नई दिल्ली (Shreya Shree Nikhil Mahajan UPSC). यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इसमें सफलता का परचम लहराना बहुत बड़ी उपलब्धि है. जब 2 जुनूनी और मेहनती लोग मिलते हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में हार न मानने की कसम खाई थी तो कहानी और भी ज्यादा प्रेरणादायक बन जाती है. हम बात कर रहे हैं यूपीएससी 2021 के 2 शानदार सितारों- श्रेया श्री और निखिल महाजन की, जिन्होंने पहले यह परीक्षा क्रैक की, फिर बाद में एक-दूसरे के जीवनसाथी बने.
यूपीएससी 2021 के 2 चमकते सितारे
साल 2021 में हुई संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में श्रेया श्री और निखिल महाजन शामिल हुए थे. श्रेया श्री ने इसमें 71वीं रैंक और निखिल महाजन ने 80वीं रैंक हासिल की थी. LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान दोनों की दोस्ती हुई और 2024 में उन्होंने शादी कर ली.
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यूपीएससी सीएसई के दूसरे अटेंप्ट में मिली सफलता
श्रेया श्री यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के पहले अटेंप्ट में फेल हो गई थीं. इस प्रयास में वह प्रीलिम्स परीक्षा तक में सफल नहीं हो पाई थईं. इसके बावजूद श्रेया श्री ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा. इसके बाद बिना किसी कोचिंग के सिर्फ सेल्फ-स्टडी करते हुए यूपीएससी 2021 में 71वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना साकार किया. श्रेया श्री ने यूपीएससी 2021 परीक्षा में 993 अंक स्कोर किए थे, जिनमें से 178 इंटरव्यू में मिले थे.
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बचपन में छूट गया था मां का साथ
निखिल महाजन के बचपन में ही उनकी मां का देहांत हो गया था. इससे पता चलता है कि उनकी पर्सनल लाइफ बहुत आसान नहीं रही होगी. यूपीएससी परीक्षा के 5 प्रयासों में फेल होने के बावजूद निखिल महाजन ने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया. यूपीएससी के छठे और आखिरी प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 80 हासिल कर इतिहास रच दिया. फिर वह भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी बने. उनका सफर सिखाता है कि सफलता के लिए सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि जिद और निरंतरता की भी जरूरत होती है.
आईएएस-आईएफएस जोड़ी: संघर्ष से हमसफर बनने तक का सफर
आईएएस श्रेया श्री और आईएफएस निखिल महाजन 2022 बैच के अधिकारी बने और प्रशासनिक गलियारों में अपनी खास पहचान बनाई. साल 2024 में दोनों ने शादी कर ली. श्रेया ने अनुशासित पढ़ाई और नोट्स से दूसरी कोशिश में मुकाम हासिल किया. वहीं निखिल महाजन ने लंबी लड़ाइयों से अपना जीवन दर्शन मजबूत किया. इन दोनों की जोड़ी इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि जब 2 मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित लोग मिलते हैं तो रास्ते की हर रुकावट छोटी पड़ जाती है.
यह जोड़ा देश के युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुका है. इन दोनों ने साबित कर दिया कि मेहनत सही दिशा में हो और परिवार का साथ मिल जाए तो हर सपना सच किया जा सकता है.