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UP BJP General Secretary: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में बड़ा सांगठनिक फेरबदल किया है. एक बार फिर से भरोसा दिखाते हुए पार्टी ने धर्मपाल को दोबारा प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया है. गांव के एक साधारण स्वयंसेवक से लेकर दुर्गम पहाड़ियों में एबीवीपी के आंदोलनों का नेतृत्व करने वाले धर्मपाल का सियासी सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है. कभी कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस से बचने के लिए कोयले के ट्रक में सफर किया, तो कभी झुग्गियों में खाना खाकर संगठन को मजबूत किया. उनकी निर्विवाद छवि और बेहतर समन्वय की खूबी के चलते केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर यूपी जैसे अहम राज्य में दोबारा भरोसा जताया है.
धर्मपाल को यूपी चुनाव से पहले बीजेपी ने दी बड़ी जिम्मेदारी.
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने 22 संगठन पदाधिकारियों को अलग-अलग राज्यों में नियुक्त किया है. इसमें सबसे बड़ी और अहम नियुक्ति उत्तर प्रदेश की है. बीजेपी ने अपनी सबसे बड़ी संगठनात्मक नियुक्ति करते हुए एक बार फिर धर्मपाल पर भरोसा जताया है. उन्हें यूपी जैसे राजनीतिक रूप से सबसे अहम राज्य के प्रदेश महामंत्री (संगठन) की कमान दोबारा सौंप दी है.
धर्मपाल का सियासी सफर बेहद जमीन से जुड़ा और संघर्षों से भरा रहा है. एक साधारण स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करने वाले धर्मपाल ने दुर्गम पहाड़ियों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लिए काम करते हुए संगठन को सींचा है. उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में एबीवीपी में रहते हुए उन्होंने कई बड़े आंदोलनों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया.
धर्मपाल को दोबारा प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है.
कोयले के ट्रक से पुलिस को दिया था चकमा
उनके संघर्ष के दिनों का एक किस्सा काफी मशहूर है. एक बार उत्तराखंड में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन के दौरान जब पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पकड़ने की कोशिश की, तो धर्मपाल पुलिस को चकमा देकर कोयले के ट्रक में बैठकर दूसरी जगह पहुंचे और वहां से आंदोलन को और मजबूत किया. एक अन्य बड़े आंदोलन में उन्होंने यूपी समेत कई राज्यों के छात्रसंघ पदाधिकारियों को एकजुट कर सत्ता के खिलाफ बड़ी हुंकार भरी थी. छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए उन्होंने खुद कॉलेज के गेट पर खड़े होकर पर्चे बांटे और कई बार झुग्गियों में खाना खाकर संगठन के काम को आगे बढ़ाया.
यूपी में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक जीत
झारखंड बीजेपी के महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी निभाने के बाद, धर्मपाल को पहली बार 10 अगस्त 2022 को सुनील बंसल की जगह उत्तर प्रदेश का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया था. यूपी की कमान संभालते ही उन्होंने अपनी निष्पक्ष, निर्विवाद और बेहतरीन समन्वय वाली छवि का परिचय दिया और सरकार व संगठन के बीच एक मजबूत पुल का काम किया.
उनके कार्यकाल के दौरान ही गोला गोकर्णनाथ समेत कुछ सीटों पर उपचुनाव हुए, जहां धर्मपाल ने खुद प्रवास कर रणनीति बनाई और बीजेपी को जीत दिलाई. उनके कुशल नेतृत्व का सबसे बड़ा प्रमाण यूपी के निकाय चुनाव रहे. इन चुनावों में बीजेपी ने अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत दर्ज की. पार्टी ने न केवल नगर निगमों में बल्कि नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में भी लगभग क्लीन स्वीप किया.
इसके साथ ही, धर्मपाल के नेतृत्व में चलाए गए संगठन के अभियानों में यूपी बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर कई बार नंबर वन बनकर उभरी. उनके इसी शानदार ट्रैक रिकॉर्ड, निष्पक्ष कार्यशैली और बेहतरीन समन्वय कौशल को देखते हुए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी में दोबारा उन्हें यह शक्तिशाली और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है.