UP CM के गजब किस्से: यूपी के वो 2 मुख्यमंत्री, जिनके बेटे भी बने CM; मुलायम-अखिलेश के अलावा कौन?

UP CM के गजब किस्से: यूपी के वो 2 मुख्यमंत्री, जिनके बेटे भी बने CM; मुलायम-अखिलेश के अलावा कौन?


Last Updated:

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में वैसे तो बहुत सारे सीएम बने लेकिन पिता-पुत्र के मुख्यमंत्री बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है. आज हम ‘UP CM के गजब किस्से’ में बताएंगे उस पिता-पुत्र की पूरी कहानी, जहां पिता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, जबकि बेटे ने अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड की मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. मुलायम-अखिलेश के अलावा कौन है ये सियासी जोड़ी, जानिए पूरा किस्सा.

ख़बरें फटाफट

Zoom

UP CM Hemwati Nandan Bahuguna Mulayam Singh Yadav: उत्तर प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाले कई बड़े नाम रहे हैं, लेकिन पिता और बेटे के मुख्यमंत्री बनने की कहानी अपने आप में खास है. मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव का नाम तो हर कोई जानता है, मगर एक ऐसी पिता-पुत्र की जोड़ी भी है, जहां पिता यूपी के CM रहे और बेटे ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली. UP CM के गजब किस्से में आज हम जानेंगे इसी सियासी परिवार की कहानी.

मुलायम-अखिलेश की जोड़ी

सबसे पहले बात उस पिता-पुत्र की जोड़ी की, जिसने उत्तर प्रदेश में ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे. उनका पहला कार्यकाल 5 दिसंबर 1989 से 24 जून 1991 तक रहा. इसके बाद उन्होंने 4 दिसंबर 1993 से 3 जून 1995 और फिर 29 अगस्त 2003 से 13 मई 2007 तक मुख्यमंत्री पद संभाला. इसके बाद उनके बेटे अखिलेश यादव ने यूपी की सत्ता संभाली. उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक अखिलेश यादव 15 मार्च 2012 से 19 मार्च 2017 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे.

दूसरी कहानी बहुगुणा परिवार की

अब आते हैं उस दूसरी पिता-पुत्र की जोड़ी पर, जिसकी कहानी थोड़ी अलग है. नाम है हेमवती नंदन बहुगुणा और विजय बहुगुणा. हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में रहे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने. यूपी विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने 8 नवंबर 1973 से 4 मार्च 1974 और फिर 5 मार्च 1974 से 29 नवंबर 1975 तक मुख्यमंत्री पद संभाला. उनके बेटे विजय बहुगुणा बाद में उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय हुए. उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक सूची के मुताबिक विजय बहुगुणा 13 मार्च 2012 से 31 जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे.

पिता यूपी के CM, बेटा उत्तराखंड का

इस कहानी की खास बात यह है कि हेमवती नंदन बहुगुणा के मुख्यमंत्री बनने के समय उत्तराखंड अलग राज्य नहीं था. उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ. इसके बाद विजय बहुगुणा ने उत्तराखंड की मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. यानी एक ही राजनीतिक परिवार में पिता ने उस उत्तर प्रदेश की सरकार का नेतृत्व किया, जिसमें आज का उत्तराखंड भी शामिल था, जबकि बेटे ने अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर सरकार चलाई.

बहुगुणा परिवार की राजनीति आगे भी

बहुगुणा परिवार की राजनीतिक मौजूदगी विजय बहुगुणा तक सीमित नहीं रही. उनके बेटे सौरभ बहुगुणा भी उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय हैं और मौजूदा उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर सौरभ बहुगुणा का नाम कैबिनेट मंत्रियों की सूची में दर्ज है. इस तरह यूपी की सियासत के इस किस्से में दो पिता-पुत्र की जोड़ियां सामने आती हैं. एक तरफ मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली. दूसरी तरफ हेमवती नंदन बहुगुणा और विजय बहुगुणा हैं, जहां पिता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और बेटे ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली.



Source link