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IAS Story : बिहार के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया गया है. 1984 बैच के अधिकारी दीपक कुमार बिहार के मुख्य सचिव और विकास आयुक्त रह चुके हैं. 2021 में सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था.
IAS Story : दीपक कुमार बिहार के 13 जिलों के डीएम रह चुके हैं.
IAS Story : बिहार सरकार के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद से हटा दिया गया है. अब उन्हें बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. 1984 बैच के अधिकारी दीपक कुमार को पूर्व सीएम नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. वह बिहार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं. दीपक कुमार ने सीएम नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के रूप में लंबे समय तक काम किया था.
66 वर्षीय दीपक कुमार बिहार कैडर के रिटायर्ड आईएएस हैं. उनका जन्म 3 फरवरी 1960 को हुआ था. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग बीटेक के बाद आईआईटी से एमटेक भी किया है. वह अपने करियर में बिहार के 13 जिलों के जिलाधिकारी के तौर पर काम कर चुके हैं. वह 2017 से 2018 तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन भी थे.
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ही क्यों?
दरअसल, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पद 11 सितंबर को खाली हुआ था. तत्कालीन उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था. तभी से सरकार को एक बेहतर ब्यूरोक्रेट की तलाश थी. इससे पहले मई 2026 में IAS लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह की CMO में पोस्टिंग की गई थी.
2021 में हो गए थे रिटायर
दीपक कुमार 20 मार्च, 2021 को सक्रिय सेवा से आधिकारिक तौर पर रिटायर हो गए थे. लेकिन तुरंत ही वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर फिर से नियुक्त कर लिए गए. मुख्य सचिव से पहले वे बिहार के विकास आयुक्त भी रहे.
नीतीश कुमार के भरोसेमंद अधिकारियों की छुट्टी
इससे पहले 10 मई को भी पूर्व सीएम नीतीश कुमार के सभी भरोसेमंद अधिकारियों की सीएमओ से छुट्टी कर दी गई थी. उस दौरान बड़ी संख्या में आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए थे. इस बदलाव में CM सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के भरोसेमंद रहे IAS के रवि और IAS चंद्रशेखर सिंह को CMO से साइड किया. इनकी जगह उन्होंने अपने दो भरोसेमंद अधिकारी लोकेश कुमार और संजय सिंह की एंट्री कराई थी.