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5 Oldest players ODI debut: वनडे क्रिकेट के इतिहास में कई खिलाड़ियों ने साबित किया है कि खेल के जुनून के आगे उम्र महज एक संख्या है. इस लिस्ट में नीदरलैंड्स के नोलान क्लार्क सबसे ऊपर हैं, जिन्होंने 47 साल 240 दिन की उम्र में डेब्यू किया था. इंग्लैंड के नॉर्मन गिफर्ड दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. इनके अलावा हांगकांग के राहुल शर्मा, नामीबिया के जेएल लाउ और नीदरलैंड्स के जीजेएएफ एपोंसो ने भी अधिक उम्र में डेब्यू कर इतिहास रचा.
किसी ने 47 तो किसी ने 44 साल की उम्र में किया वनडे में डेब्यू.
नई दिल्ली. क्रिकेट को अक्सर युवाओं का खेल माना जाता है. मैदान पर तेजी, बेहतरीन फील्डिंग और लंबी पारियों के लिए खिलाड़ियों का शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट होना बेहद जरूरी माना जाता है. यही वजह है कि ज्यादातर क्रिकेटर 20 से 25 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लेते हैं और 35 से 40 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते संन्यास का फैसला कर लेते हैं. लेकिन क्रिकेट के लंबे और सुनहरे इतिहास में कुछ ऐसे अद्भुत खिलाड़ी भी रहे हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि खेल के प्रति जुनून और जज्बे के आगे उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह जाती है. वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसे कई किस्से दर्ज हैं, जहां खिलाड़ियों ने उस उम्र में अपना डेब्यू किया, जिस उम्र में ज्यादातर क्रिकेटर खेल को अलविदा कह चुके होते हैं. आज हम आपको वनडे क्रिकेट इतिहास के उन पांच सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने ढलती उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया.
इस अनोखी लिस्ट में सबसे पहला और सबसे खास नाम नीदरलैंड्स के खिलाड़ी नोलान क्लार्क (Nolan Clarke) का आता है. नोलान क्लार्क के नाम वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने का अटूट विश्व रिकॉर्ड दर्ज है. 17 फरवरी 1996 को जब नीदरलैंड्स की टीम भारत के वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना विश्व कप मुकाबला खेलने मैदान पर उतरी, तब नोलान क्लार्क की उम्र 47 साल 240 दिन थी. इतनी परिपक्व उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम रखना अपने आप में एक मिसाल है. क्लार्क ने मैदान पर उतरकर यह दिखाया कि अगर आपके अंदर खेल का जुनून है, तो 47 साल की उम्र में भी आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना कर सकते हैं. उनका यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट की दुनिया में बेहद सम्मान के साथ याद किया जाता है.
नॉर्मन गिफर्ड का 44 से ज्यादा की उम्र में इंग्लैंड के लिए पदार्पण
इस फेहरिस्त में दूसरा नाम इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज स्पिनर नॉर्मन गिफर्ड (Norman Gifford) का है. नॉर्मन गिफर्ड ने अपने करियर का अधिकांश समय टेस्ट क्रिकेट में बिताया था, लेकिन वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने के लिए उन्हें एक लंबा इंतजार करना पड़ा. 24 मार्च 1985 को शारजाह के मैदान पर जब इंग्लैंड का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया से हुआ, तब गिफर्ड को आखिरकार वनडे कैप सौंपी गई. उस ऐतिहासिक दिन गिफर्ड की उम्र 44 साल 359 दिन थी, यानी वह अपना 45वां जन्मदिन मनाने से महज छह दिन दूर थे. अपनी चतुर स्पिन गेंदबाजी और अपार अनुभव के दम पर गिफर्ड ने उस ढलती उम्र में भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खासी चुनौती दी थी. टेस्ट खेलने वाले प्रमुख देशों में से सबसे ज्यादा उम्र में वनडे डेब्यू करने का रिकॉर्ड आज भी गिफर्ड के ही नाम दर्ज है.
हांगकांग की ओर से 43 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान राहुल शर्मा
इस सूची में तीसरे स्थान पर हांगकांग के खिलाड़ी राहुल शर्मा का नाम आता है. राहुल शर्मा ने 16 जुलाई 2004 को एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ कोलंबो में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच खेला था. उस समय उनकी उम्र 43 साल 306 दिन थी. हांगकांग की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. 43 वर्ष से अधिक की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को झेलना और युवा खिलाड़ियों के साथ तालमेल बिठाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने समर्पण से यह साबित किया कि अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती.
जेएल लाउ ने नामीबिया के लिए विश्व कप मंच पर निभाई अहम भूमिका
चौथे पायदान पर नामीबिया के खिलाड़ी जेएल लाउ का नाम दर्ज है. अफ्रीका महाद्वीप की उभरती हुई टीम नामीबिया के लिए 2003 का क्रिकेट विश्व कप बेहद खास था. इसी दौरान 10 फरवरी 2003 को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए मुकाबले में जेएल लाउ ने अपना वनडे डेब्यू किया था. उस दिन लाउ की उम्र 43 साल 236 दिन थी. नामीबिया जैसे एसोसिएट देश के लिए विश्व कप के बड़े मंच पर खेलना ही अपने आप में एक बड़ा सपना था, और लाउ ने इतनी उम्र में मैदान पर उतरकर अपनी टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत की भूमिका निभाई.
एक ही मैच में बना दूसरा अनोखा रिकॉर्ड
पांचवें स्थान पर एक बार फिर नीदरलैंड्स के ही खिलाड़ी फ्लेवियन एपोंसो (Flavian Aponso) का नाम आता है. दिलचस्प बात यह है कि एपोंसो ने भी उसी मुकाबले में अपना वनडे डेब्यू किया था, जिसमें नोलान क्लार्क ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था. 17 फरवरी 1996 को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए उसी मैच में एपोंसो जब मैदान पर उतरे, तो उनकी उम्र 43 साल 112 दिन थी. एक ही मैच में दो खिलाड़ियों द्वारा 43 वर्ष से अधिक की उम्र में डेब्यू करना वनडे क्रिकेट के इतिहास की बेहद अनोखी और दुर्लभ घटना मानी जाती है.