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टीवी के ‘शक्तिमान’ यानी दिग्गज एक्टर मुकेश खन्ना जल्द ही बड़े पर्दे पर दमदार वापसी करने जा रहे हैं. लंबे समय तक फिल्मों से दूरी बनाए रखने के बाद आखिरकार उन्होंने अपकमिंग प्रोजेक्ट ‘विश्वगुरु’ के लिए अपनी हामी भर दी है. मुकेश खन्ना ने खुलासा किया कि मेकर्स ने इस रोल के लिए उनसे तीन बार मुलाकात की और स्क्रिप्ट पर विस्तार से चर्चा की. प्रोजेक्ट को हरी झंडी देते हुए उन्होंने कहा कि दर्शक लंबे समय से उन्हें किसी मजबूत किरदार में देखने का इंतजार कर रहे हैं और ‘विश्वगुरु’ उनके लिए बिल्कुल सही मंच साबित होगा.
‘विश्वगुरु’ से लंबे समय बाद मुकेश खन्ना का होगा कमबैक. (फोटो: Instagram@iammukeshkhanna)
नई दिल्ली. दिग्गज एक्टर मुकेश खन्ना ने लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं. वह बहुत जल्द फिल्म ‘विश्वगुरु’ में नजर आएंगे. अब मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म में काम करने के लिए अपनी हामी क्यों भरी. उनका मानना है कि देव आनंद की ‘सेंसर’ के बाद यह फिल्म उनके लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बन सकती है.
मुकेश खन्ना ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि वह शुरू से ही इस विषय से आकर्षित थे और निर्माताओं के साथ कई बार चर्चाओं के बाद आखिरकार इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए राजी हो गए. उन्होंने कहा, ‘मुझे विषय पसंद आया, मुझे कहानी अच्छी लगी. वो सही थे, हमारी तीन बैठकें हुईं और फिर हमने बात की.’
मेकर्स से कई बार हुई मुलाकात
फिल्म निर्माता द्वारा उनसे संपर्क करने के बारे में बताते हुए खन्ना ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए राजी होने से पहले उनकी कई बार मुलाकात हुई. उन्होंने कहा कि तीन बार, वो मेरी मेज पर बैठे, बाहर गए, फिर अंदर आए, फिर बाहर गए, फिर अंदर आए. और अंत में उन्होंने मेरे ऊपर सबकुछ छोड़ दिया.
देव आनंद की ‘सेंसर’ में मुकेश खन्ना ने किया था काम
मुकेश खन्ना ने बताया कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए इतना खास क्यों है. उन्होंने कहा, ‘देखिए, मैं बहुत कम फिल्में करता हूं और मैं खुलकर कहता हूं कि शायद देव आनंद की फिल्म ‘सेंसर’ के बाद मेरी कोई बड़ी फिल्म आने वाली है. दर्शक मेरा इंतजार कर रहे हैं, इसलिए मैंने यह फिल्म की, क्योंकि मुझे इसका विषय पसंद आया.’ देव आनंद की 2001 में आई फिल्म ‘सेंसर’ में मुकेश खन्ना ने एक भारतीय सेना अधिकारी का किरदार निभाया था.
क्या होगी ‘विश्वगुरु’ की कहानी?
शैलेश बोगानी और अतुल सोनार द्वारा निर्देशित ‘विश्वगुरु’ फिल्म एक विदेशी समूह की कहानी है, जो छल और बल से भारत पर हमला करता है. कहानी बताती है कि कैसे आध्यात्मिक ज्ञान भारत की शक्ति बनता है और वैश्विक शिक्षक के रूप में देश की भूमिका को उजागर करती है.