खाकी पर हमला: हेड कांस्टेबल को बेसबॉल बैट से पीटा, आंख पर आए 5 टांके
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दिल्ली की सड़कों पर बेखौफ बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे पुलिसकर्मियों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं. अमन विहार थाने में तैनात हेड कांस्टेबल कृष्णा जब 23 तारीख की देर रात ड्यूटी खत्म कर बीमार पत्नी के लिए कोल्ड ड्रिंक लेने मंगोलपुरी के वाई-ब्लॉक पहुंचे, तो वहां बदमाशी कर रहे युवकों को टोकना उन्हें भारी पड़ गया. इसके कुछ ही देर बाद 7 से 8 युवकों ने बेसबॉल बैट के साथ उन पर जानलेवा हमला बोल दिया.
आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल का जबड़ा तोड़ दिया.
दिल्ली के मंगोलपुरी Y- ब्लॉक इलाके से पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि देर रात ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे अमन विहार थाने में तैनात हेड कांस्टेबल कृष्णा के साथ 7 से 8 युवकों ने मारपीट की. हेड कांस्टेबल कृष्णा के मुताबिक, 23 तारीख की रात करीब 12 से 12:15 बजे वह अमन विहार थाने में अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे. उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी और उन्होंने रास्ते से कोल्ड ड्रिंक लाने के लिए कहा था.
कृष्णा के मुताबिक, मंगोलपुरी Y-ब्लॉक पेट्रोल पंप के पास एक दुकान से कोल्ड ड्रिंक लेने के दौरान कुछ लड़के कथित तौर पर बदतमीजी कर रहे थे. उन्होंने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा. आरोप है कि इसके कुछ देर बाद 7 से 8 लड़के वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. हेड कांस्टेबल का दावा है कि आरोपियों में नवासा और वकील नाम के युवक और उनके साथी शामिल थे. आरोप है कि कुछ युवकों के हाथ में बेसबॉल का बल्ला भी था, जिसे कृष्णा ने अपने बचाव में छीन लिया. इसके बाद कई युवकों ने उन्हें पकड़कर पीटा.
मारपीट में हेड कांस्टेबल कृष्णा के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं. आंख के पास करीब 5 टांके लगाए गए हैं, जबकि जबड़े में भी सूजन है. उनका कहना है कि चोट के कारण फिलहाल वह ठीक से खाना तक नहीं खा पा रहे हैं. कृष्णा ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया. साथ ही उनके गले में करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन थी, जो घटना के बाद नहीं मिली. उन्होंने आशंका जताई है कि चेन भी छीनी गई हो सकती है.
घटना के बाद हेड कांस्टेबल विजय विहार थाने पहुंचे. उनका आरोप है कि उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए घर फोन करने के लिए मोबाइल मांगा, लेकिन उन्हें फोन देने से इनकार कर दिया गया. बाद में एक हेड कांस्टेबल के फोन से उन्होंने अपने परिवार को सूचना दी. कृष्णा का आरोप है कि चेहरे से खून निकलने के बावजूद उन्हें तत्काल मेडिकल के लिए नहीं ले जाया गया. बाद में उन्हें अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल कराया गया. हेड कांस्टेबल के मुताबिक उनकी MLC फिलहाल अस्पताल के पास है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिसकर्मी के साथ हुई इस घटना में अभी तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई. हेड कांस्टेबल के मुताबिक, विजय विहार थाने में उन्हें बताया गया कि घटनास्थल का इलाका विजय विहार थाना क्षेत्र में नहीं बल्कि मंगोलपुरी थाना क्षेत्र में आता है. फिलहाल इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी. पुलिसकर्मी का कहना है कि अगर बदमाश पुलिसकर्मी के साथ इस तरह की वारदात कर सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं.