कहीं देसी तो कहीं चंपारण वाला स्वाद, इस सड़क पर इकट्ठा होते हैं मटन के दीवाने
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Patna Famous Mutton Shops: पटना में हैं और मीट खासकर मटन का स्पेशल स्वाद लेना है तो इस गली में आ सकते हैं. यहां लाइन से नॉनवेज की कई सारी दुकानें हैं और हर जगह एक से बढ़कर एक स्वाद परोसा जाता है. कई जगहों पर तो चंपारण वाले मटन का स्वाद भी मिल जाएगा.
अगर आप मटन के शौकीन हैं और पटना में रहते हैं, तो आपके लिए खाने के ठिकानों की कोई कमी नहीं है. लेकिन शहर में एक ऐसी जगह भी है, जहां मटन खाने के लिए आपको किसी बड़े होटल या रेस्टोरेंट की तलाश नहीं करनी पड़ेगी. यहां एक दुकान से आगे बढ़ेंगे तो दूसरी दुकान पर मटन की खुशबू आपका स्वागत करेगी. कहीं देसी अंदाज का मटन मिलेगा, तो कहीं चंपारण के स्वाद का जायका. यानी कुछ ही दूरी के अंदर मटन के इतने ऑप्शन मिल जाएंगे कि तय करना मुश्किल हो जाएगा कि आज किस दुकान पर बैठकर स्वाद लिया जाए.
यह पूरा इलाका बिहार विधानसभा से लेकर न्यू सचिवालय के बीच सड़क किनारे नजर आता है. करीब 200 से 300 मीटर के दायरे में फुटपाथ पर मटन की कई छोटी-छोटी दुकानें सजी रहती हैं, कहीं ठेला लगा है, तो कहीं उसके आसपास कुछ टेबल-कुर्सियां रखी हैं. लोग अपनी गाड़ियां सड़क किनारे लगाते हैं, कुर्सी पर बैठते हैं और गर्मागर्म मटन, चावल या रोटी के साथ खाना शुरू कर देते हैं. खास बात यह है कि यह इलाका कई सरकारी दफ्तरों के बीच पड़ता है, इसलिए वर्किंग दिनों में यहां दोपहर के समय अच्छी-खासी भीड़ दिखाई देती है.
इस छोटे से हिस्से में करीब 50 के आसपास दुकानें लगती हैं. हालांकि इनमें से कोई दुकान कोई बड़ा स्थायी रेस्टोरेंट नहीं है. ज्यादातर दुकानें ठेले और कुछ कुर्सियों के सहारे चलती हैं. यहां आपको न चमकदार साइनबोर्ड की जरूरत है और न ही बड़े होटल जैसा माहौल. महिलाएं भी दुकान लगाती नजर आती हैं और बुजुर्ग भी अपने अंदाज में मटन परोसते दिखते हैं.
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इन दुकानों में बंगाली दादा होटल भी लोगों के बीच काफी चर्चित है. यहां अक्सर दूसरी दुकानों की तुलना में ज्यादा भीड़ नजर आती है. लोग रुककर खाना पसंद करते हैं और आसपास की कुर्सियां भरी दिखाई देती हैं. हालांकि ऐसा नहीं है कि बाकी दुकानों पर ग्राहक नहीं मिलते. लगभग हर दुकान की अपनी भीड़ और अपने ग्राहक हैं.
यहां सिर्फ मटन ही नहीं मिलता. कई दुकानों पर चिकन और मछली भी उपलब्ध रहती है. ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक चावल या रोटी के साथ मांसाहारी व्यंजन का स्वाद ले सकते हैं. साथ में सलाद भी मिल जाता है. कीमत की बात करें तो हर दुकान का अपना अलग रेट है, लेकिन सामान्य तौर पर करीब 100 रुपये में भरपेट भोजन करने का ऑप्शन मिल जाता है. यानी कम बजट में सड़क किनारे बैठकर मटन का स्वाद लेने वालों के लिए यह जगह काफी बेस्ट है.
इस बाजार की रौनक भी हर दिन एक जैसी नहीं रहती. मंगलवार और गुरुवार को मांसाहारी भोजन करने वालों की संख्या कम होने के कारण यहां कम दुकानें दिखाई देती हैं. वहीं सरकारी दफ्तरों के कामकाजी दिनों में दोपहर के वक्त भीड़ बढ़ जाती है. रविवार को भी ज्यादातर दुकानें बंद रहती हैं और गिनी-चुनी दुकानें ही खुलती हैं. ऐसे में अगर आप यहां मटन खाने का प्लान बना रहे हैं तो कामकाजी दिन में पहुंचना ज्यादा बेहतर रहेगा. यहां मामला कुछ वैसा ही है जैसे गोलगप्पे की दुकान पर एक के बाद एक ठेले मिलते चले जाएं.