Women Health Tips: 30 के बाद महिलाओं के लिए जरूरी हैं ये हेल्थ टेस्ट, थकान-कमजोरी हो तो जरूर दें ध्यान

Women Health Tips: 30 के बाद महिलाओं के लिए जरूरी हैं ये हेल्थ टेस्ट, थकान-कमजोरी हो तो जरूर दें ध्यान


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Women Health Tips After 30: महिलाओं को 30 के बाद सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए. डॉ. पूजा शेरोन के अनुसार, ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं. थकान या पीरियड्स में बदलाव पर CBC, आयरन, विटामिन D और B12 की जांच करवाएं. सर्वाइकल और ब्रेस्ट स्क्रीनिंग भी महत्वपूर्ण है. जानिए आयुर्वेदिक फिजिशियन और आयुर्वेदिक कंसल्टेंट, Menoveda की डॉ.पूजा शेरोन से टिप्स.

नई दिल्ली: उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. खासकर 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग रहने की जरूरत होती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर महिला को हर साल सभी तरह के टेस्ट करवाने चाहिए. जरूरत और शरीर में दिखने वाले लक्षणों के हिसाब से सही जांच करवाना ज्यादा जरूरी है. आयुर्वेदिक फिजिशियन और आयुर्वेदिक कंसल्टेंट, Menoveda की डॉ.पूजा शेरोन के मुताबिक 30 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी बेसिक हेल्थ की नियमित निगरानी करनी चाहिए. इसमें ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे पैरामीटर शामिल हैं. इनकी जांच से शरीर की सामान्य स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल सकती है.

लगातार थकान है तो कराएं ये टेस्ट
आजकल कई महिलाएं लगातार थकान, कमजोरी या शरीर में दर्द जैसी समस्याओं को काम का दबाव या व्यस्त लाइफस्टाइल समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन अगर ऐसी परेशानी लगातार बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.डॉ. पूजा के मुताबिक, ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर की सलाह से CBC, आयरन, विटामिन D और विटामिन B12 की जांच करवाई जा सकती है. इन टेस्ट के जरिए शरीर में खून और कुछ जरूरी पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकती है. हालांकि हर महिला के लिए इन सभी टेस्ट की जरूरत नहीं होती, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बाद ही जांच करवाना बेहतर है.

पीरियड्स में बदलाव हो तो डॉक्टर से करें बात
महिलाओं को अपने पीरियड्स के पैटर्न पर भी ध्यान देना चाहिए. अगर पीरियड्स के चक्र में लगातार बदलाव हो रहा है, ब्लीडिंग पैटर्न बदल गया है या पहले की तुलना में कोई नया लक्षण दिखाई दे रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. 30 और 40 की उम्र के बीच कुछ महिलाओं में पेरिमेनोपॉज से जुड़े बदलाव भी शुरू हो सकते हैं. इस दौरान गर्मी महसूस होना, नींद खराब होना, वजन बढ़ना या मूड में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इन्हें सिर्फ तनाव या उम्र का सामान्य असर मानकर छोड़ना सही नहीं है.

सर्वाइकल और ब्रेस्ट हेल्थ की स्क्रीनिंग भी जरूरी
डॉ. पूजा के मुताबिक, महिलाओं को केवल ब्लड टेस्ट पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए. सर्वाइकल हेल्थ और ब्रेस्ट हेल्थ की स्क्रीनिंग भी समय पर करवाना जरूरी है. किस महिला को कौन-सी स्क्रीनिंग और कितनी बार करवानी है, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जोखिम के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं. यानी 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए जरूरी बात यह है कि बिना जरूरत हर टेस्ट कराने के बजाय अपने शरीर के संकेतों को समझें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच करवाएं. साथ ही किसी भी विटामिन, सप्लीमेंट या दवा को खुद से शुरू करने के बजाय पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें.



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