ईरान से एक गुड न्यूज आई और कमोडिटी मार्केट में हलचल मच गई. क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. सोना- चांदी की रफ्तार पर भी अचानक ब्रेक लगती नजर आई. दरअसल, ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर अमेरिका उसके पोर्ट पर लगी नाकाबंदी हटा ले, तो वह सात दिनों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलने के लिए तैयार है. यहीं से सारा सीन पलट गया.
ईरान का मैसेज आते ही क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 2.05 प्रतिशत टूटकर 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. कॉमेक्स पर क्रूड ऑयल 2.59 प्रतिशत गिरकर 93 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया. एक हफ्ते पहले जहां कीमतें 109 डॉलर के करीब थीं, वहां अब 100 के नीचे आना बाजार के लिए बड़ा बदलाव है.
सऊदी अरब भी खोलने लगा पाइपलाइन
सऊदी अरब के ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को आंशिक रूप से फिर से शुरू किए जाने की खबर ने भी सप्लाई की कमी का डर कम किया है. हालांकि पूरी मरम्मत में अभी हफ्तों लग सकते हैं, लेकिन बाजार ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया.
सोना चांदी पर भी दिखा असर
गोल्ड और सिल्वर पर भी दबाव साफ दिखा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.65 प्रतिशत गिरकर 4350 डॉलर प्रति औंस के नीचे पहुंच गया. चांदी भी समान गिरावट के साथ 66 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करने लगी.
भारतीय बाजार में भी यही रुख दिखा. एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड 829 रुपये सस्ता होकर 1,52,265 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. चांदी 1174 रुपये टूटकर 2,38,143 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई.
आगे क्या रहने का अनुमान
क्रूड ऑयल की घरेलू कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई. एमसीएक्स पर अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 2.61 प्रतिशत गिरकर 8605 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. दिनभर में इसका लो लेवल 8529 रुपये तक गया.
बाजार के जानकारों का कहना है कि डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने कीमती धातुओं पर अतिरिक्त दबाव बनाया है. फेडरल रिजर्व अधिकारियों के सख्त रुख और महंगाई को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.