए जटिल हवाई युद्धाभ्यास किया जा रहा है.
‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपने सबसे उन्नत और घातक लड़ाकू विमानों के साथ उतरी है. इस एयर एक्सरसाइज में भारत की ओर से सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिग-29 और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस जैसे खतरनाक फाइटर जेट हिस्सा ले रहे हैं. आसमान में इन विमानों की कलाबाजियां और सटीक निशानेबाजी दुश्मनों के पसीने छुड़ाने के लिए काफी है. वहीं, मित्र देशों की बात करें तो अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-35A लाइटनिंग-II, फ्रांस के राफेल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एफ-16 सहित विभिन्न श्रेणी के शक्तिशाली विमान इस युद्धाभ्यास में शामिल हुए हैं. अभ्यास के दौरान अलग-अलग फॉर्मेशन और सामरिक गतिविधियों के जरिए संयुक्त अभियान क्षमता को और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
जापान से जोधपुर पहुंचा अमेरिकी एफ-35A
इस बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में अमेरिकी पैसिफिक एयरफोर्स भी अपनी पूरी ताकत के साथ भाग ले रही है. सबसे खास बात यह है कि जापान के मिसावा एयरबेस से उड़ान भरकर अमेरिका के एफ-35A लाइटनिंग-II फाइटर जेट सीधे जोधपुर पहुंचे हैं. इन लड़ाकू विमानों के साथ एयर रिफ्यूलिंग क्षमता वाले विशाल विमान भी इस अभ्यास का अहम हिस्सा बने हैं. अमेरिकी और भारतीय वायुसेनाएं अन्य भागीदार देशों के पायलटों के साथ मिलकर मल्टीनेशनल एयर ऑपरेशंस, आपसी तालमेल और जटिल संयुक्त मिशन प्लानिंग का बारीकी से अभ्यास कर रही हैं. इससे भविष्य की किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारी की जा रही है.
एयर डिफेंस और इंटरऑपरेबिलिटी पर फोकस
‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य केवल आसमान में फाइटर जेट की ताकत दिखाना या शक्ति प्रदर्शन करना नहीं है. इसका असल मकसद अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल को बेहतर और सुदृढ़ बनाना है. इस गहन अभ्यास में एयर डिफेंस, काउंटर-एयर ऑपरेशन, जॉइंट टैक्टिकल मैन्यूवर, हवा में ईंधन भरने की तकनीक और संयुक्त मिशन प्लानिंग जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इससे विभिन्न देशों की वायु सेनाओं को एक साथ मिलकर काम करने और मुश्किल समय में तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करने का बेहतरीन अवसर प्राप्त हो रहा है.
8 अक्टूबर को दिखेगा सूर्यकिरण का अचरज भरा एयर डिस्प्ले
इस युद्धाभ्यास के बीच 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस के अवसर पर एक विशेष एयर डिस्प्ले का भी आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा. भारतीय वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध सूर्यकिरण एयरोबेटिक्स टीम अपने हॉक विमानों के साथ आसमान में बेहद रोमांचक और दिल थामने वाले फॉर्मेशन प्रस्तुत करेगी. इस टीम के कुशल पायलट अपने विमानों के जरिए आसमान में विभिन्न आकृतियां और करतब दिखाकर अपनी सटीक उड़ान और गजब के तालमेल का शानदार प्रदर्शन करेंगे. एयरफोर्स डे का यह विशेष कार्यक्रम ‘तरंग शक्ति’ के दौरान जोधपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना की बेजोड़ पेशेवर क्षमता का एक यादगार प्रदर्शन साबित होगा.