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उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई है. कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. सड़क की जद में आने वाले कई धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है, लेकिन अब शाही मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है. वही इस पूरा मामले में प्रशासन और मस्जिद कमेटी के द्वारा आपसी सहमति बन गई है.
शाही मस्जिद को लेकर सहमति बन गई.
उज्जैन. सिंहस्थ 2028 की तैयारियां चल रही हैं. इसके लिए शहर में सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है. नई सड़कें भी बनाई जा रही हैं. इसी काम को लेकर विवाद भी सामने आ रहे हैं. पहले खड़े हनुमान मंदिर को हटाने को लेकर विरोध हुआ था. अब शाही मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है. कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. सड़क चौड़ीकरण की जद में करीब 7 धार्मिक स्थल आ रहे थे. इनमें से ज्यादातर को हटाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है. शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर पिछले दो दिनों से विरोध हो रहा था.
रविवार रात प्रशासन की टीम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ मौके पर पहुंची. इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद के पास जमा हो गए. हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. देर रात तक मौके पर तनाव बना रहा. पुलिस और प्रशासन ने मुस्लिम समाज के लोगों से बातचीत की. इसके बाद प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच आपसी सहमति बनने की बात सामने आई. शहर काजी खलीफुर्रहमान ने भी कहा कि प्रशासन के साथ सहमति बन गई है.
सहमति के बाद क्यों हुआ बवाल?
अब सवाल है कि रात को सहमति बनने के बाद सुबह बवाल कैसे हुआ? कहा जा रहा है कि मस्जिद कमिटी और मस्जिद जुड़े कार्यकर्ता खुद ही मस्जिद का हिस्सा तोड़ रहे थे. लेकिन अचानक लोगों की भीड़ जुटने लगी. भीड़ ने विरोध करना शुरू कर दिया. पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. इतना ही नहीं, पुलिस पर पथराव भी किए. यह हालात देखते हुए पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया.
मस्जिद तोड़ने को लेकर इंदौर हाईकोर्ट पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोग
बताया जा रहा है कि मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई मुस्लिम समाज की ओर से खुद की जा सकती है. हालांकि, मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. सड़क चौड़ीकरण को लेकर मुस्लिम समाज की ओर से अदालत का रुख भी किया गया है. मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है.
इंदौर हाईकोर्ट में आज होगा फैसला
इससे पहले शनिवार रात से ही मस्जिद परिसर के पास लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. रविवार को भी विरोध और नारेबाजी होती रही. अब सबकी नजर अदालत की सुनवाई पर है. इसके बाद ही साफ होगा कि शाही मस्जिद को लेकर सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई आगे किस तरह होगी.