Earth Richest Country : वो ‘गांव’ जहां बैठे-बैठे खाते हैं लोग, जॉब करने वालों की होती है पूजा, शादी-घर-बच्चा सबके लिए पैसे देती है सरकार

Earth Richest Country : वो ‘गांव’ जहां बैठे-बैठे खाते हैं लोग, जॉब करने वालों की होती है पूजा, शादी-घर-बच्चा सबके लिए पैसे देती है सरकार


दुनिया में एक ऐसी भी जगह है जिसे अगर धरती का ‘स्वर्ग’ कहा जाए, तो शायद गलत नहीं होगा. जहां लोगों को बिना कोई काम किए ही सरकार से ढेर सारा पैसा मिलता है. वहां के नागरिक अगर चाहें तो जिंदगी भर बिना कोई नौकरी या कारोबार किए आराम की जिंदगी बिता सकते हैं. वहां अगर कोई इंसान अपनी मर्जी से नौकरी करने चला जाए, तो समझो उसकी पूजा ही होने लगती है. शादी हो, नया घर हो या बच्चा पैदा होना हो, सरकार हर मोड़ पर अपनी जेब से लाखों-करोड़ों रुपए शगुन के रूप में देती है. पानी, बिजली या गैस का बिल क्या होता है, वहां के लोगों को तो इसका मतलब भी नहीं पता, क्योंकि सब कुछ मुफ्त है.

ये देश कोई और नहीं, ‘कतर’ है

ये ‘गांव’ जितना छोटा एक देश है, जिसका नाम कतर है. इस देश का साइज भारत के त्रिपुरा जितना है लेकिन ये छोटा सा देश आज दुनिया के सबसे अमीर मुल्कों में सबसे ऊपर आता है. कतर में रहने वाले नागरिकों की जिंदगी किसी राजा-महाराजा से कम नहीं है. यहां की सरकार अपने नागरिकों का ख्याल किसी अमीर मां-बाप की तरह रखती है. कतर के मूल निवासियों के लिए गरीबी, बेरोजगारी या आर्थिक तंगी जैसे शब्द पूरी तरह से बेमानी हैं. यहां के लोग न तो पानी का बिल भरते हैं और न ही बिजली-गैस का. सबसे मजेदार बात तो ये है कि कतर दुनिया का अकेला ऐसा देश है, जहां बोतल बंद पीने के पानी की कीमत पेट्रोल से भी ज्यादा महंगी है!

बिना काम किए ऐश, और काम करो तो छप्पर फाड़ कमाई

कतर की कुल आबादी में वहां के मूल नागरिकों की संख्या काफी कम है, लेकिन उन्हें मिलने वाली सहूलियतों का स्तर जानकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे. कतर के मूल निवासियों को काम करने की कोई खास मजबूरी नहीं होती. सरकार उन्हें हर महीने इतना आर्थिक भत्ता और सहायता देती है कि वो बिना कोई उंगली हिलाए भी आलीशान जिंदगी जी सकते हैं.

लेकिन अगर कोई कतरी नागरिक खुद से नौकरी करने का फैसला करता है, तो उसे ऐसी सैलरी दी जाती है जिसकी कल्पना दुनिया के बड़े-बड़े कॉरपोरेट एक्जीक्यूटिव भी नहीं कर सकते. कतर में नौकरी करने वाले स्थानीय नागरिकों को समाज में बहुत सम्मान दिया जाता है. उनकी तनख्वाह इतनी भारी-भरकम होती है कि वो चुटकियों में लक्जरी विला और सुपरकार्स खरीद लेते हैं.

शादी से लेकर बच्चे के जन्म तक, सरकार देती है बंपर कैश

दुनिया के बाकी देशों में शादी करना, घर बसाना या बच्चा पैदा करना एक बड़ा आर्थिक बोझ माना जाता है. इंसान सालों-साल बचत करता है कि शादी का खर्च कैसे उठेगा या बच्चे के लालन-पालन का क्या होगा. लेकिन कतर में कहानी बिल्कुल उल्टी है!

कतर की सरकार चाहती है कि उसके नागरिक ज्यादा से ज्यादा शादियां करें और अपना परिवार बढ़ाएं. इसलिए, जब भी कोई कतरी नागरिक शादी करता है, तो सरकार उसे शादी के तोहफे के तौर पर लाखों रुपये की नकद आर्थिक मदद देती है. इसके अलावा, बिना किसी ब्याज के बड़ा लोन दिया जाता है. इतना ही नहीं, जब घर में बच्चा पैदा होता है, तो उसके लालन-पालन और देखभाल के लिए भी सरकार अलग से भारी-भरकम वित्तीय सहायता देती है.

घर बनाने के लिए मुफ्त जमीन और बिना ब्याज का लोन

कतर में रहने वाले नागरिकों को सिर छुपाने या घर बनाने की चिंता कभी नहीं सताती. कतर सरकार अपने हर कतरी नागरिक को घर बनाने के लिए मुफ्त में जमीन का टुकड़ा देती है. जमीन मिलने के बाद आलीशान मकान खड़ा करने का खर्च भी सरकार ही आसान बनाती है.

सरकार नागरिकों को बिना किसी ब्याज के लंबा कर्ज मुहैया कराती है, ताकि वो अपनी पसंद का भव्य विला बना सकें. जब तक घर बनकर तैयार नहीं होता या अगर कोई अपना घर नहीं बनाना चाहता, तब तक सरकार उन्हें रहने के लिए आलीशान सरकारी आवास या भारी-भरकम किराया भत्ता देती है.

मुफ्त इलाज, मुफ्त पढ़ाई, चाहे दुनिया की किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ो!

कतर में हेल्थकेयर और एजुकेशन पूरी तरह से मुफ्त हैं और इनका स्तर दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जाता है. अगर कोई कतरी नागरिक बीमार पड़ता है, तो उसके इलाज का एक-एक पैसा सरकार देती है. अगर देश के अंदर इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो सरकार मरीज को दुनिया के सबसे बेहतरीन अस्पतालों, चाहे अमेरिका हो या यूरोप में भेजती है. वहां का सारा खर्च, आने-जाने का फ्लाइट टिकट, होटल में रुकना और अस्पताल का बिल सब कुछ कतर सरकार उठाती है.

शिक्षा के मामले में भी यही शाही नियम लागू होता है. कतर का कोई भी नागरिक अगर दुनिया की किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहता है, तो उसकी पूरी ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च और यहां तक कि पॉकेट मनी भी कतर सरकार खुद भरती है.

न टैक्स का झंझट, न क्राइम का डर, पुलिस भी घूमती है लेम्बोर्गिनी में!

कतर में नागरिकों से किसी भी तरह का इनकम टैक्स नहीं लिया जाता. वहां की सरकार अपने नागरिकों की कमाई में से एक भी रुपया टैक्स के रूप में नहीं काटती, टैक्स केवल वहां काम करने वाली विदेशी कंपनियों और बिजनेसेस पर लगता है. यानी नागरिक जो भी कमाते हैं, वह पूरा का पूरा उनकी अपनी जेब में जाता है.

सुरक्षा के मामले में भी कतर दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में गिना जाता है. यहां क्राइम रेट न के बराबर है. सुरक्षा का माहौल ऐसा है कि लोग अक्सर अपने घरों के दरवाजे बिना ताला लगाए खुले छोड़कर चले जाते हैं और उन्हें चोरी का कोई डर नहीं होता. और हां, कतर में पुलिस की गश्त कोई साधारण गाड़ियों में नहीं होती; वहां की पुलिस लेम्बोर्गिनी, फरारी और मैकलारेन जैसी सुपरकार्स में सड़कों पर गश्त लगाती दिख जाएगी!

पेट्रोल से महंगा पानी और मुफ्त की बिजली-गैस

कतर की इस अपार दौलत का राज उसकी जमीन के नीचे छुपा प्राकृतिक तेल (Crude Oil) और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का विशाल भंडार है. यही वजह है कि वहां पेट्रोल और डीजल इतने सस्ते हैं कि पानी उनसे महंगा पड़ता है. कतर में 1 लीटर पानी की बोतल खरीदने के लिए आपको पेट्रोल से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं. इसके अलावा, वहां के नागरिकों के लिए बिजली, पानी और कुकिंग गैस का बिल 100% माफ होता है.

क्या सच में ये सपनों की दुनिया है?

कतर ने अपने प्राकृतिक संसाधनों का ऐसा सही इस्तेमाल किया है कि उसने अपने नागरिकों के लिए एक काल्पनिक परीकथा जैसी दुनिया खड़ी कर दी है. जहां दुनिया भर के लोग टैक्स, महंगाई, अस्पताल के बिल और बच्चों की स्कूल फीस भरने में अपनी पूरी जिंदगी खपा देते हैं, वहीं कतर के नागरिक बिना किसी मानसिक तनाव के एक बेहद सुकून भरी और लक्जरी लाइफ जीते हैं. कतर ये साबित करता है कि अगर किसी देश के पास संसाधन हों और सरकार अपने लोगों पर दिल खोलकर खर्च करे, तो वहां के नागरिकों की जिंदगी कितनी शानदार हो सकती है.



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