मेरे घर का कचरा साफ करें तो 500000 दूंगा, वाघेला के ‘पटेल-बनिया-ब्राह्मण’ को 50000 वाले बयान पर BJP का तंज

मेरे घर का कचरा साफ करें तो 500000 दूंगा, वाघेला के ‘पटेल-बनिया-ब्राह्मण’ को 50000 वाले बयान पर BJP का तंज


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Shankersinh Vaghela News: शंकरसिंह वाघेला के बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है. यज्ञेश दवे ने वाघेला पर समाज में नफरत और जातिगत वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस मैला ढोने की कुप्रथा का वे उदाहरण दे रहे हैं, उसे देश में कानूनन खत्म किया जा चुका है और सरकारें वंचितों को गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए लगातार काम कर रही हैं.

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शंकरसिंह वाघेला के बयान पर बीजेपी ने हमला बोला है. (फाइल फोटो)

Shankersinh Vaghela News: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के उस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘पटेल, बनिया या ब्राह्मण’ समुदाय के जो लोग मैला ढोने का काम अपनाएंगे, उन्हें 50,000 रुपये दिए जाएंगे. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वाघेला पर जातिवाद को बढ़ावा देने और समाज में वैमनस्य पैदा करने का आरोप लगाया. वाघेला ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर नर्मदा जिले के आदिवासी बहुल सागबारा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की. राज्यसभा के पूर्व सदस्य आरक्षण के समर्थन में बोल रहे थे और उन लोगों की आलोचना कर रहे थे जो इसे खत्म करना चाहते हैं.

“पटेल, बनिया या ब्राह्मण” समुदाय के लोगों को मैला ढोने का काम करने की चुनौती देते हुए वाघेला ने कहा, “आरक्षण किसी की कृपा से नहीं दिया गया है, बल्कि यह पीढ़ियों से झेले गए कष्टों के कारण अर्जित अधिकार है.” उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों से कहना चाहता हूं, चाहे वे पटेल, बनिया या ब्राह्मण हों और आरक्षण का विरोध करते हों. अगर आप मैला ढोने का काम करने को तैयार हैं, तो मैं आपको 50,000 रुपये मासिक वेतन दूंगा और इन लोगों का मल साफ करने का काम दूंगा. अगर आप आदिवासी समुदायों की तरह की परिस्थितियों में रहें, तभी आपको उनकी वास्तविक स्थिति का एहसास होगा.”

वाघेला (86) ने कहा कि आरक्षण बरसों के अन्याय की भरपाई का एक तरीका है. वाघेला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अटकलें हैं कि वह एक बार फिर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं. वाघेला पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता और पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल यज्ञेश दवे ने कहा कि समुदायों या जातियों के बीच वैमनस्य पैदा करना ठीक नहीं है. दवे ने संवाददाताओं से कहा कि वाघेला जिस मैला ढोने की प्रथा की बात कर रहे थे, वह देश में पहले ही समाप्त की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि पिछली और मौजूदा सरकारों ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि इस समुदाय के लोग सम्मान के साथ जीवन जी सकें और उन्हें न्याय मिल सके.

दवे ने वाघेला पर निशाना साधते हुए कहा, “ब्राह्मण, पटेल और बनिया समुदाय के लोगों को मैला ढोने का काम करने पर 50,000 रुपये देने की उनकी बात बिल्कुल गलत है. मेरा उन्हें संदेश है कि इस नेक काम की शुरुआत उन्हें अपने ही समुदाय से करनी चाहिए. आप खुद इसकी शुरुआत करें. मेरे घर का कचरा साफ करें, मैं आपको पांच लाख रुपये दूंगा.” भाजपा नेता ने कहा कि वाघेला को इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी के नतीजों पर विचार करना चाहिए, क्योंकि ब्राह्मण समुदाय को उकसाने वाली ऐसी टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जाएगा.



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