Premanand Maharaj First Reaction | Sant Premanand On Rasik Dulari death

Premanand Maharaj First Reaction | Sant Premanand On Rasik Dulari death


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Sant Premanand Maharaj News: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम में साधक रसिक दुलारी की मौत के बाद मचे बवाल पर आखिरकार आश्रम ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. ट्रस्ट ने आधिकारिक लेटर जारी कर घटना पर गहरा दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करने की बात कही है. इसी बीच मशहूर कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य भी प्रेमानंद महाराज के समर्थन में उतर आए हैं और उन्होंने मीडिया पर टीआरपी के लिए संतों को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं, दूसरी ओर बाल संरक्षण आयोग से आश्रम में लापता बच्चों की स्थिति पर जांच की मांग भी तेज हो गई है.

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साधक की मौत पर क्या बोले संत प्रेमानंद महाराजा? (फाइल फोटो)

Sant Premanand Maharaj Ashram: संत प्रेमानंद महाराज ने दीक्षित साधक रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) की मौत के आठ दिन बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है. श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से पहला आधिकारिक बयान जारी कर दिया गया है. लगातार उठ रहे सवालों और विवादों पर कहा कि इस घटना से वे अत्यंत ‘आहत’ हैं. वहीं, लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर भी आश्रम का बयान आया है. आश्रम की ओर से भक्तों और आम-जनमानस अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही गई है.

श्रीहित राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, ’25 सितंबर को हुई इस दुखद घटना से पूज्य महाराज श्री और उनका पूरा परिकर बेहद दुखी और आहत है. ट्रस्ट ने साधक के पीड़ित परिवार के प्रति अपनी पूर्ण संवेदना और सहानुभूति है. ट्रस्ट इस मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच के लिए पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहा है. साथ ही, सभी श्रद्धालुओं और आमजन से यह विनम्र अनुरोध किया गया है कि जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज जी और आश्रम की छवि को धूमिल करने वाला कोई दुष्प्रचार न करें.’

अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
इससे पहले 2 अक्टूबर को ब्रज संत महिमा द्वारा भी एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें चंद पैसों और टीआरपी के लिए महाराज जी को बदनाम करने वाले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और न्यूज़ एंकरों को कड़ी चेतावनी दी गई थी. पत्र में स्पष्ट कहा गया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निंदनीय है.

समर्थन में उतरे कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य
इन बढ़ते विवादों के बीच देश के चर्चित कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य पूरी मजबूती के साथ संत प्रेमानंद महाराज के बचाव में उतर आए हैं. अपने तीखे बयानों के लिए मशहूर अनिरुद्ध आचार्य ने मीडिया और सोशल मीडिया पर टीआरपी बटोरने वालों पर जमकर निशाना साधा. अपनी कथा के दौरान उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग केवल व्यूज पाने के लिए बिना विषय को समझे खुद ही जज बन जाते हैं और फैसला सुनाने लगते हैं. महाराज जी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि प्रेमानंद महाराज ने करोड़ों भटके हुए युवाओं को सही दिशा दिखाकर भक्ति मार्ग से जोड़ा है.

बाल संरक्षण आयोग में पहुंची शिकायत
एक तरफ जहां संतों का समर्थन मिल रहा है, वहीं आश्रम की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर नया मोर्चा खोल दिया है.

दिनेश फलाहारी ने अपने पत्र में चिंता जताते हुए कहा है कि प्रेमानंद महाराज युवाओं के लिए आध्यात्मिक केंद्र बने हुए हैं, लेकिन अध्यात्म के नाम पर कई नाबालिग बालक-बालिकाएं अपना घर छोड़कर आश्रम में ही रह जाते हैं. बाद में उनके परिजन उन्हें खोजते हुए आश्रम के चक्कर काटते रहते हैं, जिनमें कई मामले बेहद संदिग्ध प्रतीत होते हैं. उन्होंने मांग की है कि ऐसे लापता बच्चों के संबंध में एक उच्च स्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक किया जाए. फलाहारी बाबा ने यह गंभीर सवाल भी उठाया कि यदि कल को इन नाबालिग बच्चों के साथ आश्रम परिसर के भीतर कोई अनहोनी या अप्रिय घटना घटित हो जाती है, तो उसकी जवाबदेही के लिए आश्रम का कौन सा व्यक्ति जिम्मेदार होगा?



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