Hawaii Holei Sea Arch Collapse : चक्रवाती तूफान में बहा 550 साल पुराना कुदरत का ‘अजूबा’, नेशनल पार्क में जो हुआ सुनकर दहल जाएगा दिल

Hawaii Holei Sea Arch Collapse : चक्रवाती तूफान में बहा 550 साल पुराना कुदरत का ‘अजूबा’, नेशनल पार्क में जो हुआ सुनकर दहल जाएगा दिल


Last Updated:

भयंकर चक्रवाती तूफान ने 550 साल पुराना कुदरती अजूबा तबाह कर दिया. मशहूर ‘होलेई सी आर्च’ अब ढहकर समुद्र में समा चुका है. हवाई वोल्केनो नेशनल पार्क की ये 90 फीट ऊंची चट्टान ज्वालामुखी के लावे और समुद्री लहरों से बनी थी. ये जगह सैलानियों और फोटोग्राफरों की पहली पसंद हुआ करती थी. साल 2018 के ज्वालामुखी विस्फोट, लगातार आते भूकंप और समुद्री लहरों की वजह से यह ढांचा पहले से ही कमजोर था.

Zoom

ढह गया हवाई का होलेई सी आर्च

प्रशांत महासागर की तूफानी लहरों के बीच 550 सालों से शान से खड़ा कुदरत का एक अनूठा अजूबा बह गया है. हवाई का सबसे मशहूर और ऐतिहासिक ‘होलेई सी आर्च’ अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है. ज्वालामुखी के लावे से बनी ये लगभग 90 फीट ऊंची कुदरती मेहराब चक्रवाती तूफान और समुद्र के थपेड़ों को बर्दाश्त नहीं कर सकी और ताश के पत्तों की तरह ढहकर प्रशांत महासागर की गहराई में समा गई. हवाई के ‘बिग आइलैंड’ पर स्थित ‘हवाई वोल्केनो नेशनल पार्क’ आने वाले हर पर्यटक और फोटोग्राफर के लिए ये चट्टान सबसे पसंदीदा ठिकाना हुआ करती थी.

अचानक समुद्र में कैसे बह गया 550 साल पुराना ढांचा?

‘चैन ऑफ क्रेटर्स रोड’ के आखिरी छोर पर स्थित इस मेहराब को देखने के लिए हर साल लाखों सैलानी खिंचे चले आते थे. अमेरिकी नेशनल पार्क सर्विस (NPS) ने अब आधिकारिक तौर पर इस कुदरती धरोहर के खत्म होने की पुष्टि कर दी है. आइए समझते हैं कि सदियों पुराना ये अजूबा आखिर कैसे एक ही पल में गायब हो गया और नेशनल पार्क में घटी इस घटना के पीछे के खौफनाक कारण क्या हैं.

नेशनल पार्क सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर तक ये विशाल सी आर्च अपनी जगह पर बिल्कुल सीना ताने खड़ा था और मीलों दूर से साफ नजर आ रहा था. लेकिन 27 सितंबर को जब पार्क के कर्मचारी निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो नजारा देखकर हैरान रह गए, चट्टान का वो विशाल ढांचा गायब था और वहां केवल समुद्र की खौफनाक उठती लहरें दिखाई दे रही थीं.

दरअसल, उस दौरान इलाके में भयानक ट्रॉपिकल स्टॉर्म ‘नोलो’ का कहर जारी था. सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए बंद कर रखा था. माना जा रहा है कि इसी चक्रवाती तूफान के दौरान उठी विशाल लहरों और तूफानी हवाओं के प्रचंड दबाव को ये जर्जर चट्टान झेल नहीं सकी और ताश के पत्तों की तरह टूटकर समुद्र में समा गई. गनीमत ये रही कि पार्क बंद होने के कारण हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, लेकिन दुनिया ने कुदरत की बनाई एक अनमोल नक्काशी हमेशा के लिए खो दी.

ज्वालामुखी के लावे से कैसे बना था ये ‘कुदरती अजूबा’?

‘होलेई सी आर्च’ इंसान का बनाया कोई ढांचा नहीं था, बल्कि इसे कुदरत ने खुद तराशा था.

  • लावे का जमना: लगभग 550 साल पहले कीलाउए ज्वालामुखी से भारी मात्रा में बहता हुआ गर्म लावा सीधे समुद्र के ठंडे पानी में गिरा. इससे बहुत कठोर काले पत्थर की एक विशाल चट्टानी ढलान बन गई.
  • लहरों की नक्काशी: इसके बाद सैकड़ों सालों तक प्रशांत महासागर की ताकतवर लहरें दिन-रात इस चट्टान से टकराती रहीं. लहरों के थपेड़ों ने चट्टान के निचले नरम हिस्से को काटकर एक गुफा का रूप दिया, जो बाद में आर-पार कटकर एक बेहद खूबसूरत आर्च बन गई.

क्यों ढहा ‘होलेई सी आर्च’?

पर्यावरण और भूगर्भीय विशेषज्ञों का कहना है कि ये चट्टान अचानक एक दिन में नहीं गिरी, बल्कि इसकी तबाही की पटकथा पिछले कुछ सालों में लिखी जा चुकी थी. इसके पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण रहे.

  1. साल 2018 में हवाई के प्रसिद्ध ‘कीलाउए’ ज्वालामुखी में एक भयानक विस्फोट हुआ था. इसके चलते ज्वालामुखी का ऊपरी शिखर (समिट) ढह गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में लगातार भूकंप के भीषण झटके महसूस किए गए. इन झटकों ने समुद्र किनारे टिकी इस प्राचीन चट्टान की बुनियाद को अंदर ही अंदर हिलाकर रख दिया था.
  2. जनवरी 2020 में पार्क प्रशासन को निरीक्षण के दौरान चट्टानी मेहराब में नई और गहरी दरारें दिखाई दीं. खतरा इतना बढ़ चुका था कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुराने व्यूइंग एरिया को तुरंत सील करना पड़ा और लोगों को दूर रखने के लिए नया पॉइंट बनाया गया. उसी साल आए एक और समुद्री तूफान ने इसके निचले बेस को काफी हद तक खोखला कर दिया था.
  3. समुद्र की लहरों द्वारा चट्टानों के घिसने का कुदरती नियम लगातार काम कर रहा था. नेशनल पार्क सर्विस ने 2021 में ही चेतावनी दी थी कि ये आर्च दिखने में जितना खूबसूरत है, इसकी जिंदगी उतनी ही सीमित है और ये कभी भी ढह सकता है. आखिरकार, 2026 के चक्रवाती तूफान ‘नोलो’ की भीषण लहरों ने इस खोखली हो चुकी चट्टान पर आखिरी चोट की और 550 साल पुरानी विरासत पानी में समा गई.



Source link