Omaxe पर SEBI Action: क्या कर रही थी कंपनी, सेबी ने 6 संस्‍थाओं के मार्केट में कारोबार करने पर लगाई रोक

Omaxe पर SEBI Action: क्या कर रही थी कंपनी, सेबी ने 6 संस्‍थाओं के मार्केट में कारोबार करने पर लगाई रोक


रियल एस्टेट कंपनी Omaxe पर SEBI ने बड़ा एक्शन लिया है. कंपनी को 3 महीने के लिए सिक्योरिटी मार्केट से बाहर कर दिया गया है, जबकि उसके प्रमोटरों और कुछ जुड़ी संस्थाओं पर 1 साल की रोक लगाई गई है. कुल ₹1.92 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है. लेकिन इस कार्रवाई की असली कहानी सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है. SEBI की जांच में सवाल उठा कि Omaxe ने 25% न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्त पूरी करने के लिए शेयर किस तरह पब्लिक के बीच दिखाए.

SEBI के मुताबिक, Omaxe के लिए जरूरी था कि कंपनी में कम से कम 25% हिस्सेदारी स्वतंत्र पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हो. लेकिन रेगुलेटर की जांच में कुछ ऐसी शेयर खरीद सामने आईं, जिनके लिए इस्तेमाल हुआ पैसा Omaxe और उसकी ग्रुप कंपनियों से जुड़ा बताया गया. यानी जिन संस्थाओं को पब्लिक शेयरहोल्डर के तौर पर दिखाया गया, उनकी शेयर खरीद की फंडिंग पर ही सवाल खड़ा हो गया.

शेयर खरीदने वालों को पैसा कौन दे रहा था?

SEBI के अनुसार, Omaxe और उससे जुड़ी कंपनियों से पैसा सीधे शेयर खरीदने वाली संस्थाओं तक पहुंचने के बजाय कई कंपनियों के जरिए आगे गया. जांच में DVM Realtors Pvt Ltd, Garv Buildtech Pvt Ltd और Jeet Builders Pvt Ltd के नाम सामने आए. रेगुलेटर के मुताबिक इन रास्तों से कुल ₹46.50 करोड़ की रकम भेजी गई और बाद में इसी पैसे का इस्तेमाल Omaxe के शेयर खरीदने में हुआ.

ये शेयर कब खरीदे गए?

SEBI के आदेश के मुताबिक, यह खरीदारी 3 जून 2013 और 29 अक्टूबर 2013 को हुए ऑफर फॉर सेल यानी OFS के दौरान हुई थी. OFS में मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बाजार के जरिए बेचते हैं. Omaxe के मामले में SEBI ने यह जांचा कि इन शेयरों को खरीदने वाले निवेशक वास्तव में स्वतंत्र थे या उनके पीछे कंपनी से जुड़ा फंड इस्तेमाल किया गया था.

SEBI को इसमें गड़बड़ी क्यों लगी?

रेगुलेटर का कहना है कि इन लेनदेन को अलग-अलग और स्वतंत्र फंड ट्रांसफर या शेयर खरीद के तौर पर नहीं देखा जा सकता. वजह यह थी कि रकम का स्रोत Omaxe और उसकी ग्रुप कंपनियों से जुड़ा था और कई संस्थाओं के जरिए घूमने के बाद उसी कंपनी के शेयर खरीदने में इस्तेमाल हुआ. SEBI के मुताबिक, ऐसे लेनदेन को वास्तविक स्वतंत्र पब्लिक शेयरहोल्डिंग मानने में दिक्कत थी.

25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग का खेल क्या है?

लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग का नियम इसलिए है ताकि कंपनी के शेयरों का एक तय हिस्सा आम निवेशकों और अन्य स्वतंत्र पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास रहे. सिर्फ रिकॉर्ड में 25% हिस्सेदारी दिखा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शेयरहोल्डिंग की वास्तविक प्रकृति भी महत्वपूर्ण है. Omaxe के मामले में SEBI की आपत्ति इसी बात पर है कि दिखाई गई पब्लिक हिस्सेदारी के पीछे फंडिंग का स्रोत क्या था.

अब किस पर क्या कार्रवाई हुई?

SEBI ने Omaxe को 3 महीने के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित किया है. प्रमोटर रोहताश गोयल और जय भगवान गोयल पर 1 साल की रोक लगाई गई है. ड्रीम होम डवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड, गिल्ड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और Omaxe के पूर्व ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील गोयल पर भी 1 साल का प्रतिबंध लगाया गया है. सभी पर मिलाकर ₹1.92 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है.



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