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Saurabh Patel Balaghat Visit: मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा बच्चों की मौतों के बाद देश की नजरे इस जिले पर पड़ी. ऐसे में यहां पर देश भर से लोग उन इलाकों तक जा रहे हैं, जहां पर बैगा बच्चों की मौतें हुई है. ऐसे में बिग बॉस सीजन 12 फेम एक्टर सोरभ पटेल भी इन दिनों बालाघाट में ही है. वह भी यहां पर आकर उन परिवारों से मिल रहे हैं, जिन्होंने अपने घर के मासूमों को खोया है.
Saurabh Patel Balaghat Visit: मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा बच्चों की मौतों के बाद देश की नजरे इस जिले पर पड़ी. ऐसे में यहां पर देश भर से लोग उन इलाकों तक जा रहे हैं, जहां पर बैगा बच्चों की मौतें हुई है. ऐसे में बिग बॉस सीजन 12 फेम एक्टर सोरभ पटेल भी इन दिनों बालाघाट में ही है. वह भी यहां पर आकर उन परिवारों से मिल रहे हैं, जिन्होंने अपने घर के मासूमों को खोया है. ऐसे में वह मीडिया से भी मिले. इस दौरान उन्होंने बिग बॉस से जुड़े किस्से, बॉलीवुड और बैगा बच्चों की मौतों पर मीडिया से बातचीत की. इस दौरान वह अपने ही बयानों में घिरने लगे और मीडिया से ही बहस करने लगे. जानिए उन्होंने क्या कहा…
सौरभ बोले- चार घंटे वहां बिताया
बॉलीवुड एक्टर सौरभ पटेल का दावा है कि वह बालाघाट के उन प्रभावित गांवों का दौरा किया है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि जो सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिखाया वह गलत दृष्य है. ऐसे में वह अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहते हैं कि वह उन गांवों में गए. उन्होंने एक साथ दो दावे किए. एक वह नौ महीने पहले ही आजाद हुआ क्षेत्र है. सालों तक नक्सली वहां अपना डेरा डाले रहे. ऐसे में यहां पर कोई सरकारी अफसर तक नहीं आ पा रहा था. ऐसे में इस इलाके में विकास नहीं हो पाया. वहीं, दूसरी बात यह कहते हैं कि वहां पर सड़कें बनी हुई हैं. साथ ही नल भी बने हुए, जिससे साफ और स्वच्छ जल आ रहा है. ऐसे में सड़क भी बनी भी सात साल होना बताया है. ऐसे में दोनों ही बातों में विरोधाभास समझ आया है.
आदिवासी संस्कृति को बताया जिम्मेदार
बालाघाट में 32 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौतें हुई है. इस पर बॉलीवुड एक्टर सौरभ पटेल का कहना है कि स्थानीय आदिवासियों की अपनी जीवन शैली और संस्कृति है, जिसे जबरदस्ती नहीं बदला जा सकता है. डॉक्टर पर अविश्वास के कारण वहां अवेयरनेस की सख्त जरूरत है, क्योंकि किसी सदस्य की मृत्यु होने पर वे उस घर को छोड़ देते हैं. उनका मानना है कि हाल ही में नक्सलवाद खत्म होने के बाद ही यह क्षेत्र सही मायनों में आज़ाद हुआ है.
अपने ही दावों में घिरे एक्टर सौरभ पटेल
एक्टर सौरभ पटेल ने दावा किया था कि वह प्रभावित गांवों तक गए. तब रिपोर्टर ने पुछा कि उन गांवों के नाम बताइए. तब वह कहते है “बिरसा”. फिर पत्रकारों ने उन्हें बताया कि बिरसा प्रभावित गांव नहीं बल्कि वह विकासखंड है, जिसके तहत वह गांव आते हैं. फिर वह अपने सहयोगी से पूछते हैं कि कौन से गांव है तब वह बताते हैं कि वह अडोरी और कुंडेकसा गांव है. ऐसे में उनके चार घंटे के दौरे की हकीकत ही उजागर हो गई. दरअसल, अडोरी पंचायत के तहत कुंडेकसा और बोंदारी गांव आते हैं. यहीं वह गांव है, जहां पर बीमारियां ज्यादा फैली थी. ऐसे में वह सिर्फ एक सड़क और कुछ घरों तक पहुंचे और सोशल मीडिया में प्रचार कर रहे हैं कि सब ठीक है.
जब पत्रकारों ने सच्चाई बताई तो बोले- सरकार की लापरवाही
स्थानीय पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्हें भी एहसास हुआ कि उनका सर्वे सैंपल काफी छोटा है. ऐसे में उन्होंने स्थानीय पत्रकारों की बात मानते हुए कहा कि सरकार को बाहर से इंफ्लूएंसर नहीं बुलाने चाहिए. बल्कि स्थानीय पत्रकारों पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए. सौरभ ने कहा कि अगर बच्चों की मौत लापरवाही से हुई है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है.
बिग बॉस में कैसे होती है एंट्री
लोकल 18 ने बॉलीवुड एक्टर सौरभ पटेल से जाना कि बिग बॉस में एंट्री कैसे होती है. तब वह कहते हैं कि जब वह सीजन 12 में प्रतिभागी थे. तब वह स्ट्रगल कर रहे थे. तब उसके लिए ऑडिशन होते थे. उसमें सेलिब्रिटी के साथ आम लोगों को भी मौका मिलता था. तब काफी अच्छा प्लेटफॉर्म था. इसमें हफ्ते भर के लिए राशन मिलता है और उसे चलाने के लिए पूरी टीम स्ट्रग्ल करना होता है. अब जब वक्त बदला है, तो अब आम लोगों को एंट्री नहीं मिलती है. उनका कहना है कि अब सिर्फ व्यूज और वायरल लोगों को ही बिग बॉस में एंट्री मिलती है.