बरसात के बाद भी नहीं रुकेगी सिंचाई, खेतों तक सीधे पहुंचेगा पानी, चित्रकूट की 104 नहरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव

बरसात के बाद भी नहीं रुकेगी सिंचाई, खेतों तक सीधे पहुंचेगा पानी, चित्रकूट की 104 नहरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव


Last Updated:

Chitrakoot News: बुंदेलखंड के चित्रकूट में रबी की फसल के दौरान सिंचाई के लिए पानी की समस्या किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन जाती है. अब किसानों को इस परेशानी से राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने नहरों की सफाई का अभियान शुरू करने की तैयारी की है. जिले में करीब 498 किलोमीटर लंबी नहरों की सफाई कराई जाएगी, जिसके लिए 104 नहरों को चिह्नित किया गया है. सफाई के बाद नहरों में पानी का प्रवाह बेहतर होने और खेतों तक पानी पहुंचने की उम्मीद है. जानिए प्रशासन की इस पहल से किन क्षेत्रों के किसानों को फायदा मिलेगा और रबी की फसल के लिए पानी की व्यवस्था कैसे बेहतर होगी.

चित्रकूट: बारिश का मौसम खत्म होते ही बुंदेलखंड के चित्रकूट में किसानों के सामने सिंचाई की चिंता शुरू हो जाती है. खरीफ की फसल के दौरान बारिश से खेतों को पानी मिल जाता है, लेकिन रबी की फसल की बुवाई और सिंचाई के समय किसानों को पानी के लिए काफी परेशानी होती है. कई किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है.

अब किसानों की इसी परेशानी को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने नहरों की सफाई का अभियान चलाने की तैयारी की है. जिले में करीब 498.154 किलोमीटर लंबी नहरों की सफाई कराई जाएगी. इसके लिए करीब 104 नहरों को चिह्नित किया गया है. सफाई के बाद नहरों में पानी का प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे किसानों के खेतों तक पानी पहुंच सकेगा.

498 किलोमीटर से ज्यादा नहरों की होगी सफाई

रबी की फसल के समय किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, इसके लिए सिंचाई विभाग नहरों की सफाई कराएगा. करीब 104 नहरों को इस अभियान में शामिल किया गया है. नहरों में जमा सिल्ट और झाड़ियों को हटाया जाएगा, ताकि पानी का रास्ता साफ हो सके. इसका फायदा चित्रकूट, मानिकपुर, मऊ, राजापुर समेत जिले के कई ग्रामीण इलाकों के किसानों को मिलेगा. प्रशासन का प्रयास है कि रबी की फसल की बुवाई के समय किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो.

डीएम ने सिंचाई विभाग के साथ की बैठक

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को बताया कि रबी की फसल को लेकर सिंचाई विभाग के साथ बैठक की गई है. इसमें नहरों की साफ-सफाई कराने और नहरों के जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि नहरों की सफाई के साथ इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि नहर का पानी किसानों के खेत तक पहुंचे. कई जगह नहरों में सिल्ट और झाड़ियां जमा होने से पानी का प्रवाह प्रभावित होता है. सफाई के बाद पानी का बहाव बेहतर होने से किसानों को इसका फायदा मिलेगा.

निजी साधनों पर कम होगी निर्भरता

नहरों में पानी का प्रवाह ठीक होने से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा. समय पर सिंचाई मिलने से रबी की फसल को भी फायदा होगा. डीएम के अनुसार रबी की फसल के लिए सिंचाई सबसे जरूरी चीजों में से एक है. जिन इलाकों में नहरों के जरिए पानी पहुंचता है, वहां भी सिल्ट और झाड़ियों के कारण कई बार पानी आगे नहीं पहुंच पाता. ऐसे में नहरों की सफाई से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.



Source link