Saudi Arabia Pipeline Restart: सऊदी ने खोल दिया दरवाजा कुछ भी कर लें ईरान के गुर्गे धकाधक होगी तेल की सप्लाई

Saudi Arabia Pipeline Restart: सऊदी ने खोल दिया दरवाजा कुछ भी कर लें ईरान के गुर्गे धकाधक होगी तेल की सप्लाई


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Saudi Arabia Pipeline Restarts: सऊदी अरब ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे तेल को लेकर बवाल सामान्य होने जा रहा है. लाल सागर में विवाद बढ़ने के बाद तेल की कीमत भी उछलने लगी थी लेकिन अब ये काबू में आती दिख रही है. दरअसल सऊदी ने अपनी वो पाइपलाइन शुरू कर दी है, जिसे हूतियों के हमले के बाद बंद कर दिया गया था.

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सऊदी अरब ने शुरू की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन. (रॉयटर्स)

Saudi Arabia Pipeline Restarts: मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति को लेकर बाजार में राहत के संकेत मिलने लगे हैं. सऊदी अरब ने मंगलवार को अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को दोबारा चालू कर दिया है. इसके साथ ही लाल सागर के किनारे स्थित यानबू बंदरगाह से भी कच्चे तेल का निर्यात फिर शुरू होने की संभावना है. इस खबर का असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर तुरंत देखने को मिला और ब्रेंट क्रूड की कीमत में 2 डॉलर से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.

जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों के मुताबिक पाइपलाइन फिलहाल कम क्षमता पर चल रही है लेकिन ये धीरे-धीरे बढ़ेगी. सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको इसकी पंपिंग क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाने की कोशिश कर रही है. इस पाइपलाइन की क्षमता करीब 70 लाख बैरल प्रतिदिन है, जबकि मौजूदा स्थिति में इसे लगभग 40 लाख बैरल प्रतिदिन की दर तक लाने का लक्ष्य है.

ड्रोन हमले के बाद बंद हुई थी पाइपलाइन

सऊदी अरब ने 11 सितंबर को हुए ड्रोन हमलों के बाद इस पाइपलाइन को बंद कर दिया था. इन हमलों के लिए सऊदी अरब ने इराकी मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया था. हमले में पाइपलाइन से जुड़े तीन पंपिंग स्टेशन को नुकसान पहुंचा था. ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह देश को फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बचते हुए लाल सागर के रास्ते तेल भेजने का विकल्प देती है. मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है, ऐसे में इस पाइपलाइन का महत्व और बढ़ गया है.

धीरे-धीरे बढ़ेगी पाइपलाइन की क्षमता 

सूत्रों के मुताबिक पाइपलाइन को पूरी क्षमता से चलाने में कई सप्ताह लग सकते हैं. कुछ अनुमानों के मुताबिक इसे सामान्य संचालन तक पहुंचने में करीब 6 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है. शुरुआत में तेल की सप्लाई कम गति से जारी रहेगी और फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जाएगा. पाइपलाइन से मिलने वाला कच्चा तेल लाल सागर के किनारे मौजूद सऊदी अरामको की रिफाइनरियों तक भी पहुंचाया जाएगा.

तेल की कीमतों पर दिखा असर

सऊदी अरब से तेल की सप्लाई दोबारा शुरू होने की खबर से वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई. इसका असर कीमतों पर पड़ा और ब्रेंट क्रूड करीब 2 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 97 डॉलर के आसपास पहुंच गया. इसके अलावा ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सात दिनों के भीतर दोबारा खोलने की संभावना जताए जाने और सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से अधिक जहाजों की लोडिंग ने भी तेल बाजार पर दबाव बनाया है. अगर सऊदी अरब पाइपलाइन की सप्लाई को धीरे-धीरे सामान्य करने में सफल रहता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी तेल की आवाजाही बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति को लेकर दबाव कुछ कम हो सकता है.



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