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Fitkari Water Gargle: फिटकरी का इस्तेमाल पुराने समय से कई घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है. गले की खराश या जलन के दौरान गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में फिटकरी डालकर गरारे करना भी पारंपरिक उपायों में शामिल रहा है. कुछ लोगों को इससे अस्थायी राहत महसूस हो सकती है. हालांकि फिटकरी वाला पानी निगलना नहीं चाहिए. किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले सावधानी रखें और परेशानी लंबे समय तक रहे तो डॉक्टर से सलाह लें.
दादी-नानी के समय छोटे कट या शेविंग के दौरान हल्का खून निकलने पर फिटकरी का इस्तेमाल किया जाता था. फिटकरी के कसैले गुण हल्के रक्तस्राव को रोकने में मदद कर सकते हैं. इसका इस्तेमाल खासतौर पर शेविंग के बाद होने वाले छोटे कट पर किया जाता रहा है. हालांकि गहरे घाव या लगातार खून बहने पर चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है. इतना ही नहीं ये तरीका आज भी कई लोग अब तक इस्तेमाल कर रहें हैं और सलून में भी ये देसी तरीका इस्तेमाल करते हैं.
आमतौर पर गले मे भी कई तरीके की मामूली दिक्कत होती हैं ऐसे में फिटकरी मिले पानी से हल्के गरारे या कुल्ला करना पुराने घरेलू नुस्खों में शामिल रहा है. इसके कसैले गुणों के कारण इसे मसूड़ों से होने वाले हल्के रक्तस्राव में पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. कुछ लोग इसे मुंह की दुर्गंध कम करने के लिए भी अपनाते हैं. हालांकि, मसूड़ों से बार-बार खून आने पर डेंटिस्ट से जांच करवानी चाहिए.
त्वचा की छोटी-मोटी परेशानी में में भी ये देसी तरीका काम मे आता हैं. फिटकरी के पानी से प्रभावित त्वचा को धोने का भी घरेलू चलन रहा है. पुराने समय में इसे त्वचा की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता था. इसके कसैले गुणों के कारण त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त चिकनाई कम महसूस हो सकती है. हालांकि, खुजली, फंगल इंफेक्शन या लालिमा होने पर केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
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फिटकरी का इस्तेमाल शरीर की दुर्गंध कम करने के लिए भी किया जाता रहा है. इसे पानी में घोलकर या फिटकरी के पत्थर को हल्का गीला करके त्वचा पर लगाने का पारंपरिक तरीका प्रचलित है. इसके कसैले गुण त्वचा पर मौजूद नमी को कुछ समय के लिए कम महसूस करा सकते हैं. संवेदनशील त्वचा पर इसका इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतें.
गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में फिटकरी डालकर गरारे करना भी पुराने घरेलू नुस्खों में शामिल रहा है. इससे गले में होने वाली खराश या जलन में कुछ लोगों को अस्थायी राहत महसूस हो सकती है. पुराने समय में इसे गले की सफाई के घरेलू उपाय के रूप में अपनाया जाता था. ध्यान रखें कि फिटकरी वाला पानी निगलना नहीं चाहिए और गले की परेशानी लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से सलाह लें.