बॉलीवुड एक्टर गोविंदा हाल ही में गणेश उत्सव के दौरान अपनी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा रहा. अब गुरुवार को राखी सावंत से लेकर अनुपम खेर इस मामले पर रिएक्ट किया है. एक ने सुनीता आहूजा को तो दूसरे ने गोविंदा को नसीहत दी है.
पहले बात करते हैं गोविंदा की ट्रोलिंग की. हाल में ही गोविंदा कोमल रानी के साथ बप्पा के दर्शन करने पहुंचे. जिसके बाद दोबारा दोनों के अफेयर के रूमर्स तेज हो गए. वहीं सुनीता आहूजा ने अकेले ही लालबागजा राजा के दर पर माथा टेका. अब अनुपम खेर ने को-स्टार गोविंदा को लेकर रिएक्शन दिया है.
गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर अनुपम खेर क्या बोले
फरीदून शहरयार से बात करते हुए अनपुम खेर ने कहा, ‘मैं गोविंदा का बहुत बड़ा फैन हूं. वह बेहतरीन एक्टर्स में से एक हैं. उनके साथ मैंने करीब 10-12 फिल्मों में काम किया. डांस से लेकर एक्टिंग तक उनका कोई मुकाबला नहीं है. लेकिन आपके निजी जीवन व अपनी आदतों को अपने पूरे करियर पर हावी नहीं होने देना चाहिए.’
राखी सावंत क्या बोलीं
राखी सावंत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर गोविंदा को को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार से दूरी बनाने के लिए कहा. राखी सावंत कहती हैं, “अरे गोविंदा जी क्या हो गया आपको. आप मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में कोमल को लेकर गए, जो कि बहुत गलत था. आपको तो अपनी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ जाना चाहिए था, जिनके साथ आपने अपनी आधी जिंदगी गुजार डाली. आप मेरे इतने अच्छे मित्र हैं, इसलिए मैं आज तक आपका साथ दे रही थी, लेकिन इस बार तो मुझे भी आप गलत लगे.”
साइड रखो हीरोइन को
राखी सावंत ने गोविंदा से पूछा कि वे अपनी पत्नी सुनीता आहूजा को प्रसिद्ध लालबागचा राजा के यहां क्यों लेकर नहीं गए. उन्होंने कहा, “आपको पत्नी सुनीता को साथ में ले जाना था. ऐसे दोनों लोग अलग अलग दर्शन कर रहे हो, अच्छा नहीं लगता है. आप कुछ भी कर लो, लेकिन सुनीता आहूजा जी आपको कभी अकेला नहीं छोड़ेगीं. आप उनके साथ में हमेशा रहेंगे और ये कौन है कोमल. ठीक है अगर अभिनेत्री है, तो उसे साइड में रखिए.”
हीरोइन को नहीं, पत्नी को लेकर घूमो
उन्होंने कोमल के बारे में कहा, “गोविंदा जी आप क्यों कोमल के साथ घूम रहे हो, कौन है वो. आप अपनी पत्नी सुनीता आहूजा को लेकर घूमो ना कितनी प्यारी हैं, उन्होंने आपके साथ इतने साल बिता दिए, आपके बच्चों को पाला और अच्छी परवरिश दी. आपका दिल बहुत बड़ा है. ठीक है अब सुनीता आहूजा जी भी शांत हो गई हैं. सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाता है, तो उसे भूला नहीं कहते हैं.”