Hyderabad से 30 KM दूर रहस्यमयी 1000 साल शिवालय, छोटे छेद से दिखते हैं भूगर्भ शिवलिंग; Pushpa की भी हुई शूटिंग

Hyderabad से 30 KM दूर रहस्यमयी 1000 साल शिवालय, छोटे छेद से दिखते हैं भूगर्भ शिवलिंग; Pushpa की भी हुई शूटिंग


होमताजा खबरदेश

हैदराबाद का 1000 साल पुराना मंदिर, जहां छेद से होते हैं शिवलिंग के दर्शन

Last Updated:

Elakonda Shivalayam Hyderabad: हैदराबाद से महज 30 किमी दूर विकाराबाद में 1000 साल पुराना ऐतिहासिक एलाकोंडा शिवालय स्थित है. इसे काकतीय राजवंश ने बनवाया था. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसका भूगर्भ शिवलिंग है, जिसके दर्शन चट्टान में बने एक छोटे छेद से होते हैं. यहां दो प्राचीन गुफाएं हैं जो श्रीशैलम और काशी तक जाती हैं. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस जगह पर टॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म पुष्पा और आर्या की शूटिंग भी हुई है. वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक शानदार आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल है, जिसे तेलंगाना का श्रीशैलम कहते हैं.

ख़बरें फटाफट

Hyderabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ ही दूरी पर एक ऐसा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल मौजूद है, जो अपनी भव्यता, रहस्यों और चमत्कारों के लिए जाना जाता है. विकाराबाद जिले में स्थित एलाकोंडा शिवालय यानी श्री पार्वती परमेश्वर देवालयम अपनी सदियों पुरानी विरासत और प्राकृतिक खूबसूरती के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का एक बहुत बड़ा केंद्र बना हुआ है. इस पावन स्थल की अपार महत्ता के चलते इसे तेलंगाना का श्रीशैलम भी कहा जाता है. अगर आप भी सप्ताहांत में सुकून और अध्यात्म की तलाश में हैं, तो यह मंदिर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.

स्थानीय मान्यताओं और इतिहासकारों के अनुसार, इस भव्य मंदिर का इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना माना जाता है. इस दिव्य और चमत्कारिक धाम का निर्माण काकतीय राजवंश के महान शासकों द्वारा करवाया गया था. मंदिर की अनूठी वास्तुकला और इसके मजबूत पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी काकतीय काल की समृद्ध स्थापत्य कला की गवाही देती है. समय के थपेड़ों को सहने के बावजूद इस मंदिर की भव्यता और इसका आकर्षण जरा भी कम नहीं हुआ है. प्राचीन इतिहास और धर्म का यह अनूठा संगम पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच लाता है.

एक छोटे से छेद से होते हैं भूगर्भ शिवलिंग के दर्शन
इस मंदिर की सबसे अनोखी, अद्भुत और रहस्यमयी बात यहां स्थापित शिवलिंग के दर्शन की विशेष प्रक्रिया है. एक ऊंची पहाड़ी पर बने इस मंदिर में भूगर्भ यानी जमीन के काफी भीतर एक शिवलिंग स्थापित है. सबसे खास बात यह है कि इसके दर्शन सीधे तौर पर न होकर चट्टान में बने एक छोटे से संकरे छेद के जरिए किए जाते हैं. श्रद्धालु जब पूरी श्रद्धा के साथ इस छिद्र से नीचे झांकते हैं, तब उन्हें पाताल में विराजित भगवान भोलेनाथ के उस अलौकिक और दिव्य रूप के दर्शन होते हैं. यह चमत्कारिक अनुभव हर भक्त के मन में गहरी आस्था और रोमांच पैदा कर देता है.

रहस्यमयी गुफाएं और भव्य नंदीश्वर प्रतिमा
मंदिर परिसर में दर्शन के लिए दो प्राचीन और रहस्यमयी गुफाएं भी मौजूद हैं. पौराणिक और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इनमें से एक गुफा का गुप्त रास्ता सीधे ज्योतिर्लिंग श्रीशैलम की ओर जाता है, जबकि दूसरी गुफा का मार्ग पवित्र नगरी काशी तक जुड़ता है. इन दोनों गुफाओं के प्रवेश द्वार पर पांच फनों वाले नागराज की एक बेहद भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है. ऐसा माना जाता है कि ये नाग देवता ही इन दोनों पवित्र मार्गों की सदियों से रक्षा करते आ रहे हैं. इसके अलावा, मंदिर के विशाल परिसर में एक बहुत ही आकर्षक और विशालकाय नंदीश्वर की प्रतिमा भी स्थापित है, जो यहां आने वाले हर भक्त और पर्यटक का मन मोह लेती है.

पुष्पा और आर्या जैसी सुपरहिट फिल्मों से है नाता
अपने गहरे आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह पूरा गांव और पहाड़ी क्षेत्र अपनी अद्भुत प्राकृतिक छटा के लिए भी काफी मशहूर है. हरे-भरे जंगल और शांत वातावरण इसे और भी खास बनाते हैं. यही वजह है कि टॉलीवुड की कई बड़ी और सुपरहिट फिल्मों की शूटिंग भी यहां हो चुकी है. सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म आर्या और हाल ही में तहलका मचाने वाली फिल्म पुष्पा के कई अहम दृश्यों का शानदार फिल्मांकन इसी मंदिर और इसके आसपास के खूबसूरत इलाके में किया गया था.

कैसे पहुंचे इस चमत्कारिक मंदिर तक
हैदराबाद के पाटनचेरु आउटर रिंग रोड से शंकरपल्ली मार्ग होते हुए विकाराबाद जिले का यह ऐतिहासिक मंदिर महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अच्छी और चौड़ी सड़कों के कारण सड़क मार्ग से यहां बेहद आसानी से और कम समय में पहुंचा जा सकता है. अपनी ऐतिहासिकता, रहस्यमयी शिवलिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण एलाकोंडा शिवालय एक परफेक्ट वीकेंड डेस्टिनेशन बन चुका है.



Source link