मुकुंदपुर में भिड़े TMC-बीजेपी कार्यकर्ता, पूर्व IPS-विधायक के कपड़े फाड़े, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

मुकुंदपुर में भिड़े TMC-बीजेपी कार्यकर्ता, पूर्व IPS-विधायक के कपड़े फाड़े, पुलिस ने किया लाठीचार्ज


BJP-TMC Clash in Mukundpur: असम में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकताओं की भिडंत के बाद अब पश्चिम बंगाल के मुकुंदपुर में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के समर्थक आपस में भिड़ गए. दोनों पार्टी कार्यकताओं की इस झड़प में कई लोग घायल हो गए. इसमें टीएमसी के पूर्व विधायक और पूर्व आईपीएस हुमायूं कबीर भी शामिल थे जिनके कपड़े फाड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई. हालात इतने गंभीर हो गए कि पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा.

बता दें कि कोलकाता के दक्षिण-पूर्वी इलाके मुकुंदपुर में मंगलवार को ममता बनर्जी गुट की टीएमसी और बीजेपी के समर्थकों के बीच भीषण झड़प हो गई. टीएमसी का आरोप है कि उसके कई कार्यकर्ता और नेता बुरी तरह पीटे गए और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई. हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को झूठा बताया और उल्टे टीएमसी कार्यकर्ताओं पर ही बदसलूकी के आरोप लगाए.

जानकारी के मुताबिक इस झड़प में कई टीएमसी कार्यकर्ता घायल हुए और अस्पताल में भर्ती कराए गए.टीएमसी प्रवक्ता और ममता गुट की आईटी सेल प्रमुख उपासना चौधरी ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके घर के सामने घेरा डालकर उन्हें छड़ी से पीटा और उनके साथ छेड़छाड़ की. उन्होंने दावा किया कि उन पर अंडे फेंके गए और जब परिवार के सदस्य बचाने आए तो उन पर भी हमला हुआ. चौधरी ने बताया कि बदमाशों ने उनकी कार के आगे और पीछे के शीशे ईंट-पत्थर मार-मारकर तोड़ दिए.

हुमायूं कबीर पर हमला, फाड़े कपड़े
पार्टी के पूर्व विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने पहुंचने की कोशिश करते समय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बुरी तरह पीटा. फेसबुक पर जारी वीडियो में कबीर का चेहरा खून से सना और कमीज फटी हुई दिख रही है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस के सामने ही उन पर हमला हुआ, सामान और पैसे छीन लिए गए और चश्मा भी तोड़ दिया गया.

पुलिस ने किया लाठीचार्ज
वहीं पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों में पार्टी ऑफिस पर कब्जे को लेकर भिड़ंत हुई. हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. रिपोर्ट लिखे जाने तक दोनों पार्टियां पूर्वी जादवपुर थाने के सामने प्रदर्शन कर रही थीं.

टीएमसी ने निकाली रैली, की ये मांग
बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं के बीच हुई इस जंग में तनाव तब बढ़ा जब ममता गुट के स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली. वे उस पार्टी ऑफिस को खाली कराने की मांग कर रहे थे, जो पहले टीएमसी के पास था और अब बीजेपी के कब्जे में बताया जा रहा है. वे पुलिस थाने में ज्ञापन देना चाहते थे. टीएमसी का आरोप है कि रैली शुरू होते ही नशे में धुत बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अचानक उन पर हमला बोल दिया. महिलाओं पर अंडे फेंके गए.

उपासना चौधरी ने कहा, “हम शांतिपूर्ण ज्ञापन देने गए थे. संविधान हाथ में लेकर. लेकिन बीजेपी समर्थित बदमाशों ने मेरी कार तोड़ी और घर पर हमला किया. मेरे पिता दिमागी दौरे से बीमार हैं. माता-पिता दोनों पर हमला हुआ. बचाने गई तो सड़क पर घसीट कर पीटा गया. कपड़े और दुपट्टा खींच लिया गया.”

पुलिस पर भी लगाए आरोप
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया.उन्होंने घायल नेताओं की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि नशे में धुत बीजेपी गुंडों ने कार्यकर्ताओं पर हमला किया. सांसद महुआ मोइत्रा ने भी लिखा कि पुलिस थाने के गेट पर पचास पुलिसकर्मी देखते रहे, फिर भी हमला हुआ.

बीजेपी ने नकारे आरोप
बीजेपी ने सभी आरोपों से इनकार किया है.स्थानीय बीजेपी नेता ने कहा कि एक कार्यकर्ता टीएमसी कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था, जिससे टीएमसी कार्यकर्ता नाराज हो गए और हमला बोल दिया. इसके बाद स्थिति बिगड़ गई.

बीजेपी की जादवपुर विधायक सरबोरी मुखर्जी ने कहा कि यह आम लोगों का विरोध है. टीएमसी इलाके में फिर से गुंडा राज कायम करने की कोशिश कर रही है और लंबे समय से खारिज किए गए असामाजिक तत्वों को घुसा रही है.



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