दुनिया के 2 सबसे तेज आवाज वाले पक्षियों की खोज, कान-फोड़ू आवाज सुनकर कांपे सब
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वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे तेज आवाज वाले दो नए पक्षियों की खोज की है. बेयर थ्रोटेड बेलबर्ड और रेड लेग्ड सेरिमा की आवाज 120 डेसिबल से भी ज्यादा है. यह शोर किसी जैकहैमर या चेनसॉ मशीन से भी तेज होता है. यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स की इस रिसर्च में गोल्फ रेंजफाइंडर तकनीक का खास इस्तेमाल हुआ है. वैज्ञानिक अब यह पता लगा रहे हैं कि इन पक्षियों ने आखिर इतनी तेज आवाज क्यों और कैसे विकसित की.
बेयर-थ्रोटेड बेलबर्ड. (इमेज क्रेडिट: यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट)
नई दिल्ली: कुछ पक्षी अपनी मीठी चहचहाहट के लिए जाने जाते हैं. लेकिन कुछ पक्षियों की आवाज किसी कान फोड़ू मशीन जैसी होती है. हाल ही में वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे तेज आवाज वाले दो नए पक्षियों की पहचान की है. इनके नाम बेयर थ्रोटेड बेलबर्ड और रेड लेग्ड सेरिमा हैं. इनकी आवाज सुनकर आपके कानों के पर्दे तक फट सकते हैं. ‘इवोल्यूशन’ नाम के जर्नल में छपी एक नई स्टडी में इसका खुलासा हुआ है. यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के वैज्ञानिकों ने की है. इस रिसर्च का मकसद यह समझना है कि इवोल्यूशन ने पक्षियों के कम्युनिकेशन को कैसे आकार दिया. इन पक्षियों की आवाज इतनी तेज है कि यह किसी चालू चेनसॉ मशीन या जैकहैमर को भी पीछे छोड़ देती है. वैज्ञानिकों ने पक्षियों की बनावट और आवाज के बीच एक गहरा कनेक्शन भी खोज निकाला है.
दुनिया के सबसे तेज आवाज वाले ये दो नए पक्षी आखिर कौन हैं?
यह पहली बार नहीं है जब जेफ पोडोस ने कोई ऐसा रिकॉर्ड खोजा हो. साल 2019 में उन्होंने अमेजन के जंगलों में वाइट बेलबर्ड की खोज की थी. यह पक्षी उस समय दुनिया का सबसे तेज आवाज करने वाला जीव माना गया था. उस समय इस पक्षी की आवाज करीब 125 डेसिबल दर्ज की गई थी. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी उनके इस दावे पर अपनी मोहर लगाई थी.
क्या इन पक्षियों की आवाज वाकई एक खतरनाक जैकहैमर जितनी तेज होती है?
पक्षियों की आवाज में डेसिबल का बड़ा अंतर देखने को मिलता है. वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में 58 डेसिबल का भारी वेरिएशन दर्ज किया है. हमिंगबर्ड जैसे छोटे पक्षी करीब 64 डेसिबल की आवाज निकालते हैं. यह शोर इंसानों की नॉर्मल बातचीत के बिल्कुल बराबर होता है. लेकिन बेयर थ्रोटेड बेलबर्ड और रेड लेग्ड सेरिमा का मामला एकदम अलग है. इन दोनों पक्षियों की आवाज का स्तर 120 डेसिबल के पार चला जाता है. यह आवाज किसी जैकहैमर या फिर चेनसॉ मशीन के पास खड़े होने से भी ज्यादा तेज होती है. इस शोर में इंसान के कान सुन्न पड़ सकते हैं. यह एक बहुत ही खतरनाक स्तर है. इतनी तेज आवाज किसी भी आम जानवर या पक्षी में आसानी से नहीं मिलती. इन पक्षियों का शोर जंगल में मीलों दूर तक बड़ी आसानी से गूंजता रहता है.
लाल टांगों वाली सेरिएमा. (इमेज क्रेडिट: यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट)
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