चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज वॉशिंगटन डीसी पहुंच गए हैं, जहां उनका बहुत भव्य स्वागत किया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप एयरपोर्ट पर खुद प्रोटोकॉल तोड़कर पहुंच गए. लेकिन इस दौरे की शुरुआत से ठीक पहले सोशल मीडिया पर 12 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया. इस वीडियो में अमेरिकी सैनिक जमीन पर हाथ और घुटनों के बल बैठकर रेड कार्पेट पर हाथ फेरते दिख रहे हैं. देश की सेवा करने वाले वीरों का ये हाल देखकर दुनिया भर के लोग ये नजारा देखकर पूरी तरह कंफ्यूज हैं.
रेड कारपेट पर घुटनों के बल दिखे अमेरिकी सैनिक
वीडियो में देखा जा सकता है कि वॉशिंगटन डीसी के बाहर बने ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ हवाई अड्डे पर चीनी राष्ट्रपति के विमान के उतरने से ठीक पहले तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था. तभी यूनिफॉर्म में मौजूद अमेरिकी सेना के जवान जमीन पर अपने हाथों और घुटनों के बल बैठ गए. ये जवान रेड कारपेट की सलवटें मिटा रहे थे और उस पर जमी धूल को साफ कर रहे थे.
इस वीडियो के सामने आने के बाद दुनिया सुपरपावर कहे जाने वाले देश की आर्मी का हाल देखकर हैरान है. दुनिया की सबसे पावरफुल आर्मी यानी अमेरिकी सेना के जवानों को किसी विदेशी नेता के स्वागत के लिए इस तरह जमीन पर बैठकर काम करते हुए बहुत कम देखा जाता है. जवानों की इस मेहनत का मकसद सिर्फ एक था, शी जिनपिंग जब विमान की सीढ़ियों से नीचे उतरें, तो उनके स्वागत में कोई कमी न दिखे.
ट्रंप और मेलानिया ने किया भव्य स्वागत
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का अमेरिका में जिस तरह स्वागत किया गया, वो आम तौर पर बहुत कम मौकों पर देखने को मिलता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे और उन्होंने विमान के पास खड़े होकर दोनों नेताओं का स्वागत किया.
शी जिनपिंग के विमान के दरवाजे के ठीक नीचे 30 मीटर लंबा चमचमाता रेड कारपेट बिछाया गया था. रेड कारपेट के दोनों तरफ 21 अमेरिकी सैनिकों का ऑनर गार्ड कतार में खड़ा था. ट्रंप और मेलानिया ने सीढ़ियों के ठीक पास खड़े होकर शी जिनपिंग और पेंग लियुआन से हाथ मिलाया और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. दो बड़े और विरोधी रुख रखने वाले देश एक-दूसरे को इंप्रेस करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.
2025 के ट्रेड वॉर के बाद पहला अमेरिका दौरा
शी जिनपिंग का ये अमेरिकी दौरा कई वजहों से ऐतिहासिक माना जा रहा है. साल 2025 में अमेरिका और चीन के बीच चले भीषण ‘ट्रेड वॉर’ के बाद चीनी राष्ट्रपति की ये पहली अमेरिका यात्रा है. उस ट्रेड वॉर के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामान पर भारी टैक्स लगा दिया था, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा था और दोनों देशों के रिश्ते काफी निचले स्तर पर पहुंच गए थे.
इस यात्रा के दौरान शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस के मशहूर ‘ओवल ऑफिस’ में एक बेहद अहम द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन होने जा रहा है. इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों, तकनीक और कूटनीतिक विवादों पर सीधी बातचीत होगी. इस हाई लेवल बैठक के बाद व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग के सम्मान में एक भव्य ‘स्टेट बैंकवेट’ का आयोजन भी किया जाएगा. शी जिनपिंग अपना ये दो दिवसीय दौरा शुक्रवार, 25 सितंबर को पूरा करेंगे.
पश्चिम एशिया में जारी जंग का भयानक साया
शी जिनपिंग का ये दौरा एक ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है जब पूरी दुनिया पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से बड़े संकट का सामना कर रही है. इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल के गठबंधन ने ईरान पर एक बड़ा हमला बोला था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में तबाही का दौर शुरू हो गया.
ईरान ने इस हमले का बदला लेने के लिए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और वहां के तेल और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. इसके साथ ही ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ की नाकेबंदी कर दी. इस नाकेबंदी के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई रुक गई, तेल की कीमतें बेकाबू हो गईं और कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं संकट में आ गईं.