Nepal Avalanche: Nepal Floods| Nepal Landslide| Nepal Avalanche: नेपाल में फिर आई आफत हिमदानव ने लील लिए बेस कैंप नहीं बचेगा भारत भी

Nepal Avalanche: Nepal Floods| Nepal Landslide| Nepal Avalanche: नेपाल में फिर आई आफत हिमदानव ने लील लिए बेस कैंप नहीं बचेगा भारत भी


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Nepal avalanche 10 missing: नेपाल में एक बार फिर से सफेद आफत ने दस्तक दी और इस बार निशाने पर थे, वो पर्वतारोही, जो चढ़ाई कर रहे थे. हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप को इस हिमस्खलन ने निगल लिया, जिसमें 10 लोग लापता हो गए हैं. इतना ही नहीं एक बार फिर से नेपाल के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन ने भी आपात स्थिति पैदा कर दी है.

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नेपाल में फिर हिमस्खलन, बाढ़ का खतरा. (एएनआई)

Nepal Avalanche Floods Landslide: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी के बीच को हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप में हिमस्खलन हुआ है. इस हादसे के बाद कम से कम 10 लोगों के लापता होने की खबर है. आपको बता दें कि हिमलुंग हिमाल बेसकैंप नेपाल के मनांग जिले में स्थित है और इसकी ऊंचाई करीब 7,126 मीटर है. हिमस्खलन ने पहाड़ के बेस कैंप को अपनी चपेट में लिया, जहां अलग-अलग पर्वतारोही दलों के लोग मौजूद थे. पर्वतारोहण अभियान के आयोजक मिंगमा ग्यालजे शेरपा ने भी पुष्टि की है कि उनके दल के दो रसोई कर्मचारियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

पहाड़ी इलाके में पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी. खराब मौसम को देखते हुए पिछले सप्ताह पर्वतारोहण दलों और रस्सी लगाने वाली टीमों को पहाड़ से नीचे लौटने की सलाह दी गई थी. हालांकि, कुछ लोग वहां रुक गए थे. इस बीच पूरे नेपाल में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. शुक्रवार से खराब मौसम के कारण कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं. पर्यटन विभाग ने ट्रेकिंग और पर्वतारोहण समेत पर्यटन गतिविधियों को फिलहाल रोकने की सलाह दी है.

नदियों में फिर उतरा सैलाब 

उधर लुंबिनी प्रांत के रुपंदेही जिले में भी भारी बारिश के कारण तिनाउ नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी. शनिवार रात नदी का पानी बढ़ने से बुटवल में किनारे स्थित 6 मकान बह गए. करीब 1000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि नदी किनारे रहने वाले लगभग 200 मकानों पर खतरा बना हुआ है. नेपाल के दक्षिणी चितवन और नवलपरासी जिलों के कुछ हिस्सों में नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है.

भारत में क्यों मंडराया खतरा?

  1. सेंटर ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड वॉटर रिसोर्सेज रिसर्च की ओर से जारी बाढ़ पूर्वानुमान और एडवाइजरी बुलेटिन के मुताबिक नारायणी नदी का जलस्तर बढ़कर लगभग 11 मीटर हो गया था, जो 9 मीटर के तय खतरे के निशान से काफी ऊपर है. भारत में गंडक के नाम से जानी जाने वाली इस सीमा-पार नदी में बाढ़ आने से पड़ोसी देश के निचले इलाकों पर भी असर पड़ सकता है.
  2. नारायणी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक, काली गंडकी नदी में बहाव खतरे के निशान से काफी ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि सेती, माडी, मर्स्यांगडी, डारौंडी और चेपे नदियां अपने चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं और उनका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.
  3. बूढ़ी गंडकी और त्रिशूली नदियां भी अपने चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं. तेज बहाव के कारण चितवन और नवलपरासी जिलों में नारायणी नदी के किनारे निचले और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है. ये तीनों जिले भारत की सीमा से लगे हैं. ऐसे में खतरा भारत के लिए भी बढ़ गया है. हाल ही में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ झेल चुके नेपाल में 24 सितंबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है



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