IIT Bombay Student Safety Measures: आईआईटी बॉम्बे का नया नियम, अब हॉस्टल रूम में अकेले नहीं रहेगा कोई स्टूडेंट

IIT Bombay Student Safety Measures: आईआईटी बॉम्बे का नया नियम, अब हॉस्टल रूम में अकेले नहीं रहेगा कोई स्टूडेंट


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IIT Bombay Student Safety Measures: स्टूडेंट साहिल वाकोडे की दुखद मृत्यु के बाद आईआईटी बॉम्बे ने स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल लागू करने और काउंसलिंग के घंटे बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर तेजी से विचार किया जा रहा है.

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IIT Bombay Student Safety Measures: आईआईटी बॉम्बे में कई तरह के बदलावों पर विचार किया जा रहा है

नई दिल्ली (IIT Bombay Student Safety Measures). आईआईटी बॉम्बे कैंपस से हाल ही में आई एक बेहद दुखद घटना ने पूरे देश के शैक्षणिक जगत को झकझोर कर रख दिया. 20 साल के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद संस्थान के अंदर स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे प्रशासन हरकत में आ गया है. स्टूडेंट्स की चिंता दूर करने के लिए कई बड़े और दूरगामी कदम उठाने की तैयारी चल रही है.

आईआईटी बॉम्बे की तरफ से आयोजित ओपन हाउस कार्यक्रम में प्रशासन और स्टूडेंट्स के बीच खुलकर चर्चा हुई. इस बैठक में स्टूडेंट्स के मानसिक दबाव को कम करने और उन्हें बेहतर माहौल देने के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया गया है. कैंपस का अंदरूनी माहौल सुधारने के लिए प्रशासन केवल कागजी दावों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जमीन पर ठोस बदलाव लाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. जानिए IIT बॉम्बे क्या-क्या नए बदलाव करने जा रहा है.

बदला जाएगा IIT बॉम्बे का हॉस्टल कल्चर

IIT बॉम्बे के हॉस्टल नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. संस्थान में पहले सिर्फ फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को ही शेयरिंग रूम दिए जाते थे. सीनियर क्लासेस में पहुंचते ही उन्हें सिंगल रूम आवंटित कर दिए जाते हैं. लेकिन अब इस पॉलिसी को बदला जाएगा. संस्थान भविष्य में बनने वाले नए हॉस्टल में ट्विन-शेयरिंग मॉडल यानी 2 छात्रों के लिए एक कमरा रखने की योजना पर विचार कर रहा है.

अब आईआईटी बॉम्बे सीनियर क्लासेस के स्टूडेंट्स के लिए भी इस मॉडल को लागू करने पर विचार कर रहा है. जानकारों का मानना है कि अकेले रहने से कई बार स्टूडेंट्स डिप्रेशन या अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में किसी रूममेट के साथ होने से मानसिक संबल मिलता है और स्टूडेंट्स अपनी भावनाएं एक-दूसरे से शेयर कर पाते हैं.

काउंसलिंग के घंटे बढ़े और बाहरी मदद का भी पूरा खर्च उठाएगा संस्थान

स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देते हुए आईआईटी बॉम्बे ने काउंसलिंग सेवाओं का दायरा काफी बढ़ा दिया है. घटना के तुरंत बाद डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स ने स्टूडेंट्स को ईमेल भेजकर जानकारी दी कि कैंपस के 6 प्रमुख हॉस्टल और स्टूडेंट्स वेलनेस सेंटर में काउंसलिंग के घंटे बढ़ा दिए गए हैं. इससे स्टूडेंट्स को जब भी जरूरत हो, तुरंत मदद मिल सके.

इसके अलावा, आईआईटी बॉम्बे ने अपनी पुरानी पॉलिसी को दोहराते हुए स्टूडेंट्स को आश्वस्त किया है कि वे कैंपस के बाहर भी अपनी पसंद के किसी प्रोफेशनल काउंसलर या एजेंसी से मदद ले सकते हैं. ऐसी बाहरी काउंसलिंग सेवाओं पर होने वाला पूरा खर्च संस्थान उठाएगा. स्टूडेंट्स को अपने फैकल्टी मेंटर्स के जरिए इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है.

फैकल्टी और एक्सपर्ट से ली जा रही है सलाह

इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सिर्फ अपने स्तर पर फैसले नहीं ले रहा, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए फैकल्टी सदस्यों और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है. हाल ही में प्रशासन की तरफ से गूगल फॉर्म शेयर किया गया. इसमें प्रोफेसर्स और फैकल्टी सदस्यों से सुझाव मांगे गए कि छात्रों के तनाव को कम करने के लिए और क्या बेहतर कदम उठाए जा सकते हैं. डिपार्टमेंट और इंस्टीट्यूट लेवल पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं.



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