Kota News: कोटा में एक सेठ ऐसा भी, जहां लगती हैं अर्जियां, मन्नत पूरी होने पर चढ़ते हैं सोने-चांदी के आभूषण

Kota News: कोटा में एक सेठ ऐसा भी, जहां लगती हैं अर्जियां, मन्नत पूरी होने पर चढ़ते हैं सोने-चांदी के आभूषण


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Kota Seth Mandir: कोटा में आस्था और मान्यता से जुड़ा एक ऐसा धार्मिक स्थल है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए अर्जी लगाते हैं. स्थानीय मान्यता के अनुसार मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां सोने-चांदी के आभूषण समेत अलग-अलग तरह का चढ़ावा अर्पित करते हैं. इस अनोखी परंपरा के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. जानिए कोटा के इस खास सेठ और यहां की मान्यता से जुड़ी पूरी कहानी.

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कोटा: कोटा शहर के रामपुरा बाजार में एक ऐसा गणपति दरबार भी है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मन्नत पूरी होने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने-चांदी की चीजें चढ़ाते हैं. यह दरबार कोटा के रामपुरा स्थित रघुनाथ चौक में नगर सेठ महाराज का है. गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां हर साल विशाल नगर सेठ का दरबार सजाया जाता है.

रामपुरा के ज्वेलरी मार्केट के बीच सजने वाले इस दरबार में नगर सेठ गणपति जी महाराज विशाल सिंहासन पर विराजमान होते हैं. आसपास सोने-चांदी की कई दुकानें हैं. गणेश उत्सव के 10 दिनों तक यहां विशेष पूजा-अर्चना, आरती होती हैं, वहीं देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है.

दो महीने पहले शुरू हो जाती है तैयारी
नगर सेठ महाराज के गणपति दरबार की तैयारियां करीब दो महीने पहले शुरू हो जाती हैं. गणपति सेवा समिति के 150 से अधिक कार्यकर्ता आयोजन की तैयारियों में जुटते हैं. पंडाल सजाने से लेकर पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं के आने-जाने और प्रसाद की व्यवस्था तक की जिम्मेदारी कार्यकर्ता मिलकर संभालते हैं. गणेश उत्सव के बीच महाआरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. इस दौरान कोटा शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग रोजाना नगर सेठ महाराज के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.

मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं चांदी-सोना
गणपति सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल साहू ने बताया कि श्रद्धालु नगर सेठ महाराज के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं. मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार गणपति महाराज को सोने-चांदी की चीजें भेंट करते हैं. अब तक यहां चांदी का मुकुट, हार, मोदक, नारियल, त्रिशूल, फरसा, पैरों के कड़े, कमर की कनकट्टी, चांदी की चेन, चांदी के चंवर और अखंड ज्योत के लिए दीपक सहित कई सोने-चांदी की भेंट चढ़ाई जा चुकी हैं. इसके अलावा थाली के साथ पांच बर्तन भी भेंट किए हैं. गणपति महाराज के श्रृंगार में सोने का तिलक और दांत सहित कई आभूषण भी शामिल हैं. श्रद्धालुओं की ओर से कान के आभूषण और अन्य सोने-चांदी की वस्तुएं भी अर्पित की जा चुकी हैं.

चांदी के हाथ चढ़ाने की घोषणा
महाआरती के बाद बालाजी मसाले परिवार की ओर से गणपति महाराज को चांदी के हाथ चढ़ाने की घोषणा की गई. इससे पहले अशोक रेस्टोरेंट ने भी गणेश जी को चांदी का हाथ चढ़ाने की घोषणा की है वही इस मौके पर बालाजी मसाले परिवार का नगर सेठ महाराज के दरबार में सम्मान भी किया गया.



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