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rohit form in ind vs wi: 39 साल की उम्र में रोहित की तुलना तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट ओल्ड वाइन से करने लगे है जो दिन ब दिन और नखरते चले जा रहे है. सीरीज में लगातार दूसरी बड़ी पारी खेलकर रोहित ने बता दिया कि ना तो वो चुके हैं और ना थमने वाले है. मेहनत के बाद शतक ना बना पाने का अफसोस रोहित को जरूर रहेगा.
रोहित शर्मा ने जमाया पिर रंग, गुवाहाटी के बाद मुल्लांपुर में खेली अहम पारी
नई दिल्ली. जब फॉर्म के बिस्तर पर सिरहाने पर शतक की तकिया लगी हो तो फिर क्या पिच, क्या परिस्थिति और क्या सामने वाला गेंदबाज कोई फर्क नहीं पड़ता, बस बल्लेबाज बाइस गज के बेड पर नींद के आगोश में जाकर भी रन बना देता है. ये लाइन कुछ खास बल्लेबाजों पर लागू होती है उनमें से एक रोहित शर्मा है जिनकी बल्लेबाजी को स्लीपिंग ब्यूटी कहा जाता है और वो इन दिनों ना सिर्फ जाग रहे है साथ ही पहले से सुंदर भी दिख रहे है. इस बात का एक और उदाहरण हमें मुल्लांपुर में देखने को मिला.
गुवाहाटी में शतकीय पारी खेलने वाले रोहित शर्मा ने जिस अंदाज में मुल्लांपुर में पारी को आगे बढ़ाया उसने हमें विंटेज हिटमैन का अक्स जरूर दिखा दिया. 39 साल की उम्र में रोहित की तुलना तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट ओल्ड वाइन से करने लगे है जो दिन ब दिन और नखरते चले जा रहे है. सीरीज में लगातार दूसरी बड़ी पारी खेलकर रोहित ने बता दिया कि ना तो वो चुके हैं और ना थमने वाले है. मेहनत के बाद शतक ना बना पाने का अफसोस रोहित को जरूर रहेगा.
मुल्लांपुर की चैलेंजिंग पिच
रोहित शर्मा की ये शतकीय पारी बेहद खास इसलिए भी थी क्योंकि उनके सामने दो इन फॉर्म बल्लेबाज शुभमन गिल और विराट कोहली सिर्फ 4 रन पर पवेलिएन लौट गए और तब लगा कि ये पिच नहीं आग का दरिया है पर शायद रोहित शर्मा जैसे चैंपियन बल्लेबाज हमें बताते है कि ऐसे सुलगते दरिया को अपने स्किल के दमपर पार कैसे करते है. रितुराज गायकवाड़ के साथ रोहित ने आज रिस्क फ्री बैटिंग की और बताया कि उनके पास वो स्किल है जिससे वो टीम की जररूत के हिसाब से बल्लेबाजी कर सकते है. 85 गेंदों पर 10 चौके और 3 छक्के मारने के बाद रोहित जब 92 के स्कोर पर आउट हुए तो निराशा उनके चेहरे पर थी जो ये बता रही थी कि उनको शतक ना बना पाने का कितना अफसोस है.
आइडियल पार्टनर हैं रोहित
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीनों मैच में रोहित की बल्लेबाजी का विशलेषण करेंगे तो पाेंगे कि वो अपने रन बनाने के साथ साथ पार्टनर के भी रन बनवाते है और अपने साथी के हिसाब से गियर चेंज कर लेते है. तिरुवंतपुरम में रोहित ने 32 रन बनाए पर शुभमन के साथ उन्होंने 12 ओवर में 76 रनों की शुरुआत दी. गुवाहाटी में जब टीम को 405 रन चेज करने थे तो रोहित ने 75 गेंद पर 101 रन बनाए और कप्तान गिल पर दवाब नहीं आने दिया. पहले विकेट के लिए रोहित-गिल ने 255 रन जोड़े. मुल्लांपुर में पार्टनर बदला पर रोहित का अंदाज नहीं बदला. रितुराज के साथ 137 रनों की साझेदारी जिसने टीम को संकट से उबारा. इस सीरीज ने उन आलोचकों को चुप करा दिया है जो रोहित के टीम में होने पर सवाल खड़ा कर रहे थे.