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NSA Case Detail: उत्तर प्रदेश सरकार की सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक की उस वक्त किरकिरी हुई है, जब कोर्ट में एनएसए के तहत हुई गिरफ्तारी को अवैध करार दिया गया है. हाल ही में कोर्ट ने संभल दंगे के मामले में एनएसए के तहत गिरफ्तार मुल्ला अफरोज की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
आकृति चौधरी की एनएसए के तहत हुई गिरफ्तारी को हाईकोर्ट ने किया था रद्द.
लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सूबे में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुदृढ़ है. लेकिन कई बार अधिकारियों की गलती के कारण योगी सरकार की किरकिरी हो गई. हाल ही में नोए़डा मजदूर हिंसा मामले में आकृति चौधरी और संभल हिंसा की जांच के दौरान मुल्ला अफरोज पर लगाए गए एनएसए को कोर्ट ने खारिज कर दिया. आकृति चौधरी के मामले में तो कोर्ट ने जिलाधिकारी मेधा रूपम पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया था. यूपी में केवल यही दो मामले नहीं हैं. बल्कि एनएसए के कई ऐसे मामले हैं, जो कोर्ट में अवैध करार दिए गए हैं.
जिन मामलों में कोर्ट ने NSA को अवैध बताया, उसकी रही लिस्ट
| नाम | जिला/मामला | NSA आदेश | कोर्ट का फैसला | मुख्य वजह |
|---|---|---|---|---|
| डॉ. कफील खान | अलीगढ़, CAA विरोध प्रदर्शन | 13 फरवरी 2020 | इलाहाबाद HC, 1 सितंबर 2020; SC ने 18 दिसंबर 2020 को HC के फैसले में दखल से इनकार किया | भाषण को सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना गया. HC ने detention रद्द किया |
| कन्हैया अवस्थी | उन्नाव, पत्रकार शुभम त्रिपाठी हत्याकांड | 6 सितंबर 2020 | इलाहाबाद HC, 2021 | प्रतिनिधित्व पर DM और केंद्र की ओर से देरी. NSA detention रद्द |
| मोहम्मद साजिद | लखनऊ | 3 जुलाई 2020 | इलाहाबाद HC, 2021 | प्रतिनिधित्व पर निर्णय में देरी. detention order quash |
| सोनू उर्फ मोहम्मद इश्तियाक | बाराबंकी | 11 अप्रैल 2021 | इलाहाबाद HC, 1 नवंबर 2021 | केंद्र सरकार की ओर से प्रतिनिधित्व पर 4 दिन की अस्पष्टीकृत देरी; NSA आदेश रद्द |
| अभयराज गुप्ता | शाहजहांपुर | 23 जनवरी 2021 | इलाहाबाद HC, 23 दिसंबर 2021 | घटना को पुराना माना गया, public order से पर्याप्त संबंध नहीं; NSA detention quash |
| कपिल कसाना | गाजियाबाद | 4 मार्च 2024 | इलाहाबाद HC, 4 मार्च 2025 | DM का आदेश non-speaking; law & order और public order के बीच अंतर पर पर्याप्त विचार नहीं; NSA रद्द |
| कालू उर्फ प्रवीण | गाजियाबाद | 19 फरवरी 2024 | इलाहाबाद HC, 25 सितंबर 2024 | NSA लगाने के आधारों और प्रक्रिया में कानूनी कमियां; detention order व consequential orders quash |
| इशाम उर्फ इसाम | शामली | 26 मई 2025 | इलाहाबाद HC, 26 मई 2026 | कथित गोहत्या घर के अंदर हुई; कोर्ट ने public peace/order या communal harmony प्रभावित होने का पर्याप्त आधार नहीं पाया |
| समीर | शामली | 21 जुलाई 2025 | इलाहाबाद HC, 26 मई 2026 | इशाम वाले ही मामले की तरह; घटना घर की चारदीवारी में, public order प्रभावित होने का पर्याप्त आधार नहीं |
| आकृति चौधरी | गौतमबुद्ध नगर/नोएडा | 13 मई 2026 | इलाहाबाद HC, 2 सितंबर 2026 | श्रमिक आंदोलन मामले में NSA detention को कोर्ट ने quash किया; ₹5 लाख मुआवजे का आदेश भी दिया |
संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज पर लगा था एनएसए
संभल हिंसा मामले में मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने संभल हिंसा के आरोपी मुल्ला अफरोज की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत रद्द कर दी. साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को भी निरस्त कर दिया, जिसमें उसकी हिरासत को बरकरार रखा गया था. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भारी जुर्माना भी लगाया है. आइए जानते हैं पूरा मामला. सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज को गैर-कानूनी रूप से प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में रखने के लिए योगी सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. अदालत का कहना है कि हिरासत में रहने के दौरान आरोपी के कबूलनामे के आधार पर प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश जारी नहीं किया जा सकता.
आकृति चौधरी केस में भी लगा था झटका
अप्रैल 2026 में नोएडा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन और अन्य मांगों को लेकर हुए आंदोलन व प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आगजनी के आरोप में डीयू की छात्रा आकृति चौधरी को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद मई 2026 में उनपर एनएसए लगाया गया. लेकिन हाईकोर्ट ने सितंबर 2026 के शुरुआती दिनों में आकृति चौधरी की एनएसए हिरासत को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि पुलिस के पास हिंसा भड़काने का कोई ठोस सबूत नहीं है. साथ ही गौतमबुद्ध नगर की तत्कालीन जिलाधिकारी मेधा रूपम व अन्य अधिकारियों के वेतन से 5 लाख रुपये मुआवजा वसूलकर आकृति को देने का आदेश दिया था.