बल्ले के बाद गेंद से बरसे विल जैक्स, श्रीलंका को 89 रनों से रौंदकर इंग्लैंड ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त

बल्ले के बाद गेंद से बरसे विल जैक्स, श्रीलंका को 89 रनों से रौंदकर इंग्लैंड ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त


नई दिल्ली. इंग्लैंड की क्रिकेट टीम ने सीमित ओवरों के प्रारूप में श्रीलंका के खिलाफ अपना दबदबा पूरी तरह से बरकरार रखा है. डरहम के मैदान पर खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने मेहमान श्रीलंकाई टीम को 89 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया. इस शानदार जीत के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है. इंग्लैंड की इस जीत के सबसे बड़े हीरो ऑलराउंडर विल जैक्स रहे, जिन्होंने पहले बल्ले से उपयोगी योगदान दिया और बाद में अपनी घातक गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो ने शुरुआती स्पेल में बेहतरीन गेंदबाजी की और टॉम बेंटन को एक शानदार इन-स्विंगर पर बोल्ड करके इंग्लैंड को पहला झटका दिया. गेंद तेजी से अंदर आई और ऑफ-स्टंप की गिल्लियों को उड़ा गई. हालांकि, शुरुआती झटका लगने के बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने पारी को संभाला.

रूट और ब्रुक की सधी हुई पारियां
जो रूट ने पहले बेन डकेट के साथ मिलकर 50 रनों की ठोस साझेदारी की और फिर कप्तान हैरी ब्रुक के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. डकेट को दुनिथ वेलालागे ने एलबीडब्ल्यू आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. इसके बाद मैदान पर आए कप्तान हैरी ब्रुक ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की. रूट और ब्रुक के बीच 68 रनों की एक और महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड को 135-2 के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया.

कोलंबेज का जादू और मध्यक्रम का पतन
जो रूट अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन श्रीलंका के डेब्यू करने वाले मिस्ट्री स्पिनर सचिंदु कोलंबेज ने उन्हें अपनी फिरकी में फंसा लिया. रूट 44 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड हो गए और अपने 50 रन पूरे करने से चूक गए. इसके बाद कप्तान हैरी ब्रुक ने कप्तानी पारी खेलते हुए अपने वनडे करियर की बेहतरीन फिफ्टी जड़ी. उन्होंने महज 49 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की और अंततः 69 गेंदों में 67 रन बनाकर आउट हुए. ब्रुक को दुश्मंथा चमीरा की गेंद पर कैच आउट किया गया.

इंग्लैंड का मिडिल ऑर्डर हुआ धराशायी
हैरी ब्रुक के आउट होते ही इंग्लैंड का मध्यक्रम पूरी तरह से डगमगा गया. सचिंदु कोलंबेज की स्पिन गेंदबाजी और श्रीलंका के तेज गेंदबाजों ने मिलकर अचानक से मैच में वापसी कर ली. जोस बटलर सस्ते में एलबीडब्ल्यू आउट हो गए, जबकि रेहान अहमद चरित असलंका के एक सीधे थ्रो का शिकार होकर रन आउट हो गए. इसके बाद लोअर ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया. जेमी ओवरटन को कोलंबेज ने बोल्ड किया, गस एटकिंसन को दिलशान मदुशंका ने और जोफ्रा आर्चर को फर्नांडो ने बोल्ड करके पवेलियन का रास्ता दिखाया. इंग्लैंड ने महज 15.5 ओवरों के भीतर 65 रन जोड़कर अपने 6 बड़े विकेट गंवा दिए थे.

विल जैक्स की संकटमोचक बल्लेबाजी
ऐसे नाजुक मोड़ पर विल जैक्स इंग्लैंड के लिए संकटमोचन बनकर उभरे. उन्होंने एक छोर संभालकर रखा और समझदारी से बल्लेबाजी की. जैक्स ने 47 गेंदों में नाबाद 46 रनों की बहुमूल्य पारी खेली. विशेष रूप से 48वें ओवर में उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए 18 रन बटोरे और टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचाया. हालांकि, दूसरे छोर पर खड़े जोश टंग को असिता फर्नांडो ने एक सटीक रिवर्स-स्विंगिंग यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया, जिससे इंग्लैंड की पूरी टीम 48.1 ओवर में 265 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से पदार्पण कर रहे सचिंदु कोलंबेज ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर 3 विकेट लिए.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका को शुरुआती झटके
266 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने सतर्क शुरुआत की और पहले 5 ओवरों में बिना किसी नुकसान के रन बनाए. लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया. गस एटकिंसन ने कामिंडु मेंडिस को शॉर्ट मिडविकेट पर बेन डकेट के हाथों कैच कराकर पहली सफलता दिलाई. जल्द ही जोश टंग ने दूसरे सलामी बल्लेबाज को विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच आउट करा दिया और श्रीलंका का स्कोर 51 रन पर 2 विकेट हो गया.

इंग्लिश गेंदबाजों का दबदबा और बेंटन का शानदार कैच
इसके बाद इंग्लैंड के फील्डर्स और गेंदबाजों ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली. टॉम बेंटन ने एक्स्ट्रा कवर पर एक अद्भुत कैच लपककर पवन रथनायके की पारी का अंत किया. इसके तीन गेंद बाद विल जैक्स ने अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाना शुरू किया और चरित असलंका को स्वीप शॉट खेलने की कोशिश में एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. इस समय तक श्रीलंकाई टीम 85 रन पर 4 विकेट गंवाकर गहरे संकट में आ चुकी थी.

कप्तान कुसल मेंडिस के आउट होते ही बिखरी टीम
जेमी ओवरटन ने तीन ओवर बाद जानिथ लियानागे को बाहर जाती गेंद पर ललचाया, जिस पर वे बटलर को कैच दे बैठे और श्रीलंका का आधा दल 100 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गया. श्रीलंका की आखिरी उम्मीद उनके कप्तान कुसल मेंडिस थे, लेकिन विल जैक्स ने उन्हें भी एलबीडब्ल्यू कर टीम की कमर तोड़ दी. जब श्रीलंका का स्कोर 105 रन पर 6 विकेट था, तब ऐसा लगा कि मैच बहुत जल्द खत्म हो जाएगा. रेहान अहमद ने सचिंदु कोलंबेज को एलबीडब्ल्यू कर सातवां झटका दिया.

वेलालागे का संघर्ष
इसके बाद दुनिथ वेलालागे ने निचले क्रम में अकेले संघर्ष किया. उन्होंने रेहान अहमद के एक ही ओवर में 17 रन ठोक डाले और दुश्मंथा चमीरा के साथ मिलकर 8वें विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी ने श्रीलंका के स्कोर को 133 तक पहुंचाया और थोड़ी देर के लिए इंग्लैंड की उम्मीदों को रोका.

विल जैक्स का घातक स्पेल और इंग्लैंड की जीत
लेकिन विल जैक्स ने अपने अंतिम स्पेल में आकर श्रीलंका की बची-कुची उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया. जैक्स ने एक ही ओवर में तबाही मचाते हुए वेलालागे, असिता फर्नांडो और दिलशान मदुशंका को लगातार आउट कर दिया. उन्होंने मात्र 22 रन देकर 5 विकेट का अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन किया और श्रीलंकाई पारी को 37 ओवरों में महज 176 रनों पर समेट दिया. शानदार 46 रन और 5 विकेट लेने वाले विल जैक्स को उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया. इस ऑलराउंड खेल की बदौलत इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 की मजबूत बढ़त बना ली है.



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