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Hotel Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक एमकॉम ग्रेजुएट युवक ने लाखों की नौकरी छोड़कर होटल व्यवसाय शुरू किया है. वह अपने मराठा दरबार होटल के माध्यम से करीब 10 लोगों को रोजगार दे रहे हैं और अपने पिता के सपने को पूरा कर रहे हैं.
Hotel Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में कई युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छी नौकरी की तलाश करते हैं लेकिन रास्तीपुरा क्षेत्र के रहने वाले भारत महाजन ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के बजाय पिता के व्यवसाय को आगे बढ़ाने का फैसला किया. एमकॉम की पढ़ाई पूरी कर चुके भारत पिछले करीब 20 वर्षों से मराठा दरबार होटल का संचालन कर रहे हैं. एमकॉम पढ़े एक युवक ने मल्टीनेशनल कंपनी की लाखों रुपए पैकेज वाली नौकरी छोड़कर होटल का संचालन शुरू कर दिया है. जहां पर वह करीब 10 लोगों को रोजगार देते हैं. उनका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देना है.
होटल संचालक ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को भारत बताते हैं कि होटल की शुरुआत उनके पिता ने की थी. पढ़ाई के दौरान वे अपने पिता के काम में हाथ बंटाते थे.पिता का सपना था कि परिवार ऐसा व्यवसाय करे जिससे केवल खुद की रोजी-रोटी ही नहीं चले बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल सके. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भारत ने एमकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद होटल व्यवसाय को अपना करियर बना लिया.भारत का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने नौकरी करने का विकल्प था लेकिन उन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए पारिवारिक व्यवसाय को संभालना ज्यादा उचित समझा. आज वह होटल का संचालन खुद करते हैं और करीब 10 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. होटल में खाना बनाने से लेकर ग्राहकों की सेवा और अन्य व्यवस्थाओं तक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं.
वेज नॉनवेज करते हैं पसंद
भारत के मुताबिक, होटल में ग्राहकों को स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के बीच मराठा दरबार होटल की अपनी पहचान बनी हुई है. यहां आने वाले ग्राहक भोजन के स्वाद को पसंद करते हैं और कई लोग नियमित रूप से यहां पहुंचते हैं. भारत कहते हैं कि व्यवसाय में सफलता के लिए मेहनत, ईमानदारी और ग्राहकों का विश्वास सबसे जरूरी है. उन्होंने अपनी पढ़ाई का उपयोग नौकरी पाने के बजाय पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया. आज उनका होटल न केवल उनके परिवार की आजीविका का साधन है. बल्कि करीब 10 परिवारों के लिए रोजगार का जरिया भी बना हुआ है. उनकी कहानी युवाओं के लिए यह बताती है कि पढ़ाई के बाद अपने पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाकर भी रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं.