जमुई. 23 साल पहले एक साथ दो बेटों को खोने का दर्द आज भी संसार देवी की आंखों में साफ दिखाई देता है. उम्र करीब 70 साल हो चुकी है, लेकिन बेटों की हत्या का जख्म अब भी ताजा है. अब जब इस दोहरे हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी गनौरी यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है तो संसार देवी और उनके पति अजीव यादव की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं. बुजुर्ग दंपति को उम्मीद जगी है कि 23 साल बाद उन्हें न्याय मिल सकता है.
संसार देवी के मुताबिक, साल 2003 में प्रतापपुर गांव में उनके दोनों बेटों पूना यादव और डीपी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था. अब गनौरी यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है.
एक साथ बुझ गए थे घर के दोनों चिराग
संसार देवी बताती हैं कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय वह गोहाल में काम कर रही थीं. उनका एक बेटा डीपी यादव दूध दुह रहा था, जबकि दूसरा बेटा पूना यादव भैंस को चारा दे रहा था. उनके पति अजीव यादव दही बेचने के लिए घर से बाहर गए हुए थे. संसार देवी के मुताबिक, इसी दौरान उनके दोनों बेटों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह कहती हैं कि उनके बेटों को करीब 20 गोलियां मारी गई थीं. एक ही घटना में परिवार के दोनों चिराग बुझ गए और उसके बाद से जिंदगी का पूरा सहारा छिन गया.
23 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी से जगी उम्मीद
संसार देवी के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतने साल बाद उनके बेटों की हत्या के मामले में कोई आरोपी गिरफ्तार होगा. अब गनौरी यादव की गिरफ्तारी के बाद उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में फरार बाकी आरोपियों तक भी पुलिस पहुंचेगी. परिवार का कहना है कि मामले में कई लोग आरोपी बनाए गए थे. एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि दो आरोपियों की मौत हो चुकी है. वहीं गनौरी यादव के अलावा महेश यादव और माको यादव समेत कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं. जमुई पुलिस अब इस पुराने हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है.
‘पोते का चेहरा तक नहीं देख सकी’
संसार देवी के लिए बेटों को खोने का दर्द सिर्फ उस दिन तक सीमित नहीं रहा. वह बताती हैं कि दोनों बेटों की शादी हो चुकी थी. एक बेटे की पत्नी गर्भवती थी, लेकिन घटना के बाद डर के कारण वह वहां नहीं आई. संसार देवी कहती हैं कि वह आज तक अपने पोते का चेहरा नहीं देख सकीं. वह बताती हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें देखने वाला कोई नहीं है. बेटी भी डर के कारण घर नहीं आती. अब वह और उनके पति ही एक-दूसरे का सहारा हैं.
‘अब भगवान से न्याय की उम्मीद है’
संसार देवी की आंखों में आंसू हैं और आवाज में 23 साल का दर्द. वह कहती हैं कि उन्हें खुशी है कि इतने साल बाद किसी ने उनके दर्द को समझा है. उन्हें उम्मीद है कि अब बाकी आरोपी भी पकड़े जाएंगे और उन्हें न्याय मिलेगा. वह सरकार और पुलिस से मांग कर रही हैं कि उनके बेटों की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले. संसार देवी कहती हैं कि उन्होंने 23 साल तक अपने बेटों के लिए न्याय का इंतजार किया है और अब चाहती हैं कि इस मामले का पूरा सच सामने आए.
उनके पति अजीव यादव भी इस उम्र में बेटों को खोने का दर्द झेल रहे हैं. दोनों बुजुर्गों के लिए 23 साल पुराना यह मामला सिर्फ एक मुकदमा नहीं, बल्कि उनके पूरे जीवन का ऐसा जख्म है, जो बेटे खोने के बाद कभी भर नहीं सका.