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Human Trafficking Busted: उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में मानव तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. RPF और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने 24 सितंबर को ट्रेन संख्या 15568 में छापेमारी कर 5 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी के लिए ले जाए जाने से बचा लिया. अयोध्या कैंट से लखनऊ के बीच S-5 कोच में ये बच्चे संदिग्ध हालत में मिले. जांच में पता चला कि इन्हें कटिहार से अहमदाबाद बिजली के खतरनाक काम के लिए ले जाया जा रहा था. टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
नाबालिग बच्चों के साथ पकड़ा गया तस्कर.
लखनऊ: उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में आरपीएफ (RPF) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. संयुक्त टीम ने ट्रेन में बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 5 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है. इन मासूमों को उनके माता-पिता से पैसों का लालच देकर खतरनाक काम के लिए ले जाया जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है.
जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को आरपीएफ और एएचटीयू की टीम ट्रेनों में चेकिंग कर रही थी. इसी बीच ये टीम अयोध्या से लखनऊ के बीच गांधीधाम एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15668 पर चढ़ी. ये ट्रेन असम के कामख्या से गुजरात के अहमदाबाद तक जाती है. टीम की नजर S-5 कोच में सहमे हुए बैठे पांच बच्चों पर पड़ी. ये बच्चे काफी डरे हुए लग रही थी. उनके पास एक संदिग्ध शख्स भी बैठा हुआ था. पुलिस ने जैसे ही बच्चों से बात की, तो उनके जवाब सुनकर साफ हो गया कि इनकी तस्करी की जा रही है. जिसकी वजह से एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.
अहमदाबाद में कराना था बिजली के तारों का खतरनाक काम
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें बिहार के कटिहार से गुजरात के अहमदाबाद ले जाया जा रहा था. वहां उनसे बिजली के तारों से जुड़ा काम कराया जाना था. बता दें कि ये काम काफी जोखिम वाला होता है. पुलिस ने खतरे को भांपते हुए बच्चों को ले जाने वाले 25 वर्षीय तस्कर जहांगीर आलम को भी गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने मासूमों के गरीब माता-पिता को एडवांस पैसों और ज्यादा कमाई का लालच दिया था, जिसके झांसे में आकर उन्होंने अपने बच्चों को उसके साथ भेज दिया था.
आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
रेस्क्यू किए गए सभी पांचों बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया है. वहीं, आरोपी जहांगीर आलम के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना डालीगंज, लखनऊ में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. 26 सितंबर को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
रेलवे की अपील
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्हें ट्रेनों या स्टेशनों पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे या किसी बच्चे को जबरन ले जाए जाने का शक हो, तो तुरंत RPF, GRP या संबंधित रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें. (रिपोर्ट-समीर सिंह)