Gopalganj Flood: तटबंध टूटा तो 11 घंटे में इंजीनियर सस्पेंड, अब भी हजारों लोग पानी में जीने को मजबूर

Gopalganj Flood: तटबंध टूटा तो 11 घंटे में इंजीनियर सस्पेंड, अब भी हजारों लोग पानी में जीने को मजबूर


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Gopalganj Flood: गोपालगंज में तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया. करीब 11 घंटे के अंदर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी जानकारी दी और कहा कि सरकार पूरे मामले की जांच करा रही है. दूसरी ओर, गंडक का जलस्तर करीब एक मीटर घटा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें अब भी बनी हुई हैं.

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गोपालगंज में तटबंध टूटने पर इंजीनियर सस्पेंड.

गोपालगंजः बिहार में बाढ़ का तांडव जारी है. गोपालगंज के बैकुंठपुर में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया. विभाग ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि तटबंध टूटने के करीब 11 घंटे के अंदर कार्रवाई की गई. उनकी जगह पुराने इंजीनियर को दोबारा तैनात किया गया. सरकार ने तटबंध टूटने की जांच कराने की भी बात कही है. मालूम हो कि गंडक का पानी अब घटने लगा है, लेकिन कई इलाकों में बाढ़ की परेशानी अभी बनी हुई है.

शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी फैल गया था. इसके बाद जल संसाधन विभाग ने जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, सरकार पूरे मामले की जांच करा रही है. जांच में तटबंध टूटने की वजह और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पड़ताल की जाएगी. वहीं, पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत नहीं मिलने का आरोप लगाया है. उन्होंने बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए भोजन और शौचालय की व्यवस्था कराने की मांग की है. पशुपालकों के लिए चारे का इंतजाम करने की मांग भी उठाई है. पूर्व विधायक ने तटबंध टूटने की वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जांच कराने की मांग की.

गंडक का जलस्तर एक मीटर घटा
गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर अब करीब एक मीटर घटा है. बैकुंठपुर के डुमरिया घाट रिवर फ्रंट पर पानी कम होने के बाद निचले इलाकों से भी पानी उतरने लगा है. इससे जिला प्रशासन और बाढ़ प्रभावित लोगों ने राहत की सांस ली है. जल संसाधन विभाग के मुताबिक, पानी का स्तर कम होने से तटबंधों पर दबाव भी घटा है. वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज घटकर करीब एक लाख क्यूसेक हो गया है. विभाग का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों में गंडक का जलस्तर सामान्य हो सकता है.

चार दिन से पानी में घिरे जगिरी टोला के लोग
पानी घटने के बावजूद सदर प्रखंड के जगिरी टोला और आसपास के तीन गांवों में लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. यहां पिछले चार दिनों से बाढ़ का पानी फैला हुआ है. रोजमर्रा के काम से लेकर राशन और जरूरी सामान लाने तक के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रशासन ने आवाजाही के लिए दो नावें लगाई हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी आबादी के लिए दो नावें पर्याप्त नहीं हैं. नाव आने का इंतजार करना और फिर जरूरी सामान लेकर वापस लौटना लोगों की रोज की मजबूरी बन गई है.

बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, पानी घटने से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन कई रास्ते अब भी डूबे हुए हैं. ऐसे में पैदल या बाइक से आवाजाही मुश्किल है. बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने आबादी को देखते हुए नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि पर्याप्त नाव मिलने से लोगों को जरूरी सामान लाने और दूसरे काम के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. गंडक का पानी घट रहा है, लेकिन जगिरी टोला समेत कई इलाकों में लोगों की जिंदगी अभी भी पानी के बीच फंसी हुई है.



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