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Muzaffarpur Flood News: मुजफ्फरपुर में बाढ़ के दौरान रोहित यादव और उनके साथियों ने इंसानियत की मिसाल पेश की. अपनी जान की परवाह न करते हुए इन युवाओं ने 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला. उन्होंने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाकर कई जिंदगियां बचाईं, जिसमें एक बुजुर्ग महिला और दिव्यांग युवक भी शामिल हैं.
मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में बाढ़ का पानी जैसे-जैसे गांवों और घरों में घुसता गया, लोगों के बीच डर बढ़ता गया. कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे. लेकिन इसी डर और मुश्किल की घड़ी में कुछ युवाओं ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. मुजफ्फरपुर के चिंतावनपुर पंचायत के रहने वाले रोहित यादव और उनके साथियों ने पूरी रात बाढ़ में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया. जब लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान तलाश रहे थे, तब ये युवा अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरकर लोगों को निकालने में जुटे रहे.
करीब 300 लोगों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान तक
रोहित यादव बताते हैं कि करीब दो दिन पहले जब पानी तेजी से बढ़ना शुरू हुआ, तभी उन्हें अंदाजा हो गया था कि स्थिति गंभीर हो सकती है. इसके बाद उन्होंने गांव में जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए समझाना शुरू किया. लेकिन कई परिवार अपने मवेशियों और सामान को छोड़कर जाने को तैयार नहीं थे. इसी बीच एक परिवार को छोटी नाव से निकालने की कोशिश में नाव पानी में डूब गई. घटना की सूचना मिलने के बाद युवाओं ने तत्काल नाव किराए पर ली और रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया. उनके मुताबिक, करीब तीन सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया.
जब लगा अब कोई फंसा नहीं है…
रेस्क्यू के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला पल रात करीब ढाई बजे आया. जब उन्हें लगा कि अब कोई व्यक्ति फंसा नहीं है, तभी एक झोपड़ी में ब्लूटूथ डिवाइस की झपकती रोशनी दिखाई दी. युवाओं ने वहां पहुंचकर देखा तो पानी गर्दन तक पहुंच चुका था. अंदर एक बुजुर्ग महिला, एक अन्य महिला, एक बच्ची और एक दिव्यांग युवक फंसे हुए थे. युवाओं ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला. अविनाश कुमार और उनके साथियों ने भी पूरी रात नाव के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालने में सहयोग किया. इस दौरान कई बार उनकी खुद की जान भी खतरे में पड़ी. एक मवेशी को बचाने के दौरान एक युवक पानी में गिरकर कुछ देर के लिए बेहोश तक हो गया, लेकिन खतरा टलते ही वह दोबारा रेस्क्यू अभियान में जुट गया.
मुश्किल वक्त में इंसानियत सबसे बड़ी ताकत
इन युवाओं का कहना है कि यह काम किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं था. दोस्तों और गांव के लोगों ने मिलकर एक-दूसरे का साथ दिया. रोहित बताते हैं कि पूरी रात भर में हमलोगों ने करीब 300 लोगों को पानी से निकाल कर ऊंचे स्थानों तक पहुंचाया है. अपनी जेब से नाव किराए पर लेकर, बिना सोए और घंटों तक लगातार काम करते हुए इन युवाओं ने बाढ़ की भयावह रात में सैकड़ों लोगों के लिए उम्मीद की रोशनी जलाई. जब चारों ओर बाढ़ का पानी और डर था, तब मुजफ्फरपुर के इन युवाओं ने साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में इंसानियत सबसे बड़ी ताकत बन सकती है.