‘थू-थू’ के बाद एक्शन! बिहार पुलिस मुख्यालय का आदेश, जंगली और पहाड़ी पिकनिक स्पॉट पर पैदल गश्ती टीम तैनात होगी

‘थू-थू’ के बाद एक्शन! बिहार पुलिस मुख्यालय का आदेश, जंगली और पहाड़ी पिकनिक स्पॉट पर पैदल गश्ती टीम तैनात होगी


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Bihar Tourist Places Police Patrolling : बीते कुछ दिनों में जमुई के मड़वा पहाड़ी, समस्तीपुर और बांका में लड़कियों के साथ छेड़खानी के वीडियो वायरल हुए तो इससे बिहार पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे. पुलिस की जब थू-थू हुई तो बिहार पुलिस मुख्यालय ने माना कि सुनसान पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की कमी है. ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए आखिरकार पुलिस ने अपना ‘एक्शन मोड’ ऑन कर दिया है. अब पर्यटन स्थलों, पिकनिक स्पॉट और युवाओं के अड्डों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने, पैदल गश्ती टीम लगाने और साइबर सेल को अलर्ट रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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लड़कियों से छेड़खानी के वायरल वीडियो के बाद पुलिस मुख्यालय सख्त, पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी निगरानी

पटना. जमुई, समस्तीपुर और बांका में लड़कियों से छेड़खानी के वीडियो वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय एक्शन में आ गया है. ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को विशेष निगरानी और गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया है. खासकर उन जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है, जहां बड़ी संख्या में युवा और किशोर-किशोरियां घूमने पहुंचते हैं. पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट निर्देश है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूमने आए लोगों के बीच पुलिस की विजिबिलिटी दिखाई देनी चाहिए. खासकर ऐसे पर्यटन स्थल जो जंगली और पहाड़ी इलाकों में हैं, वहां पुलिस की पैदल गश्ती टीम लगाई जाए. यह पैदल गश्ती टीम सुबह से देर शाम तक घूमकर सुरक्षा सुनिश्चित कराएगी. इसके साथ ही उन स्थानों पर अलग से पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है.

पर्यटन और पिकनिक स्पॉट पर होगी विशेष निगरानी

पुलिस मुख्यालय ने पर्यटन स्थलों, पिकनिक स्पॉट और युवाओं के आवागमन वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का निर्देश दिया है. ऐसे पर्यटन स्थल जो जंगल और पहाड़ी इलाकों में हैं, वहां विशेष रूप से पैदल गश्ती टीम लगाने को कहा गया है. यह टीम सुबह से देर शाम तक संबंधित इलाके में पैदल गश्त करेगी और वहां आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. पुलिस मुख्यालय का जोर इस बात पर है कि पर्यटन और रमणीक स्थलों पर आम लोगों को पुलिस की मौजूदगी साफ तौर पर दिखाई दे.

थानों को तैयार करनी होगी स्पॉट की सूची

पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जहां स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं घूमने के लिए जाते हैं. इन स्थानों को चिन्हित करने के बाद वहां जरूरत के अनुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. इसके साथ ही थानेदारों को अपने-अपने इलाके में असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है. पुलिस को ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखने का निर्देश दिया गया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर आने वाली लड़कियों या महिलाओं के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं.

वायरल वीडियो पर साइबर सेल की नजर

इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने जिलों के साइबर सेल को भी सक्रिय रखने का निर्देश दिया है. पर्यटन और रमणीक केंद्रों के आसपास होने वाली घटनाओं से संबंधित कोई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की स्थिति में उसकी निगरानी और पहचान सुनिश्चित करने को कहा गया है. जिलों के सोशल मीडिया और मॉनिटरिंग सेल को वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करते हुए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो वास्तविक घटना का है या किसी पुराने अथवा दूसरे स्थान के वीडियो को गलत संदर्भ में प्रसारित किया जा रहा है.

पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने पर जोर

पुलिस मुख्यालय के निर्देश में साफ कहा गया है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में घूमने आने वाले लोगों के बीच पुलिस की विजिबिलिटी दिखाई देनी चाहिए. इसके लिए नियमित गश्ती के साथ संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी. जमुई, समस्तीपुर और बांका में सामने आए मामलों के वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यालय स्तर से जारी इन निर्देशों का मकसद पर्यटन और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और ऐसी घटनाओं की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है.



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